{"_id":"664917ed958f9df4da033434","slug":"no-beds-in-chc-heatstroke-patients-treated-on-benches-mau-news-c-295-1-svns1028-112805-2024-05-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mau News: सीएचसी में बेड नहीं, बेंच पर हीटस्ट्रोक के मरीजों का इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mau News: सीएचसी में बेड नहीं, बेंच पर हीटस्ट्रोक के मरीजों का इलाज
विज्ञापन
मधुबन। सीएचसी मधुबन में मरीजों के लिए बेड नहीं है। हीटस्ट्रोक और डायरिया के मरीजों को बेंच पर लिटाकर इलाज किया जा रहा है। तहसील में तेज धूप एवं गर्मी से हीटस्ट्रोक, डायरिया के मरीज बढ़े हैं। शनिवार को सीएचसी फतेहपुर मंडाव पर 10 से अधिक मरीज सीएचसी पहुंचे। हालत यह रही कि अस्पताल में बेड की कमी हो गई। ऐसे में इन मरीजों को बाहर बेंच या टेबल पर लिटा कर ही उपचार करना पड़ा।
शनिवार को सीएचसी फतेहपुर मंडाव पर मर्यादपुर से आई काजल, फतेहपुर की मरियम, सूरजपुर की राजकुमारी, गोपालपुर के दयानंद, कमलसागर की मीरा सहित 10 से अधिक मरीजों का उपचार चलता रहा। यह सभी हीटस्ट्रोक के शिकार रहे। अस्पताल में बेड की कमी के कारण इनमें कई मरीजों का बाहर बेंच पर लिटा कर उपचार किया गया। यहां पर तैनात डॉक्टरों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से यहां ऐसे मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। सीएचसी के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आरके गौतम ने बताया कि लू लगने पर सिर में तेज दर्द होता है। चक्कर आना और सांस में तकलीफ जैसी समस्याएं होने लगती हैं। शुरुआत में इन लक्षणों की तीव्रता काफी कम होती है। लेकिन समय के साथ-साथ ये बढ़ते जाते हैं। लू लगने पर अचानक से तेज बुखार आ जाता है। शरीर में गर्मी बढ़ती जाती है। शरीर में गर्मी बढ़ने के बावजूद भी लू लगने के दौरान शरीर से पसीना नहीं निकलता है। लू लगने पर मरीज को तुरंत छायादार जगह पर या ठंडी जगह पर लिटायें। शरीर को ठंडा रखने के लिए शरीर पर ठंडे पानी की पट्टियां लगाएं। घर के खिड़की दरवाजे खोल दें। कूलर या एसी चालू कर दें। अगर मरीज लू लगने से बेहोश हो गया है तो तुरंत डॉक्टर के पास लेकर जाएं।
विज्ञापन
शनिवार को सीएचसी फतेहपुर मंडाव पर मर्यादपुर से आई काजल, फतेहपुर की मरियम, सूरजपुर की राजकुमारी, गोपालपुर के दयानंद, कमलसागर की मीरा सहित 10 से अधिक मरीजों का उपचार चलता रहा। यह सभी हीटस्ट्रोक के शिकार रहे। अस्पताल में बेड की कमी के कारण इनमें कई मरीजों का बाहर बेंच पर लिटा कर उपचार किया गया। यहां पर तैनात डॉक्टरों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से यहां ऐसे मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। सीएचसी के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आरके गौतम ने बताया कि लू लगने पर सिर में तेज दर्द होता है। चक्कर आना और सांस में तकलीफ जैसी समस्याएं होने लगती हैं। शुरुआत में इन लक्षणों की तीव्रता काफी कम होती है। लेकिन समय के साथ-साथ ये बढ़ते जाते हैं। लू लगने पर अचानक से तेज बुखार आ जाता है। शरीर में गर्मी बढ़ती जाती है। शरीर में गर्मी बढ़ने के बावजूद भी लू लगने के दौरान शरीर से पसीना नहीं निकलता है। लू लगने पर मरीज को तुरंत छायादार जगह पर या ठंडी जगह पर लिटायें। शरीर को ठंडा रखने के लिए शरीर पर ठंडे पानी की पट्टियां लगाएं। घर के खिड़की दरवाजे खोल दें। कूलर या एसी चालू कर दें। अगर मरीज लू लगने से बेहोश हो गया है तो तुरंत डॉक्टर के पास लेकर जाएं।
विज्ञापन