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जिले में मिली 709 हाई रिस्क प्रेग्नेंसी
ब्यूरो, अमर उजाला/ मऊ
Updated Sat, 22 Oct 2016 11:12 PM IST
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pregnancy
- फोटो : telegraph
हाल ही में शुरू किए गए मातृत्व सप्ताह के तहत जांच के दौरान जिले में 709 गर्भवती महिलाएं ऐसी मिली हैं, जो हाई रिस्क पर हैं। सबसे खराब स्थिति फतहपुर मंडाव ब्लाक की है। यहां पर कुल 107 गर्भवती महिलाएं अत्यंत गंभीर अवस्था में हैं। इन हाई रिस्क चिह्नित महिलाओं को 24 और 25 अक्टूबर को पास की सीएचसी पर बुलाया गया है। यहां पर इनकी जांच विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा कराई जाएगी। इसके बाद इन्हें समुचित सलाह, देखभाल और दवाएं आदि दी जाएंगी।
मातृत्व सप्ताह के दौरान पूरे जिले के सभी नौ सीएचसी और पीएचसी तथा नगरीय क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं का परीक्षण किया जा रहा है। काफी महिलाओं में खून की कमी सहित विभिन्न जटिलताएं पाई गईं। सबसे अधिक फतहपुर मंडाव विकास खंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों की महिलाओं में खून की कमी सहित अन्य खतरनाक लक्षण पाए गए। इसके अतिरिक्त कोपागंज ब्लाक में भी 107 महिलाओं में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के लक्षण पाए गए।
जबकि जिला मुख्यालय के सटे परदहां ब्लाक क्षेत्र में भी हाई रिस्क के लक्षण वाली 100 गर्भवती महिलाएं चिह्नित की गई हैं। इन सभी महिलाओं को 24 और 25 अक्तूबर को अपने अपने क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आने की सलाह दी गई। जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी हरिवंश यादव के अनुसार इन महिलाओं की सघन की जांच महिला चिकित्सकों द्वारा की जाएगी। जिन अस्पतालों पर महिला चिकित्सक उपलब्ध नहीं होंगी, उस क्षेत्र की महिलाओं का परीक्षण विशेषज्ञ चिकित्सकों से कराया जाएगा। उन्होंने बताया कृषि जिले में कुल 16 हजार 266 गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण का लक्ष्य
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मातृत्व सप्ताह के दौरान पूरे जिले के सभी नौ सीएचसी और पीएचसी तथा नगरीय क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं का परीक्षण किया जा रहा है। काफी महिलाओं में खून की कमी सहित विभिन्न जटिलताएं पाई गईं। सबसे अधिक फतहपुर मंडाव विकास खंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों की महिलाओं में खून की कमी सहित अन्य खतरनाक लक्षण पाए गए। इसके अतिरिक्त कोपागंज ब्लाक में भी 107 महिलाओं में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के लक्षण पाए गए।
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जबकि जिला मुख्यालय के सटे परदहां ब्लाक क्षेत्र में भी हाई रिस्क के लक्षण वाली 100 गर्भवती महिलाएं चिह्नित की गई हैं। इन सभी महिलाओं को 24 और 25 अक्तूबर को अपने अपने क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आने की सलाह दी गई। जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी हरिवंश यादव के अनुसार इन महिलाओं की सघन की जांच महिला चिकित्सकों द्वारा की जाएगी। जिन अस्पतालों पर महिला चिकित्सक उपलब्ध नहीं होंगी, उस क्षेत्र की महिलाओं का परीक्षण विशेषज्ञ चिकित्सकों से कराया जाएगा। उन्होंने बताया कृषि जिले में कुल 16 हजार 266 गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण का लक्ष्य
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