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ओमप्रकाश राजभर को सबक सिखाने के लिए पार्टी बनाई
Wed, 26 Dec 2018 11:14 PM IST
पवन सिंह
mau
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Published by: पवन सिंह
Updated Wed, 26 Dec 2018 11:14 PM IST
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भारतीय संघर्ष समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मदन राजभर
- फोटो : mau
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नवगठित भारतीय संघर्ष समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मदन राजभर ने बुधवार को कहा कि सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर मिशन से भटक गए हैं। आजीवन चुनाव न लड़ने की बात करने, हमेशा किसी राजभर के बेटे को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाने का दावा करने वाले ओमप्रकाश समाज के साथ छल कर रहे हैं। राजभर समाज के हित से उनका कोई सरोकार नहीं रह गया है। इसलिए भारतीय सुहेलदेव समाज पार्टी के संस्थापक सदस्यों ने अलग होकर उनको सबक सिखाने के लिए भारतीय संघर्ष समाज पार्टी का गठन किया है। मदन राजभर बुधवार को रतनपुरा में पत्रकार वार्ता कर रहे थे।
सुभासपा के मंडल महासचिव रहे मदन राजभर ने आरोप लगाया कि कभी कोई पद न लेने की बात कहने वाले ओमप्रकाश ने भाजपा जैसी पार्टी से समझौता कर राजभर समाज के लोगों को बेचने का काम किया है।
विधानसभा चुनाव में आठ सीट मिलने पर चार सीट अनुसूचित जाति को, चार सीटों में बलिया के बांसडीह से बेटे को, रसड़ा विस क्षेत्र से पत्नी को और गाजीपुर के जहूराबाद से स्वयं और मऊ के सदर सीट पर अपने रिश्तेदार को टिकट देकर ओमप्रकाश राजभर ने चुनाव लड़ाया।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार बनने के बाद राजभर समाज को अलग से आरक्षण दिलाने की व्यवस्था की बात करने वाले ओमप्रकाश चुनाव जीतने के बाद मंत्री बने तो सब भूल गए। दो साल से ऊपर हो गए लेकिन आज तक ओमप्रकाश ने राजभर समाज के लिए कोई काम नहीं किया।
मदन राजभर ने कहा कि ओमप्रकाश के छल से आहत होकर ही उन्होंने ‘भारतीय संघर्ष समाज पार्टी’ का गठन कर राजभर समाज के लिए संघर्ष करने की बीड़ा उठाया है। कहा कि पार्टी बनाने मेें मोती लाल राजभर, रामविलास राजभर, रामाज्ञा कवि, विजय शंकर राजभर, सुशीला राजभर ने उनका सहयोग किया है।
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सुभासपा के मंडल महासचिव रहे मदन राजभर ने आरोप लगाया कि कभी कोई पद न लेने की बात कहने वाले ओमप्रकाश ने भाजपा जैसी पार्टी से समझौता कर राजभर समाज के लोगों को बेचने का काम किया है।
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विधानसभा चुनाव में आठ सीट मिलने पर चार सीट अनुसूचित जाति को, चार सीटों में बलिया के बांसडीह से बेटे को, रसड़ा विस क्षेत्र से पत्नी को और गाजीपुर के जहूराबाद से स्वयं और मऊ के सदर सीट पर अपने रिश्तेदार को टिकट देकर ओमप्रकाश राजभर ने चुनाव लड़ाया।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार बनने के बाद राजभर समाज को अलग से आरक्षण दिलाने की व्यवस्था की बात करने वाले ओमप्रकाश चुनाव जीतने के बाद मंत्री बने तो सब भूल गए। दो साल से ऊपर हो गए लेकिन आज तक ओमप्रकाश ने राजभर समाज के लिए कोई काम नहीं किया।
मदन राजभर ने कहा कि ओमप्रकाश के छल से आहत होकर ही उन्होंने ‘भारतीय संघर्ष समाज पार्टी’ का गठन कर राजभर समाज के लिए संघर्ष करने की बीड़ा उठाया है। कहा कि पार्टी बनाने मेें मोती लाल राजभर, रामविलास राजभर, रामाज्ञा कवि, विजय शंकर राजभर, सुशीला राजभर ने उनका सहयोग किया है।