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Mau News: मऊ डिपो को मिलीं चार नई बसें, महाकुंभ से पहले आएंगी 18 और
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मऊ डिपो को मुख्यालय से चार नई रोडवेज बसें मिलीं हैं। इसके बाद बेड़े में बसों की संख्या 64 हो गई है। अधिकारियों के मुताबिक महाकुंभ से पहले डिपो को 18 और नई बसें मिलने वाली हैं, इनमें दो एसी बसें शामिल होंगी। अभी चारों नई बसें मऊ-प्रयागराज-गोरखपुर-मऊ रूट पर एक दिन में 640 किमी चलेंगी। दो बसें 20 दिसंबर को और दो बसें सोमवार को मिलीं। इनके आने से बसों की संख्या 64 हो गई हैं, इनमें 10 अनुबंधित हैं।
इससे पहले दोहरीघाट डिपो को भी मुख्यालय से चार नई बसें मिली थीं। नई भेजने का उद्देश्य है कि दोनों डिपो से आधा से अधिक बसों को महाकुंभ भेजने के बाद नियमित रूटों पर बसों की संख्या कम न हो। मऊ डिपो की 60 बसों से रोजाना आठ हजार से अधिक यात्री सफर करते थे। लेकिन अब चार नई बसों के आने से सफर करने वालों की संख्या बढ़ जाएगी और राजस्व भी अधिक मिलेगा। मऊ डिपो की बसों का लखनऊ, कानपुर, बहराइच, शाहगढ़, प्रयागराज, वाराणसी, आजमगढ़, बलिया और ग्रामीण सहित 16 रूटों पर संचालन होता है। आश्चर्य की बात तो ये है कि दोनों डिपो में बसों की संख्या तो लगातार बढ़ रही है, लेकिन चालक उतने ही हैं। मऊ डिपो में 54 बसों को चलाने के लिए 84 और दोहरीघाट डिपो की 55 बसों को चलाने के लिए 79 चालक हैं। वर्तमान में मऊ डिपो को 33 और दोहरीघाट को 32 चालकों की आवश्यकता है। आने वाले दिनों में मऊ डिपो को 18 और दोहरीघाट डिपो को छह नई बसें मिलेंगी। बसें तो बढ़ेंगी लेकिन चालक उतने ही रहेंगे, जिससे सभी बसों के नियमित संचालन पर संकट खड़ा हो जाएगा।
महाकुंभ से पहले मऊ डिपो को चार नई बसें मिली हैं, आने वाले दिनों में और नई बसें मिलेंगी। इन बसों को प्रयागराज और गोरखपुर रूट पर भेजा जाएगा। रोजगार मेले में पहुंचकर चालकों की भर्ती की जा रही है, ऐसे भी इच्छुक व्यक्ति रोडवेज कार्यालय पर आकर आवेदन दे सकता है। योग्यता के आधार पर उसकी भर्ती की जाएगी। - हरिशंकर पांडेय, एआरएम, मऊ
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इससे पहले दोहरीघाट डिपो को भी मुख्यालय से चार नई बसें मिली थीं। नई भेजने का उद्देश्य है कि दोनों डिपो से आधा से अधिक बसों को महाकुंभ भेजने के बाद नियमित रूटों पर बसों की संख्या कम न हो। मऊ डिपो की 60 बसों से रोजाना आठ हजार से अधिक यात्री सफर करते थे। लेकिन अब चार नई बसों के आने से सफर करने वालों की संख्या बढ़ जाएगी और राजस्व भी अधिक मिलेगा। मऊ डिपो की बसों का लखनऊ, कानपुर, बहराइच, शाहगढ़, प्रयागराज, वाराणसी, आजमगढ़, बलिया और ग्रामीण सहित 16 रूटों पर संचालन होता है। आश्चर्य की बात तो ये है कि दोनों डिपो में बसों की संख्या तो लगातार बढ़ रही है, लेकिन चालक उतने ही हैं। मऊ डिपो में 54 बसों को चलाने के लिए 84 और दोहरीघाट डिपो की 55 बसों को चलाने के लिए 79 चालक हैं। वर्तमान में मऊ डिपो को 33 और दोहरीघाट को 32 चालकों की आवश्यकता है। आने वाले दिनों में मऊ डिपो को 18 और दोहरीघाट डिपो को छह नई बसें मिलेंगी। बसें तो बढ़ेंगी लेकिन चालक उतने ही रहेंगे, जिससे सभी बसों के नियमित संचालन पर संकट खड़ा हो जाएगा।
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महाकुंभ से पहले मऊ डिपो को चार नई बसें मिली हैं, आने वाले दिनों में और नई बसें मिलेंगी। इन बसों को प्रयागराज और गोरखपुर रूट पर भेजा जाएगा। रोजगार मेले में पहुंचकर चालकों की भर्ती की जा रही है, ऐसे भी इच्छुक व्यक्ति रोडवेज कार्यालय पर आकर आवेदन दे सकता है। योग्यता के आधार पर उसकी भर्ती की जाएगी। - हरिशंकर पांडेय, एआरएम, मऊ

महंगापुर के श्री गुरु तेग बहादुर स्कूल में कबड्डी में प्रतिभाग करते स्कूली बच्चे। संवाद
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