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साहब! पैमाईश के गाड़े पत्थर को उखाड़ दिया है विरोधियों ने
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मऊ। जनपद के सभी थानों में समाधान दिवस का आयोजन किया गया। कोपागंज थाने में जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल और पुलिस अधीक्षक घुले सुशील चंद्रभान जनता से रु-ब-रु हुए। क्षेत्र के भरथिया कादीपुर के एक किसान ने शिकायत किया कि साहब, एक जमीन की पैमाईश कराने के बाद राजस्व कर्मियों ने पुलिस की मौजूदगी में पत्थर गड़वाकर सीमांकन कर दिया था। लेकिन दबंग पड़ोसी ने पत्थर उखाड़कर फेंक दिया। एक साल से मैं थाना, तहसील पर चक्कर लगा रहा हूं। विपक्षी जबरदस्ती मेरी जमीन पर कब्जा किए हुए है। कुछ ऐसे ही भूमि विवाद के मामले अधिकांश समाधान दिवसों पर देखने को मिले।
भरथिया कादीपुर गांव के किसान पिंटू चौहान ने डीएम से कहा कि उसकी जमीन पर गांव के ही दबंग ने कब्जा कर रखा है। एक साल पहले तहसील दिवस में शिकायत करने पर तत्कालीन डीएम के निर्देश पर 18 नवंबर 2019 को राजस्व टीम द्वारा पैमाईश कराकर पत्थर गड़वाया गया था। उस पत्थर को दबंग पड़ोसी ने उखाड़कर फेंक दिया और जमीन पर कब्जा कर लिया। उसी समय से पिंटू तहसील और थाने का चक्कर लगा रहा है। डीएम ने राजस्व टीम गठित कर पुलिस बल के साथ पैमाईश कराकर पत्थर गड़वाकर कब्जा दिलाने का निर्देश दिया।
इसी प्रकार जयराम गढ़ गांव निवासी राजेश राम ने शिकायत किया कि एक साल पहले उसकी जमीन को राजस्व और पुलिस टीम ने पैमाईश करके कब्जा दिलाया था। लेकिन राजस्व टीम के वापस लौटते ही दबंग ने फिर कब्जा कर लिया। डीएम ने यहां भी राजस्व टीम को पैमाईश करके जमीन पर उसके मालिक को कब्जा दिलाने का निर्देश दिया।
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शहरोज गांव निवासी शिवकुमार राय ने अपनी शिकायत में कहा कि एनएचआई के अधिकारियों ने बिना उसकी जमीन का मुआवजा दिए ही उसका नलकूप उखाड़ दिया और नलकूप वाला घर तोड़ दिया। इस बाबत वह एक साल से दौड़ रहा है लेकिन उसकी बात कहीं सुनी नहीं जा रही है। इस पर डीएम ने शिवकुमार को एसडीएम सदर के पास जाने को कहा।
सदर तहसील के महुवार गांव निवासी धनंजय सिंह ने शिकायत की कि उसकी जमीन पर कुछ लोग जबरदस्ती मड़ई डालकर रह रहे हैं। खाली करने को कहने पर जमीन खाली नहीं कर रहे हैं, उल्टे धमकी देते हैं। कोपागंज में समाधान दिवस पर कुल 12 शिकायतें आईं और ये सभी भूमि विवाद से जुड़ी थीं। इनमें से महज तीन का निपटारा हो सका। इसी प्रकार मुहम्मदाबाद गोहना में कुल19 शिकायतें आईं इनमें से 14 भूमि विवाद की थीं। इनमें से छह का निपटारा मौके पर ही कर दिया गया। उधर मधुबन थाने पर आठ शिकायतें आईं। इनमें से पांच भूमि विवाद की थीं और तीन पुलिस से जुड़ी। इनमें से पांच का निपटारा कर दिया गया।
कमिश्नर ने दिया था केस का आदेश
पैमाईश के बाद गाड़े गए पत्थर और खूंटे उखाड़कर फेंक देने की शिकायतें अधिक आती हैं। ऐसे मामलों में दुर्बल पक्ष थाने और तहसील का चक्कर ही लगाता रह जाता है। ऐसे मामलों में तत्कालीन मंडलायुक्त कनक त्रिपाठी का बड़ा ही सख्त रवैया था। कनक त्रिपाठी का स्पष्ट आदेश था कि ऐसी शिकायतें मिलने पर खूंटा उखाड़ने के आरोपी के विरुद्ध प्रभावी धाराओं के तहत केस दर्ज किया जाए। उन्होंने कई मामलों में दबंगों पर एफआईआर दर्ज करवाए। लेकिन इस समय ऐसे मामलों की बाढ़ सी आई है। इसी लिए काफी मशक्कत के बार होने वाली पैमाईश के बाद गाढ़े गए पत्थरों के उखाड़े जाने के बाद फरियादियों के हौसले पस्त हो जाते हैं और वे थाना तहसील के चक्कर काटते काटते थक कर हार जाते हैं।
