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लोकदल कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
ब्यूररो,अमर उजाला/मऊ
Updated Tue, 13 Dec 2016 10:47 PM IST
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कलेक्ट्रेट पर मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन करते राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकर्ता।
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कलेक्ट्रेट पर मंगलवार को राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकर्ताओं ने किसानों की समस्याओं को जिलाध्यक्ष देवेन्द्र सिंह के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन किया। साथ ही राष्ट्रपति को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
धरने को संबोधित करते प्रदेश सचिव देवप्रकाश राय ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की हितैशी बनती है। लेकिन उसके विरोध में कार्य करती है। सरकार ने गेहूं पर आयात शुल्क को 10 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया है। जो किसानों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने केंद्र सरकार का यह फैसला पहले से ही नोटबंदी से परेशान किसानों की मुसीबतों को और बढ़ा देगा।
उन्होंने कहा कि सरकार यह कदम मल्टी नेशनल कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए उठाया है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को गेहूं के उचित मूल्य नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि मऊ जिले में स्थापित धान क्रय केंद्रों पर धान की खरीदारी नही हो रही है। जिससे किसान बेहाल और परेशान हैं।
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जिलाध्यक्ष देवेन्द्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार पूरी तरह से किसानों के विरोध में कार्य करने में लगी हुई है। पहले नोटबंदी की मार और अब किसानों पर दोहरी मार। कहा कि मऊ जिले के कोपागंज और घोसी नगर पंचायत में त्वरित ऊर्जा विकास व सुधार कार्य के क्रम के लिए वित्तीय वर्ष 2014-15 में स्वीकार धनराशि करीब 17 करोड़ से अब तक कार्य पूरा नहीं किया गया।
ऐसा क्यों हो रहा है। कहा कि अगर किसानों की समस्या का समाधान नही हुआ तो आगे और बड़ा आंदोलन होगा। धरने में मोहम्मद जकरिया, हरिद्वार मौर्या, तारकेश्वर जायसवाल, सुरेन्द्र यादव, मोहम्मद शाहिद, सुबाष मौर्या, लालचंद, रामसुधार पांडे आदि मौजूद रहे।
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धरने को संबोधित करते प्रदेश सचिव देवप्रकाश राय ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की हितैशी बनती है। लेकिन उसके विरोध में कार्य करती है। सरकार ने गेहूं पर आयात शुल्क को 10 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया है। जो किसानों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने केंद्र सरकार का यह फैसला पहले से ही नोटबंदी से परेशान किसानों की मुसीबतों को और बढ़ा देगा।
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उन्होंने कहा कि सरकार यह कदम मल्टी नेशनल कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए उठाया है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को गेहूं के उचित मूल्य नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि मऊ जिले में स्थापित धान क्रय केंद्रों पर धान की खरीदारी नही हो रही है। जिससे किसान बेहाल और परेशान हैं।
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जिलाध्यक्ष देवेन्द्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार पूरी तरह से किसानों के विरोध में कार्य करने में लगी हुई है। पहले नोटबंदी की मार और अब किसानों पर दोहरी मार। कहा कि मऊ जिले के कोपागंज और घोसी नगर पंचायत में त्वरित ऊर्जा विकास व सुधार कार्य के क्रम के लिए वित्तीय वर्ष 2014-15 में स्वीकार धनराशि करीब 17 करोड़ से अब तक कार्य पूरा नहीं किया गया।
ऐसा क्यों हो रहा है। कहा कि अगर किसानों की समस्या का समाधान नही हुआ तो आगे और बड़ा आंदोलन होगा। धरने में मोहम्मद जकरिया, हरिद्वार मौर्या, तारकेश्वर जायसवाल, सुरेन्द्र यादव, मोहम्मद शाहिद, सुबाष मौर्या, लालचंद, रामसुधार पांडे आदि मौजूद रहे।