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बिना पंजीकरण धड़ल्ले से चल रहे कोचिंग सेंटर

Sun, 28 Jul 2019 11:48 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 28 Jul 2019 11:48 PM IST
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मऊ। नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में बिना पंजीकरण के कोचिंग सेंटर धड़ल्ले से चल रहे हैं। छात्रों को उच्च अंक दिलाने, इंजीनियर व डाक्टर बनाने का प्रलोभन देकर भारी भरकम धनराशि ऐंठी जा रही। विभाग में केवल 153 कोचिंग सेंटर ही पंजीकृत हैं। यहां अग्निशमन यंत्र तक नहीं लगाया जा सका है। कई कोचिंग सेंटरों को अपरोक्ष रुप से सहायता प्राप्त तथा सरकारी विद्यालयों के शिक्षक चला रहे हैं। जबकि शासन की ओर से इस पर प्रतिबंधि है। छात्रों को परीक्षाओं में उच्च अंक दिलाने का सब्जबाग दिखाकर दाखिला दिलाने वाले कोचिंग सेंटरों की तादात बढ़ती ही जा रही है। कोचिंग सेंटरों में सरकारी तथा सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों के शामिल होने की शिकायत पर शासन की ओर से मामले को गंभीरता से लेते हुए कोचिंग सेंटरों पर लगाम कसने का फरमान दो दशक पूर्व जारी किया था। इसमें सरकार से वेतन पाने वाले शिक्षकों के कोचिंग करते पाए जाने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने का प्राविधान है। लेकिन विभागीय खानापूर्ति होने की स्थिति है कि कई कोचिंग सेंटरों में सहायता प्राप्त या सरकारी विद्यालयों के शिक्षक पढ़ा रहे हैं या उन्हें संरक्षण दे रहे। इसी का फायदा उठाते हुए कोचिंग संचालक छात्रों से मोटी रकम ऐंठ रहे हैं। प्रबुद्ध वर्ग की मानें तो पहली कक्षा से ही ट्यूशन शुरू हो गई है। स्नातक स्तर की पढ़ाई तो अब पूरी तरह ट्यूशन पर निर्भर है। गांव, कस्बा, बाजार में कोचिंग संस्थानों के बड़े-बड़े बोर्ड लगे देख जा सकते हैं। आंकड़ों पर नजर डाला जाए तो सदर तहसील में 60, मुहम्मदाबादगोहना में 14, मधुबन में 35, घोसी मेें 44 सहित 153 सेंटर पंजीकृत हैं। अधिकांश कोचिंग सेंटरों में सुविधाएं नहीं हैं। लेकिन छात्र छात्राओं से मनमाना फीस वसूली जाती है। तत्कालीन डीआईओएस डॉ. केसी भारती ने कोचिंग सेंटरों की जांच पड़ताल के लिए टीम गठित की थी। ऐसे में लेकिन खंड शिक्षा अधिकारियों पर काम का बोझ अधिक रहने के चलते जिला प्रशासन ने जांच करने की जिम्मेदारी उपजिलाधिकारियों को सौंपी है। जिला प्रशासन के निर्देश पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने तहसीलवार डाटा उपजिलाधिकारियों को भेजा है। उपजिलाधिकारी पंजीकृत तथा गैर पंजीकृत कोचिंग सेंटरों की जांच पड़ताल करेंगे। इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि कोचिंग सेंटरों की सूची तहसीलवार भेज दी गई है।
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