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भरथिया कादीपुर गांव के किसान पिंटू चौहान ने डीएम से कहा कि उसकी जमीन पर गांव के ही दबंग ने कब्जा कर रखा है। एक साल पहले तहसील दिवस में शिकायत करने पर तत्कालीन डीएम के निर्देश पर 18 नवंबर 2019 को राजस्व टीम द्वारा पैमाईश कराकर पत्थर गड़वाया गया था। उस पत्थर को दबंग पड़ोसी ने उखाड़कर फेंक दिया और जमीन पर कब्जा कर लिया। उसी समय से पिंटू तहसील और थाने का चक्कर लगा रहा है। डीएम ने राजस्व टीम गठित कर पुलिस बल के साथ पैमाईश कराकर पत्थर गड़वाकर कब्जा दिलाने का निर्देश दिया।
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इसी प्रकार जयराम गढ़ गांव निवासी राजेश राम ने शिकायत किया कि एक साल पहले उसकी जमीन को राजस्व और पुलिस टीम ने पैमाईश करके कब्जा दिलाया था। लेकिन राजस्व टीम के वापस लौटते ही दबंग ने फिर कब्जा कर लिया। डीएम ने यहां भी राजस्व टीम को पैमाईश करके जमीन पर उसके मालिक को कब्जा दिलाने का निर्देश दिया।
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शहरोज गांव निवासी शिवकुमार राय ने अपनी शिकायत में कहा कि एनएचआई के अधिकारियों ने बिना उसकी जमीन का मुआवजा दिए ही उसका नलकूप उखाड़ दिया और नलकूप वाला घर तोड़ दिया। इस बाबत वह एक साल से दौड़ रहा है लेकिन उसकी बात कहीं सुनी नहीं जा रही है। इस पर डीएम ने शिवकुमार को एसडीएम सदर के पास जाने को कहा।
सदर तहसील के महुवार गांव निवासी धनंजय सिंह ने शिकायत की कि उसकी जमीन पर कुछ लोग जबरदस्ती मड़ई डालकर रह रहे हैं। खाली करने को कहने पर जमीन खाली नहीं कर रहे हैं, उल्टे धमकी देते हैं। कोपागंज में समाधान दिवस पर कुल 12 शिकायतें आईं और ये सभी भूमि विवाद से जुड़ी थीं। इनमें से महज तीन का निपटारा हो सका। इसी प्रकार मुहम्मदाबाद गोहना में कुल19 शिकायतें आईं इनमें से 14 भूमि विवाद की थीं। इनमें से छह का निपटारा मौके पर ही कर दिया गया। उधर मधुबन थाने पर आठ शिकायतें आईं। इनमें से पांच भूमि विवाद की थीं और तीन पुलिस से जुड़ी। इनमें से पांच का निपटारा कर दिया गया।
कमिश्नर ने दिया था केस का आदेश
पैमाईश के बाद गाड़े गए पत्थर और खूंटे उखाड़कर फेंक देने की शिकायतें अधिक आती हैं। ऐसे मामलों में दुर्बल पक्ष थाने और तहसील का चक्कर ही लगाता रह जाता है। ऐसे मामलों में तत्कालीन मंडलायुक्त कनक त्रिपाठी का बड़ा ही सख्त रवैया था। कनक त्रिपाठी का स्पष्ट आदेश था कि ऐसी शिकायतें मिलने पर खूंटा उखाड़ने के आरोपी के विरुद्ध प्रभावी धाराओं के तहत केस दर्ज किया जाए। उन्होंने कई मामलों में दबंगों पर एफआईआर दर्ज करवाए। लेकिन इस समय ऐसे मामलों की बाढ़ सी आई है। इसी लिए काफी मशक्कत के बार होने वाली पैमाईश के बाद गाढ़े गए पत्थरों के उखाड़े जाने के बाद फरियादियों के हौसले पस्त हो जाते हैं और वे थाना तहसील के चक्कर काटते काटते थक कर हार जाते हैं।