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फसल बीमा योजना में मऊ सूबे में अव्वल
ब्यूरो/ अमर उजाला /मऊ
Updated Sun, 16 Oct 2016 11:15 PM IST
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सिकंदरपुर क्षेत्र के कठौड़ा गांव के समीप रेगुलेटर के रिसाव से खेत में लगा पानी।
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भारतेंदु मिश्र
मऊ।
केंद्र और प्रदेश सरकार के संयुक्त प्रयास से शुरू प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर जिले के किसानों ने पर्याप्त उत्साह दिखाया है। सितंबर 2016 तक के आंकड़ों के मुताबिक योजना के तहत फसलों का बीमा कराने में मऊ जिला प्रदेश में अव्वल आया है। यहां लक्ष्य से 160 फीसदी अधिक किसानों का रजिस्ट्रेशन कराया गया है। इस योजना के तहत फसल का नुकसान होने पर इसका सीधा लाभ किसान को उसके खाते में मिलेगा।
1713 वर्ग के क्षेत्रफल में फैले मऊ जिले की आबादी करीब 23 लाख है। इसमें चार तहसीलों और नौ ब्लाकों में करीब दो लाख 62 हजार किसान हैं। जिले में कुल भूमि एक लाख 41 हजार हेक्टेयर के सापेक्ष एक लाख 27 हजार हेक्टेयर भूमि कृषि योग्य है। प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना लागू होने पर मऊ जिले को एक लाख 32 हजार किसानों का बीमा कराने का लक्ष्य दिया गया था। विभाग के प्रयास से एक लाख 60 हजार किसानों का ऑनलाइन बीमा किया गया। इसका परिणाम हुआ कि प्रथम छमाही में मऊ जिला प्रदेश में पहले पायदान पर रहा। दूसरे पर फिरोजाबाद और गाजीपुर तीसरे पायदान पर है। उपनिदेशक कृषि आशुतोष मिश्र ने बताया कि इस योजना में रजिस्ट्रेशन कराने पर फसल का नुकसान होने का लाभ सीधे किसानों को उनके खाते में मिलेगा। कहा कि सिर्फ तहसील से लगने वाली रिपोर्ट के आधार पर नुकसान की भरपाई की रकम सीधे किसान के खाते में पहुंचेगी।
किसानों को नुकसान की दशा में बिचौलियों से मुक्ति मिल जाएगी। आशुतोष मिश्र ने जिले को मिली इस उपलब्धि के लिए किसानों को बधाई दी कहा कि प्रयास होगा कि अगली छमाही में भी अधिक से अधिक किसानों को फसल बीमा योजना से जोड़ा जाए।
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मऊ।
केंद्र और प्रदेश सरकार के संयुक्त प्रयास से शुरू प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर जिले के किसानों ने पर्याप्त उत्साह दिखाया है। सितंबर 2016 तक के आंकड़ों के मुताबिक योजना के तहत फसलों का बीमा कराने में मऊ जिला प्रदेश में अव्वल आया है। यहां लक्ष्य से 160 फीसदी अधिक किसानों का रजिस्ट्रेशन कराया गया है। इस योजना के तहत फसल का नुकसान होने पर इसका सीधा लाभ किसान को उसके खाते में मिलेगा।
1713 वर्ग के क्षेत्रफल में फैले मऊ जिले की आबादी करीब 23 लाख है। इसमें चार तहसीलों और नौ ब्लाकों में करीब दो लाख 62 हजार किसान हैं। जिले में कुल भूमि एक लाख 41 हजार हेक्टेयर के सापेक्ष एक लाख 27 हजार हेक्टेयर भूमि कृषि योग्य है। प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना लागू होने पर मऊ जिले को एक लाख 32 हजार किसानों का बीमा कराने का लक्ष्य दिया गया था। विभाग के प्रयास से एक लाख 60 हजार किसानों का ऑनलाइन बीमा किया गया। इसका परिणाम हुआ कि प्रथम छमाही में मऊ जिला प्रदेश में पहले पायदान पर रहा। दूसरे पर फिरोजाबाद और गाजीपुर तीसरे पायदान पर है। उपनिदेशक कृषि आशुतोष मिश्र ने बताया कि इस योजना में रजिस्ट्रेशन कराने पर फसल का नुकसान होने का लाभ सीधे किसानों को उनके खाते में मिलेगा। कहा कि सिर्फ तहसील से लगने वाली रिपोर्ट के आधार पर नुकसान की भरपाई की रकम सीधे किसान के खाते में पहुंचेगी।
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किसानों को नुकसान की दशा में बिचौलियों से मुक्ति मिल जाएगी। आशुतोष मिश्र ने जिले को मिली इस उपलब्धि के लिए किसानों को बधाई दी कहा कि प्रयास होगा कि अगली छमाही में भी अधिक से अधिक किसानों को फसल बीमा योजना से जोड़ा जाए।
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