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Mau News: बारिश और ओेले से सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद

Wed, 22 Mar 2023 10:28 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 22 Mar 2023 10:28 PM IST
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Hundreds of acres of crop wasted due to rain and hail
कई दिनों तक तेज हवा के साथ हुई बारिश तथा ओला पड़ने से फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। खेतों में खड़ी सैकड़ों एकड़ गेहूं की फसल गिर गई। इससे किसानों को खून के आंसू रोना पड़ रहा है। खेतों में काटकर रखी सरसों की फसल भींग गई है। बुधवार को मौसम हुआ तो किसान खेतों में पड़ी अपनी फसलों को सहेजने में लगे रहे। अपनी नुकसान हुई फसल को अपलक नेत्रों से निहारहे देखे गए। फसल क्षति का मुआवजा के लिए मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।जिले में 90 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बुआई की गई है। फसल पकने की स्थिति में पहुुंच गई है। शनिवार से लगातार कई दिनों तक बारिश ओले से सैकड़ों एकड़ फसल गिर गई। निचले इलाकों के खेतों में पानी भर गया है। गिरी फसलों के सड़ने का खतरा बढ़ गया है। खेतों में पड़ी सरसों के बोझ भींग जाने से फसल की क्वालिटी खराब होने की चिंता किसानों को सताने लगी है। हालांकि बुधवार को मौसम साफ रहा। तेज धूप रही। किसान खेतों में पड़ी सरसों की फसल को सुखाने में लगे रहे।
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केस नंबर एक
चार बीघा फसल बर्बाद, कैसे करेंगे नातिन की शादी
बढुआ गोदाम। परदहां ब्लाक के अछार गांव निवासी दलित महिला किसान लावती देवी का कहना है की लगातार तीन दिनों तक रात में हुई बारिश और ओलों की वजह से गेहूं की फसल गिर गई। इसकी वजह से फसल के खेत में पानी भरा हुआ है। इससे फसल नष्ट होने का खतरा बढ़ गया है। अब थोड़ी और बारिश होने पर बची हुई खड़ी फसल भी नष्ट हो जाएगी। जिससें परिवार भुखमरी का शिकार हो जाएगा। वहीं मई में नातिन की शादी है जिसकी तैयारी करना अभी बाकी है बटाई लेकर चार बीघा गेहूं की बोआई की थी। अच्छी पैदावार होने पर उसे बेचकर जो पैसे मिलेंगे उसे शादी में खर्च करूंगी। कर्ज लेकर गेहूं की बोआई की थी। वह भी नुकसान हो गया। फसल क्षति का आकलन कर मुआवजा दिया जाए।
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केस नंबर दो
तीन बीघा फसल नष्ट, कैसे होगी बेेटी की शादी
बढुआ गोदाम। परदहां ब्लाक के अछार गांव दलित बस्ती निवासी महिला किसान आशा देवी ने बताया कि बटाई खेत लेकर तीन बीघा गेहूं की बोआई की हूं। खेत की जुताई, खाद, दवाई, बीज समेत बीस से पच्चीस हजार रुपये की लागत आई है। दिन रात खेत में मेहनत की कड़ाके की सर्दी के बीच पानी में घंटों खड़े रहकर खेतों की सिंचाई की। जब फसल पकने लगी और उम्मीद बंधी कि अच्छी पैदावार होगी तो बेटी की शादी मई होनी है। गेहूं बेचकर पैसे शादी में काम आएंगे लेकिन ओला, तेज हवा के साथ हुई बारिश ने गेहूं की फसल को नष्ट कर दिया। नुकसान इस तरह हुआ है कि फसल की लागत का चौथाई हिस्सा भी फसल की पैदावार से नहीं मिलेगा।
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