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समूह ‘घ’ की भर्तियों से रोक हटे
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Mon, 21 Dec 2015 11:47 PM IST
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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उप्र के तत्वावधान में राज्य कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को मोटरसाइकिल जुलूस निकाला। केंद्रीय कर्मचारियों की भांति समस्त भत्ते की मांग करते हुए समूह घ की भर्तियों से रोक हटाने सहित विभन्न मांगों के लिए आवाज उठाई।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के तत्वावधान में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों का जुुलूस इंजीनियर संघ भवन से चलकर रोडवेज, सिंचाई, गन्ना, जिला अस्पताल, कलेक्ट्रेट, विकास भवन, वन, व्यापार कर, मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय सहित विभिन्न कार्यालयों पर पहंुचा।
इस मौके पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष रामाश्रय यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। केंद्रीय कर्मचारियों की भांति समस्त भत्ते नहीं दे रही है।
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30 जून की सेवानिवृत्ति पर एक वेतन वृद्धि नगदीकरण बहाल करे। सीताराम कुशवाहा ने कहा कि वर्ष 1991 से पूर्व नियुक्त दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का विनियमितीकरण किया जाए। कहा कि प्रदेश सरकार न तो न्यायालय का सम्मान कर रही है और न ही कर्मचारियों की वेदना सुनने को तैयार है। अब सरकार से आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
इसी क्रम में राजेश कुमार ने कहा कि समूह घ की भर्तियों से रोक हटाई जाए। कर्मचारियों की मांगों पर विचार करने की जहमत तक नहीं उठाई जा सकी है। मांगों को अविलंब पूरा नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन तेज करने को बाध्य हो जाएंगे। इस अवसर पर पीएन सिंह, अविनाथ सिसोदिया, शिवकुमार सिंह, विवेकानंद गुप्ता, शैलेंद्र प्रताप सिंह, अजय कुमार, एमएन तिवारी, भूपेंद्र सिंह, रामप्यारे यादव, धनंजय दुबे शामिल थे।
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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के तत्वावधान में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों का जुुलूस इंजीनियर संघ भवन से चलकर रोडवेज, सिंचाई, गन्ना, जिला अस्पताल, कलेक्ट्रेट, विकास भवन, वन, व्यापार कर, मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय सहित विभिन्न कार्यालयों पर पहंुचा।
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इस मौके पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष रामाश्रय यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। केंद्रीय कर्मचारियों की भांति समस्त भत्ते नहीं दे रही है।
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30 जून की सेवानिवृत्ति पर एक वेतन वृद्धि नगदीकरण बहाल करे। सीताराम कुशवाहा ने कहा कि वर्ष 1991 से पूर्व नियुक्त दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का विनियमितीकरण किया जाए। कहा कि प्रदेश सरकार न तो न्यायालय का सम्मान कर रही है और न ही कर्मचारियों की वेदना सुनने को तैयार है। अब सरकार से आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
इसी क्रम में राजेश कुमार ने कहा कि समूह घ की भर्तियों से रोक हटाई जाए। कर्मचारियों की मांगों पर विचार करने की जहमत तक नहीं उठाई जा सकी है। मांगों को अविलंब पूरा नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन तेज करने को बाध्य हो जाएंगे। इस अवसर पर पीएन सिंह, अविनाथ सिसोदिया, शिवकुमार सिंह, विवेकानंद गुप्ता, शैलेंद्र प्रताप सिंह, अजय कुमार, एमएन तिवारी, भूपेंद्र सिंह, रामप्यारे यादव, धनंजय दुबे शामिल थे।