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अधिकांश कोचिंग सेंटरों पर नहीं हैं सुरक्षा के इंतजाम
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मऊ। नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में कोचिंग सेंटर सुरक्षा मानक को ताक पर रखकर धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। अधिकांश कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा के इंतजाम तक नहीं किया जा सका है। संकरी गलियों और छोटे-छोटे कमरों ने संचालित इन कोचिंग सेंटरों में हर समय सूरत जैसे हादसे की आशंका बनी रहती है। इसके बावजूद संबंधित विभाग के अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों के चट्टी चौराहों पर कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं।
शिक्षा विभाग के अभिलेखों में लगभग 150 कोचिंग सेंटर पंजीकृत हैं। लगभग 50 कोचिंग सेंटरों के पंजीकरण के तीन वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन अभी तक नवीनीकरण नहीं कराए हैं, लेकिन कोचिंग सेंटर का संचालन जारी है। वर्ष 2019 में गुजरात के सूरत स्थित एक कोचिंग सेंटर में आग लग गई थी। घटना के दो वर्ष बाद भी विभाग ने हादसे से सबक नहीं लिया। हालत यह है के अधिकांश कोचिंग सेंटरों पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं किया जा सका है। इसके साथ ही अधिक छात्र छात्राओं का प्रवेश तो लिया गया है, लेकिन दस्तावेजों में भलेखों में 50 से कम दिखाया गया है। इससे सरकारी राजस्व की चपत लग रही है। कई कोचिंग सेंटर संकरी गलियों में भी चलते हैं।
मानकों की अनदेखी कर चलाए जा रहे कोचिंग सेंटरों के खिलाफ अभी तक संबंधित विभाग की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है। अवैध ढंग से संचालित हो रहे कोचिंग संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए संबंधित विभाग की ओर से टीमेें गठित की जाती है। लेकिन अभी तक टीमों ने बगैर मान्यता एवं मानकों को अनदेखी कर संचालित होने वाले किसी कोचिंग सेंटर के विरूद्ध कार्रवाई नहीं की जा सकी है।
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मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुभाष कुमार ने बताया कि कोचिंग संचालकों को एनओसी लेने का निर्देश दिया गया है। जांच में सुरक्षा मानक की अनदेखी करना पाया जाता है तो पंजीकरण निरस्त करने तथा कड़ी कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
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नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों के चट्टी चौराहों पर कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं।
शिक्षा विभाग के अभिलेखों में लगभग 150 कोचिंग सेंटर पंजीकृत हैं। लगभग 50 कोचिंग सेंटरों के पंजीकरण के तीन वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन अभी तक नवीनीकरण नहीं कराए हैं, लेकिन कोचिंग सेंटर का संचालन जारी है। वर्ष 2019 में गुजरात के सूरत स्थित एक कोचिंग सेंटर में आग लग गई थी। घटना के दो वर्ष बाद भी विभाग ने हादसे से सबक नहीं लिया। हालत यह है के अधिकांश कोचिंग सेंटरों पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं किया जा सका है। इसके साथ ही अधिक छात्र छात्राओं का प्रवेश तो लिया गया है, लेकिन दस्तावेजों में भलेखों में 50 से कम दिखाया गया है। इससे सरकारी राजस्व की चपत लग रही है। कई कोचिंग सेंटर संकरी गलियों में भी चलते हैं।
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मानकों की अनदेखी कर चलाए जा रहे कोचिंग सेंटरों के खिलाफ अभी तक संबंधित विभाग की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है। अवैध ढंग से संचालित हो रहे कोचिंग संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए संबंधित विभाग की ओर से टीमेें गठित की जाती है। लेकिन अभी तक टीमों ने बगैर मान्यता एवं मानकों को अनदेखी कर संचालित होने वाले किसी कोचिंग सेंटर के विरूद्ध कार्रवाई नहीं की जा सकी है।
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मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुभाष कुमार ने बताया कि कोचिंग संचालकों को एनओसी लेने का निर्देश दिया गया है। जांच में सुरक्षा मानक की अनदेखी करना पाया जाता है तो पंजीकरण निरस्त करने तथा कड़ी कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।