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Mau News: 25 दिन पहले सील अस्पताल में इलाज के दौरान एक माह की बच्ची की मौत
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बोझी में संचालित अस्पताल में बच्ची की मौत के बाद आक्रोशित परिजन ।संवाद
अमिला। घोसी कोतवाली क्षेत्र के बोझी में स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। करीब 25 दिन पहले सील किए गए एक अस्पताल में बृहस्पतिवार को इलाज के दौरान एक माह की बच्ची की मौत हो गई।
बच्ची की मौत से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने अमिला-बोझी मुख्य मार्ग पर शव रखकर करीब एक घंटे तक जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद अस्पताल संचालक ताला लगाकर मौके से फरार हो गया।
इसी अस्पताल में बीते 26 जुलाई को इलाज के लिए पहुंची एक प्रसूता और उसके परिजनों के साथ मारपीट का मामला भी सामने आया था। बड़राव ब्लॉक क्षेत्र के लोकवली गांव निवासी राहुल यादव बृहस्पतिवार सुबह अपनी एक माह की बेटी रितिका को इलाज के लिए बोझी स्थित अस्पताल लेकर पहुंचे थे।
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अस्पताल यूनियन बैंक से करीब 50 मीटर की दूरी पर संचालित बताया जा रहा है। परिजनों के मुताबिक उपचार के बाद अस्पताल के चिकित्सकों ने बच्ची को घर ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजन बच्ची को लेकर घर के लिए निकल गए।
परिजनों के अनुसार अस्पताल से करीब तीन किलोमीटर दूर पहुंचने पर बच्ची की हालत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद वे उसे लेकर दोबारा अस्पताल पहुंचे और वहां मौजूद चिकित्सक से बच्ची की गंभीर हालत बताते हुए उपचार करने का अनुरोध किया। आरोप है कि इसी दौरान चिकित्सक और परिजनों के बीच कहासुनी हो गई।
परिजनों का आरोप है कि चिकित्सक ने कहा कि बच्ची को करीब 40 मिनट पहले अस्पताल लाया गया होता तो उसे बचाया जा सकता था, लेकिन अब उसकी मौत हो चुकी है। बच्ची की मौत की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए।
परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में गलत इलाज और दवा देने के कारण बच्ची की मौत हुई है। इसके बाद आक्रोशित लोगों ने बच्ची का शव अमिला-बोझी मुख्य मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। करीब एक घंटे तक मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित लोगों को समझाकर जाम समाप्त कराया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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बच्ची की मौत से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने अमिला-बोझी मुख्य मार्ग पर शव रखकर करीब एक घंटे तक जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद अस्पताल संचालक ताला लगाकर मौके से फरार हो गया।
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इसी अस्पताल में बीते 26 जुलाई को इलाज के लिए पहुंची एक प्रसूता और उसके परिजनों के साथ मारपीट का मामला भी सामने आया था। बड़राव ब्लॉक क्षेत्र के लोकवली गांव निवासी राहुल यादव बृहस्पतिवार सुबह अपनी एक माह की बेटी रितिका को इलाज के लिए बोझी स्थित अस्पताल लेकर पहुंचे थे।
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अस्पताल यूनियन बैंक से करीब 50 मीटर की दूरी पर संचालित बताया जा रहा है। परिजनों के मुताबिक उपचार के बाद अस्पताल के चिकित्सकों ने बच्ची को घर ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजन बच्ची को लेकर घर के लिए निकल गए।
परिजनों के अनुसार अस्पताल से करीब तीन किलोमीटर दूर पहुंचने पर बच्ची की हालत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद वे उसे लेकर दोबारा अस्पताल पहुंचे और वहां मौजूद चिकित्सक से बच्ची की गंभीर हालत बताते हुए उपचार करने का अनुरोध किया। आरोप है कि इसी दौरान चिकित्सक और परिजनों के बीच कहासुनी हो गई।
परिजनों का आरोप है कि चिकित्सक ने कहा कि बच्ची को करीब 40 मिनट पहले अस्पताल लाया गया होता तो उसे बचाया जा सकता था, लेकिन अब उसकी मौत हो चुकी है। बच्ची की मौत की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए।
परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में गलत इलाज और दवा देने के कारण बच्ची की मौत हुई है। इसके बाद आक्रोशित लोगों ने बच्ची का शव अमिला-बोझी मुख्य मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। करीब एक घंटे तक मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित लोगों को समझाकर जाम समाप्त कराया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।