{"_id":"5cffddc2bdec22071a38a838","slug":"near-monsoon-drains-are-not-clean","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानसून नजदीक, नाले साफ नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानसून नजदीक, नाले साफ नहीं
Tue, 11 Jun 2019 10:28 PM IST
पवन सिंह
mau
mau
Published by: पवन सिंह
Updated Tue, 11 Jun 2019 10:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मानसून नजदीक है। ऐसे में शहर के नालों और नालियों की सफाई नहीं होने से इलाकों में जलभराव की समस्या से लोग दो चार होंगे। उधर, नगर पालिका की मानसून पूर्व की तैयारी आधी अधूरी है। जबकि बरसात होते ही विभिन्न वार्डों में जलभराव की समस्या आ खड़ी होगी। वहीं, विभागीय लापरवाही की स्थिति यह है कि देर से 14 नालों का टेंडर किया गया है। सफाई कब शुरू होगी कहा नहीं जा सकता।
विभागीय लापरवाही की स्थिति यह है कि पालिका क्षेत्र के 42 वार्डो में 14 बड़े नाले तथा 42 छोटे नाले नालियां है। मानसून से पूर्व नालों की सफाई मई माह में कर ली जाती है। ताकि 15 जून से पूर्व नालों की सफाई हो सके। सूत्रों की माने तो नगर पालिका द्वारा इस बार नगर के 14 बड़े नालों का टेंडर किया गया है, ऐसे में पानी बरसने पर होने वाली दिक्कतों को अच्छी तरह समझा जा सकता है।
बताते चले कि पहले नगरपालिका में पहले 36 वार्ड थे। लेकिन नए परिसीमन में वार्डों की संख्या 42 हो गई हैं। मानसून नजदीक होने के बावजूद जलजमाव की समस्या के मद्देनजर अभी तक नालों तथा सार्वजनिक नालियों की साफ सफाई का कार्य पूरा तो दूर शुरू भी नहीं किया जा सका है। ऐसे में अगर बरसात होगी तो नाला नालियों का गंदा पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बहेगा। वर्तमान में साफ सफाई न होने से नगरपालिका के सईदी रोड, ख्वाजाजहांपुर, भीटी, मुंशीपुरा सहित अधिकांश वार्डों में सार्वजनिक नालियां जाम पड़ी हैं। नालों की स्थिति दयनीय है, लेकिन पूरी तरह से पैक कर दिए जाने के चलते वास्तविक स्थिति का पता नहीं चल पा रहा है।
विज्ञापन
बरसात मेें निजामुद्दीनपुरा, संस्कृत पाठशाला, मुंशीपुरा, रघुनाथपुरा, बहादुरगंज रोड, दक्षिणटोला महरनिया में जलजमाव से लोगों को परेशानी होती है। हालत यह है कि साफ सफाई न होने से सार्वजनिक नालियों के जाम रहने से गंदा पानी गलियों में इधर उधर बह रहा है। इससे लोगों को गंदे पानी से होकर आना जाना पड़ रहा है। बरसात पूर्व नालों तथा नालियों की सफाई कार्य पूरा नहीं कराया गया जलजमाव की समस्या से लोगों को जूझना पड़ सकता है।
विज्ञापन
विभागीय लापरवाही की स्थिति यह है कि पालिका क्षेत्र के 42 वार्डो में 14 बड़े नाले तथा 42 छोटे नाले नालियां है। मानसून से पूर्व नालों की सफाई मई माह में कर ली जाती है। ताकि 15 जून से पूर्व नालों की सफाई हो सके। सूत्रों की माने तो नगर पालिका द्वारा इस बार नगर के 14 बड़े नालों का टेंडर किया गया है, ऐसे में पानी बरसने पर होने वाली दिक्कतों को अच्छी तरह समझा जा सकता है।
विज्ञापन
बताते चले कि पहले नगरपालिका में पहले 36 वार्ड थे। लेकिन नए परिसीमन में वार्डों की संख्या 42 हो गई हैं। मानसून नजदीक होने के बावजूद जलजमाव की समस्या के मद्देनजर अभी तक नालों तथा सार्वजनिक नालियों की साफ सफाई का कार्य पूरा तो दूर शुरू भी नहीं किया जा सका है। ऐसे में अगर बरसात होगी तो नाला नालियों का गंदा पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बहेगा। वर्तमान में साफ सफाई न होने से नगरपालिका के सईदी रोड, ख्वाजाजहांपुर, भीटी, मुंशीपुरा सहित अधिकांश वार्डों में सार्वजनिक नालियां जाम पड़ी हैं। नालों की स्थिति दयनीय है, लेकिन पूरी तरह से पैक कर दिए जाने के चलते वास्तविक स्थिति का पता नहीं चल पा रहा है।
विज्ञापन
बरसात मेें निजामुद्दीनपुरा, संस्कृत पाठशाला, मुंशीपुरा, रघुनाथपुरा, बहादुरगंज रोड, दक्षिणटोला महरनिया में जलजमाव से लोगों को परेशानी होती है। हालत यह है कि साफ सफाई न होने से सार्वजनिक नालियों के जाम रहने से गंदा पानी गलियों में इधर उधर बह रहा है। इससे लोगों को गंदे पानी से होकर आना जाना पड़ रहा है। बरसात पूर्व नालों तथा नालियों की सफाई कार्य पूरा नहीं कराया गया जलजमाव की समस्या से लोगों को जूझना पड़ सकता है।