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Mau News: पंचायत भवन के तीन कमरों में तीन स्कूलाें का संचालन

Mon, 17 Apr 2023 11:56 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 17 Apr 2023 11:56 PM IST
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Operation of three schools in three rooms of Panchayat Bhavan
कोपागंज। वाराणसी-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग की जद में आए ब्लाक क्षेत्र के सहरोज स्थित तीन परिषदीय विद्यालयों का भवन गिराए जाने के दो वर्ष बाद भी नहीं बनाया सका है। हालत यह है कि तीन विद्यालय पंचायत भवन के तीन छोटे-छोटे कमरों में संचालित हो रहे हैं। यहां बुनियादी सुविधाएं बहाल तक नहीं की जा सकी है।इससे पठन पाठन में व्यवधान हो रहा है। स्कूल की हालत देखकर अभिभावक अपने बच्चों का नामांकन कराने से कतरा रहे हैं। सब कुछ जानकर आला अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। कोपागंज विकास खंड क्षेत्र के सहरोज स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय, कंपोजिट विद्यालय, प्राथमिक विद्यालय में लगभग 300 बच्चे अध्ययनरत हैं। दो वर्ष पूर्व वाराणसी गोरखपुर राजमार्ग की जद में आए फोरलेन में जाने से विद्यालय भवन को गिराकर सड़क का निर्माण कर दिया गया। लेकिन भवन गिराए जाने के दो वर्ष बाद भी विद्यालय का भवन निर्माण नहीं कराया जा सका है। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मानें तो एनएचआई ने विद्यालय भवन गिराए जाने के पूर्व बजट जारी करने का वायदा किया था। बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से 537.33 लाख का स्टीमेट बनाकर एनएचआई के परियोजना निदेशक को भेजा था, लेकिन आज तक बजट जारी नहीं किया जा सका है। विभागीय लापरवाही से विद्यालय का भवन न होने से विद्यालय का संचालन पंचायत भवन के तीन छोटे-छोटे कमरों में संचालन हो रहा है। तीनो विद्यालयों का पंचायत भवन में चलने से
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पठन पाठन बाधित हो रहा है। कम जगह होने के चलते छात्र अपनी कक्षा में नहीं बैठ पा रहे है। जबकि अध्यापको द्वारा किसी तरह एक एक कमरों में दो दो कक्षा के छात्रों को पढाई करना पड़ रहा है। यही नहीं यहां बुनियादी सुविधाएं तक बहाल नहीं हो सकी है। विद्यालय की स्थिति देख अभिभावक नामांकन कराने से कतरा रहे हैं। सहरोज के पूर्व ग्राम प्रधान योगेश राय का कहना है कि एनएचआई तथा बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियो द्वारा बच्चो के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। विद्यालय भवन के निर्माण न होने बच्चो की पढ़ाई बाधित हो रही है। अगर जल्द से जल्द विद्यालय भवनों का निर्माण नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
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कोट
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विद्यालयों के भवन बनाए जाने के लिए 537.33 लाख का स्टीमेट एनएचआई के परियोजना निदेशक, गोरखपुर को भेजा गया था। कई बार रिमाइंडर भी भेजा गया है। - अजीत तिवारी, जिला समन्वयक, निर्माण, बेसिक शिक्षा विभाग
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