फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   More than 70 rural roads

Mau News: पाइपलाइन बिछाने के बाद 70 से अधिक ग्रामीण रास्तों की नहीं हुई मरम्मत

Tue, 24 Jun 2025 11:14 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 24 Jun 2025 11:14 PM IST
विज्ञापन
More than 70 rural roads
जल जीवन मिशन द्वारा पाइपलाइन बिछाने के बाद 70 से अधिक ग्रामीण सड़कों का मरम्मत नहीं की गई है। ईंट और गिट्टियां उखाड़ने के बाद बारिश में सड़कें कीचड़ बन गई हैं। कार्यदाई संस्थाओं की लापरवाही का नतीजा ग्रामीणों को झेलना पड़ रहा है। सड़क तोड़ने के बाद जिम्मेदार भूल गए हैं।
विज्ञापन

जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीणों को शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ओवरहेड टैंक निर्माण और घर घर पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू हुआ। पाइपलाइन बिछाने के लिए कार्यदाई संस्थाओं ने गांवों की अच्छी सड़कों को तोड़ दिया। दावा किया गया कि काम समाप्त होने के बाद ठेकेदारों ने मरम्मत नहीं कराई, जबकि इसके लिए कार्यदाई संस्था को अलग से बजट मिलता है।
विज्ञापन

तोड़ी गई अधिकांश सड़कें ऐसी हैं जो तोड़ने के एक साल या छह माह पहले आरसीसी और इंटरलॉकिंग हुई थीं। घोसी नगर पंचायत के बड़ागांव इमामबाड़ा जाने वाली इंटरलॉकिंग, कस्बा खास जाने वाला रास्ता, डाक बंगला जाने वाली इंटरलॉकिंग सड़क खोदने के बाद ईंट को उसी तरह रख दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रानीपुर ब्लॉक के पलिगढ़ गांव पाइपलाइन बिछाने के लिए खड़ंजा खोदकर पतला कर दिया गया है। इसी तरह धर्मसीपुर मंडूसरा, पलिगढ़ चकिया, महासो, फतेहपुर आदि गांवों में जल्द बने रास्तों को खोदकर खराब कर दिया गया है, अब तक मरम्मत नहीं हुई है। वहीं रतनपुरा ब्लॉक में दतौड़ा सहित कई गांवों में खोदी गई सड़कों का मरम्मत नहीं हुई है।
9 जुलाई 2023 को घोसी ब्लॉक क्षेत्र के पवनी गांव में छह माह पहले बने आरसीसी मार्ग को तोड़ा जा रहा था। नाराज ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर काम दिया था। तब से अब तक सड़क उसी तरह टूटी है। इसी तरह एक साल पहले पाइपलाइन बिछाने के लिए दोहरीघाट ब्लॉक के शाहपुर गांव की सभी सड़कों को तोड़ दिया गया। पनैली गांव के न्यायपुर में भी सड़क चलने लायक नहीं है। सियरही गांव की आरसीसी रोड को बीचोबीच से तोड़ दिया गया है। जनपद में बीते दो साल से 264 परियोजनाएं बंद पड़ी हैं। उच्चाधिकारियों द्वारा कार्यदाई संस्थाओं को बीते छह माह में 10 बार नोटिस दिया गया, बावजूद सुधार नहीं हो रहा है।

पाइपलाइन बिछाने के बाद टेस्टिंग की जाती है। जिसमें अधिकतम एक माह का समय लगता है। इसके बाद खोदी गई सड़कों की मरम्मत कर पहले जैसा बनाना होता है। इसके लिए ठेकेदार को बजट भी मिलता है। यदि काम पूरा होने के बाद भी सड़कों का मरम्मत नहीं हुई है तो संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। - रामेश्वर दयाल, अधिशासी अभियंता, जल निगम मऊ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed