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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Issues regarding the interference of outsiders in the Tehsil court and the extortion of litigants by contractual staff were raised.

Mau News: तहसील न्यायालय में बाहरी व्यक्तियों के दखल और संविदाकर्मियों पर वादकारियों से वसूली के मुद्दे उठाए

Sat, 04 Jul 2026 12:09 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jul 2026 12:09 AM IST
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Issues regarding the interference of outsiders in the Tehsil court and the extortion of litigants by contractual staff were raised.
मधुबन तहसील सभागार में अ​धिवक्ताओं की बैठक को संबो​धित करते उपजिलाधिकारी सत्यप्रकाश।संवाद
मधुबन तहसील अधिवक्ता संघ और उपजिलाधिकारी सत्यप्रकाश के बीच शुक्रवार को तहसील सभागार में बैठक संपन्न हुई। इसमें तहसीलदार कोर्ट में बाहरी लोगों के हस्तक्षेप, फाइलों के निस्तारण में पारदर्शिता और सरकारी अभिलेखों के सुरक्षित रखरखाव जैसे मुद्दे उठे।
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दो घंटे तक चली बैठक के दौरान अधिवक्ता संघ ने प्रशासन के सामने पांच प्रमुख मांगें रखीं, जिस पर उपजिलाधिकारी ने त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
तहसील अधिवक्ता संघ बीते कई महीनों से तहसील परिसर में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर लगातार आवाज उठा रहा था। संघ के पदाधिकारियों का सीधा आरोप था कि तहसीलदार कोर्ट में तैनात कुछ संविदाकर्मी फाइलों को आगे बढ़ाने और उनके निस्तारण के नाम पर गरीब फरियादियों से खुलेआम अवैध वसूली कर रहे हैं।
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इसके अलावा अधिवक्ताओं के वेश में तहसील के भीतर बाहरी लोगों का बड़ा सिंडिकेट सक्रिय हो गया है। ये लोग दूर-दराज से आने वाली वादकारियों को भ्रमित कर उनका आर्थिक नुकसान कर रहे हैं।
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इसी मामले को लेकर अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी सत्यप्रकाश से औपचारिक वार्ता का समय मांगा था। बैठक के दौरान सबसे तीखी बहस तहसीलदार कोर्ट में संविदा कर्मियों की भूमिका को लेकर हुई।
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष आनंद कुमार त्रिपाठी ने कहा कि तहसीलदार कोर्ट में नियुक्त संविदाकर्मी अपनी हदें पार कर चुके हैं। वे फाइलों को महीनों तक दबाकर रखते हैं और जब उन्हें मोटा पैसा दिया जाता है, तभी फाइल पर सुनवाई आगे बढ़ती है।
संघ के मंत्री अविनाश कुमार मल्ल ने कहा कि न्यायपालिका का मंदिर कहे जाने वाले तहसील परिसर में यदि संविदाकर्मी ही इस तरह की खुली वसूली करेंगे तो गरीब व्यक्ति न्याय की गुहार लगाने कहां जाएगा।
हमारी मांग साफ है कि फाइल निस्तारण की पूरी प्रक्रिया को तत्काल पारदर्शी बनाया जाए और बिना किसी रिश्वत के न्याय सुलभ कराया जाए।
अधिवक्ताओं के सभी तर्कों और मांगों को सुनने के बाद उपजिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि तहसील परिसर में दलाली और भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संविदाकर्मियों के कामकाज की जांच कराई जाएगी।

कोई भी दोषी पाया जाता है तो उसे तत्काल सेवा से मुक्त करते हुए कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान पूर्व अध्यक्ष अरुण कुमार त्रिपाठी, वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष तिवारी, योगेश कुमार चतुर्वेदी, एसबी सिंह, अश्वनी मिश्र और प्रदीप मिश्र आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
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