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Mau News: तनाव और अनियमित खानपान के चलते बढ़ रहा मानसिक तनाव
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जिला अस्पताल के ओपीडी में दवा काउंटर पर लगी भीड़।संवाद
- फोटो : नानपारा में बंद पड़ी गैस एजेंसी।
आधुनिक जीवनशैली, तनाव और अनियमित खानपान से लोगों में मानसिक तनाव बढ़ रहा है। जिला अस्पताल में शुगर (डायबिटीज) और ब्लड प्रेशर के मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज जांच और उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
चिकित्सकों के अनुसार पहले शुगर की बीमारी अधिक उम्र के लोगों में देखी जाती थी, लेकिन अब युवा वर्ग भी इसकी चपेट में आ रहा है। सोमवार को जिला अस्पताल में कुल 1,132 मरीज उपचार के लिए आए, जिनमें करीब 436 मरीजों ने फिजिशियन से उपचार लिया।
अनियमित खानपान, फास्ट फूड का बढ़ता चलन, शारीरिक गतिविधियों की कमी और लगातार बढ़ता मानसिक तनाव है। लोग समय रहते अपनी आदतों में सुधार नहीं करते। इससे छोटी समस्याएं आगे चलकर गंभीर बीमारियों का रूप ले लेती हैं।
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जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अनिल कुमार के अनुसार गलत खानपान, शारीरिक गतिविधियों की कमी, देर रात तक जागना और मानसिक तनाव इन बीमारियों के प्रमुख कारण हैं।
उन्होंने नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि समय रहते सावधानी बरती जाए तो शुगर और बीपी जैसी बीमारियों को नियंत्रित किया जा सकता है।
फिजिशियन डॉ. शैलेष ने कहा कि आज के समय में सबसे बड़ी चुनौती लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां हैं। उन्होंने बताया कि साफ-सफाई का ध्यान रखना, जंक फूड से दूरी बनाना और नियमित दिनचर्या अपनाना स्वस्थ जीवन की कुंजी है।
जिला महिला अस्पताल की चिकित्सक डॉ. चंद्रा सिंहा ने कहा कि महिलाओं को अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और जागरूकता से कई समस्याओं को शुरुआती चरण में ही रोका जा सकता है।
स्वस्थ रहने के जरूरी उपाय
रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें।
संतुलित और पौष्टिक आहार लें।
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं।
धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं।
पर्याप्त नींद (7-8 घंटे) लें।
तनाव को नियंत्रित रखें।
साफ-सफाई और स्वच्छता का ध्यान रखें।
फास्ट फूड और जंक फूड से बचें।
किसी भी बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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चिकित्सकों के अनुसार पहले शुगर की बीमारी अधिक उम्र के लोगों में देखी जाती थी, लेकिन अब युवा वर्ग भी इसकी चपेट में आ रहा है। सोमवार को जिला अस्पताल में कुल 1,132 मरीज उपचार के लिए आए, जिनमें करीब 436 मरीजों ने फिजिशियन से उपचार लिया।
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अनियमित खानपान, फास्ट फूड का बढ़ता चलन, शारीरिक गतिविधियों की कमी और लगातार बढ़ता मानसिक तनाव है। लोग समय रहते अपनी आदतों में सुधार नहीं करते। इससे छोटी समस्याएं आगे चलकर गंभीर बीमारियों का रूप ले लेती हैं।
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जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अनिल कुमार के अनुसार गलत खानपान, शारीरिक गतिविधियों की कमी, देर रात तक जागना और मानसिक तनाव इन बीमारियों के प्रमुख कारण हैं।
उन्होंने नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि समय रहते सावधानी बरती जाए तो शुगर और बीपी जैसी बीमारियों को नियंत्रित किया जा सकता है।
फिजिशियन डॉ. शैलेष ने कहा कि आज के समय में सबसे बड़ी चुनौती लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां हैं। उन्होंने बताया कि साफ-सफाई का ध्यान रखना, जंक फूड से दूरी बनाना और नियमित दिनचर्या अपनाना स्वस्थ जीवन की कुंजी है।
जिला महिला अस्पताल की चिकित्सक डॉ. चंद्रा सिंहा ने कहा कि महिलाओं को अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और जागरूकता से कई समस्याओं को शुरुआती चरण में ही रोका जा सकता है।
स्वस्थ रहने के जरूरी उपाय
रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें।
संतुलित और पौष्टिक आहार लें।
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं।
धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं।
पर्याप्त नींद (7-8 घंटे) लें।
तनाव को नियंत्रित रखें।
साफ-सफाई और स्वच्छता का ध्यान रखें।
फास्ट फूड और जंक फूड से बचें।
किसी भी बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।