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बारिश न होने से 50 प्रतिशत से अधिक धान की फसल सूखी

Thu, 14 Jul 2022 08:48 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 14 Jul 2022 08:48 PM IST
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More than 50 percent paddy crop dry due to lack of rain
मऊ। औसत से काफी कम वर्षा होने से जनपद में सूखे की स्थिति बन रही है। जिले में किसी भी नहर, तालाब और पोखरे में पानी नहीं है। बारिश न होने से 50 प्रतिशत से अधिक धान की फसल सूख गई जबकि सरकार का लक्ष्य है कि मऊ जनपद में धान की खेती लगभग 89 हेक्टेयर भूमि में होगी लेकिन अब तक 20 हजार हेक्टेयर भी धान की रोपाई नहीं हो पाई है। ऐसी स्थिति में खरीफ की मुख्य फसल धान की खेती को लेकर किसान चिंतित हैं। 15 जून से लेकर के 15 जुलाई के बीच का समय धान की रोपाई का मुख्य समय है। जून माह में औसतन सामान्य रूप से 107. 60 मिलीमीटर के सापेक्ष महज 54.82 मिली मीटर बारिश हुई है। जुलाई माह में सामान्यतया 148.50 मिली मीटर के सापेक्ष अब तक बिलकुल वर्षा नहीं हुई है। जिले के प्रगतिशील किसानों ने खेती की लागत कम करने के लिए जुताई कर धान के बीज खेतों में छिटवा दिया। कई किसानों ने सुपर सीड ड्रील से धान की बुवाई भी कर दी लेकिन भूमि में नमी नहीं रहने से धान अंकुरित होकर सूख गए। इसी तरह से दलहनी अरहर की फसल के बीज भी अंकुरित होकर तेज धूप और गर्मी से सूख गए। किसानों ने दोबारा खेतों में धान के बीज छिड़के वह भी नमी के अभाव में सूख गए। जिन किसानों ने रोपाई की है उनकी खेतों में दरारें पड़ गई हैं। धान की फसल पीली हो कर रोग ग्रस्त होकर सूख रही हैं। भाजपा किसान नेता राकेश सिंह चौहान ने जिलाधिकारी,अपर जिलाधिकारी तथा मुख्य विकास अधिकारी को पत्र लिखकर मांग की है कि जनपद में अवर्षण की स्थिति देखते हुए किसानों के लिए राहत की घोषणा की जाए। भाजपा किसान नेता ने कहा है कि जुलाई महीने में ऐसी धूप और गर्मी हो रही है कि आदमी का शरीर सूख जा रहा है। जिले में तापमान लगभग 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चढ़ जा रहा है। इस कारण सभी पशु पक्षी जानवर परेशान हैं और फसलें सूख रही हैं। ऐसी स्थिति में खरीफ की मुख्य फसल धान और अरहर की फसलों की क्षति 50 प्रतिशत से अधिक हो गई है। किसान नेता ने कहा है कि केंद्र सरकार ने मानक के अनुसार फसलों की 33 प्रतिशत से अधिक क्षति होने पर किसानों को मुआवजा ,क्षतिपूर्ति दी जाएगी। उन्होंने सूखे की वर्तमान स्थिति को देखते हुए किसान हित में कदम उठाने की मांग जिला प्रशासन से की है। इन्होंने 13 जुलाई को जिले में आए केंद्रीय राज्यमत्री , आयुष, महिला व बाल विकास कल्याण को भी पत्र देकर जिले के किसानों के सूखा की स्थिति से अवगत कराया है।
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