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Mau News: बच्चे की मौत में लापरवाही, 3 बार ज्ञापन, फिर भी कार्रवाई नहीं
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घोसी में बड़ागांव मोहल्ले में सोमवार जिस जगह बच्चे की मौत हुई, उस एक किलोमीटर लंबे नाले में 200 घरों के गंदा पानी गिरता है। घोसी नगर पंचायत की तरफ से इस नाले पर यूं तो कागजों में पूरी पटिया बिछाया होना दिखाया गया, लेकिन वास्तविकता में अब भी यह करीब 50 मीटर अधूरा पड़ा है। इसको पटिया से ढंकने के लिए तीन बार ज्ञापन सौंपा गया। लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
इसके चलते घर के बाहर खेल रहा अभय नाले में जा गिरा, नाले से चाहकर भी अभय बाहर निकल न सका और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद बस्ती की रीना देवी, संजू देवी, राधिका देवी, राजकुमारी, सितारा देवी आदि महिलाओं ने बताया कि जब खुले नाले पर जब भी पटिया बिछाने के लिए शिकायत की गई तो नगर पंचायत के कर्मचारी एवं अधिकारी पटिया नहीं होने का हवाला देते हुए लौटा देते थे। घर से महज 20 मीटर दूर बने नाले पर 50 मीटर तक पटिया नहीं लगी थी।
जिले में यह तीन साल में खुले नाले के चलते मासूमों के जान जाने की दूसरी घटना है। पिता शिवकुमार ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए घोसी कोतवाली में ईओ और नगर पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ तहरीर दी है। इस पर मुकदमा दर्जकर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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नगर पंचायत घोसी के मुहल्ला बड़ा गांव निवासी अभय राजभर (ढाई साल) पुत्र शिवकुमार राजभर सोमवार की सुबह 9:30 बजे अपने घर के पास कहीं खेल रहा था। आधा घंटे बाद उसकी मां सरिता और परिजन उसे खोजने लगे, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। ढाई घंटे बाद घर से 20 मीटर की दूरी पर नाले में कपड़ा उतराया दिखा तो उसे निकाला गया। परिजन उसे घाेसी सीएचसी पर लेकर गए, जहां जांच के बाद चिकित्सक ने मासूम को मृत घोषित कर दिया।
घर के पास बना नाला एक किलोमीटर लंबा, तीन फीट चौड़ा और छह फीट गहरा है। मृतक तीन भाई थे। बालक की मौत से परिजन का रो-रोकर हाल बेहाल था।
पिता शिवकुमार ने घोसी कोतवाली में नगर पंचायत के ईओ और अध्यक्ष के खिलाफ तहरीर दी, जिसमें आरोप लगाया कि उसके घर के सामने से गए नाला खुला पड़ा हुआ है, कई बार शिकायत के बाद इसे सुरक्षित करने के लिए पटिया नहीं बिछाया गया। जिसके चलते उसके बेटे की जान चली गई।
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इसके चलते घर के बाहर खेल रहा अभय नाले में जा गिरा, नाले से चाहकर भी अभय बाहर निकल न सका और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद बस्ती की रीना देवी, संजू देवी, राधिका देवी, राजकुमारी, सितारा देवी आदि महिलाओं ने बताया कि जब खुले नाले पर जब भी पटिया बिछाने के लिए शिकायत की गई तो नगर पंचायत के कर्मचारी एवं अधिकारी पटिया नहीं होने का हवाला देते हुए लौटा देते थे। घर से महज 20 मीटर दूर बने नाले पर 50 मीटर तक पटिया नहीं लगी थी।
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जिले में यह तीन साल में खुले नाले के चलते मासूमों के जान जाने की दूसरी घटना है। पिता शिवकुमार ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए घोसी कोतवाली में ईओ और नगर पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ तहरीर दी है। इस पर मुकदमा दर्जकर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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नगर पंचायत घोसी के मुहल्ला बड़ा गांव निवासी अभय राजभर (ढाई साल) पुत्र शिवकुमार राजभर सोमवार की सुबह 9:30 बजे अपने घर के पास कहीं खेल रहा था। आधा घंटे बाद उसकी मां सरिता और परिजन उसे खोजने लगे, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। ढाई घंटे बाद घर से 20 मीटर की दूरी पर नाले में कपड़ा उतराया दिखा तो उसे निकाला गया। परिजन उसे घाेसी सीएचसी पर लेकर गए, जहां जांच के बाद चिकित्सक ने मासूम को मृत घोषित कर दिया।
घर के पास बना नाला एक किलोमीटर लंबा, तीन फीट चौड़ा और छह फीट गहरा है। मृतक तीन भाई थे। बालक की मौत से परिजन का रो-रोकर हाल बेहाल था।
पिता शिवकुमार ने घोसी कोतवाली में नगर पंचायत के ईओ और अध्यक्ष के खिलाफ तहरीर दी, जिसमें आरोप लगाया कि उसके घर के सामने से गए नाला खुला पड़ा हुआ है, कई बार शिकायत के बाद इसे सुरक्षित करने के लिए पटिया नहीं बिछाया गया। जिसके चलते उसके बेटे की जान चली गई।