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आत्मा का परमात्मा से मिलन का प्रतीक है महारास:पंडित राकेश पांडेय
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स्थानीय तहसील क्षेत्र के बजरंगनगर हलीमाबाद में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथाव्यास पंडित राकेश पांडेय ने भगवान श्रीकृष्ण की अद्भुत बाल लीलाओं का मार्मिक वर्णन किया। कथा के दौरान पूरा पंडाल श्रद्धा से सराबोर रहा। पूतना वध से कथा की शुरुआत करते हुए कहा कि किस प्रकार बालकृष्ण ने माया रूप में आई पुतना का उद्धार किया। उन्होंने तृणावर्त संकटासुर वध का वर्णन किया, जिसमें यशोदा मैया द्वारा कृष्ण के मुख में ब्रह्मांड दर्शन का दिव्य दृश्य सभी को भावविभोर कर गया।
कथा के अगले चरण में कालिया नाग नथैया लीला सुनाई, जिसमें नन्हे कृष्ण ने यमुना को कालिया नाग के आतंक से मुक्त किया। इसके बाद उन्होंने गोवर्धन लीला का संक्षिप्त वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान ने इंद्र के प्रकोप से गोकुलवासियों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगुली पर धारण किया। कथाव्यास ने महारास की आध्यात्मिक महिमा बताते हुए कहा कि महारास आत्मा का परमात्मा से मिलन का प्रतीक है। कथा श्रवण के दौरान बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहे।
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कथा के अगले चरण में कालिया नाग नथैया लीला सुनाई, जिसमें नन्हे कृष्ण ने यमुना को कालिया नाग के आतंक से मुक्त किया। इसके बाद उन्होंने गोवर्धन लीला का संक्षिप्त वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान ने इंद्र के प्रकोप से गोकुलवासियों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगुली पर धारण किया। कथाव्यास ने महारास की आध्यात्मिक महिमा बताते हुए कहा कि महारास आत्मा का परमात्मा से मिलन का प्रतीक है। कथा श्रवण के दौरान बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहे।
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