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Mau News: प्राइवेट स्कूलों में फीस के लिए नियम लागू करे सरकार
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नगर के ब्रह्मस्थान पर अमर उजाला फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में
नगर के ब्रह्मस्थान पर बृहस्पतिवार को अभिभावकों के बीच अमर उजाला संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान अभिभावकों ने प्राइवेट स्कूलों में फीस के लिए नियम लागू करने और एनसीईआरटी की पुस्तकें पढ़ाए जाने की बात कही।
अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में अभिभावक भगवान सिंह ने कहा कि स्कूलों की मनमानी बहुत बढ़ गई है। निश्चित दुकानों पर स्कूलों की मिलीभगत से किताब, कॉपी, ड्रेस के नाम पर बाजार से ज्यादा दाम वसूले जा रहे हैं।
वहीं, अभिभावक राजेश कुमार सिंह ने कहा कि सरकार स्कूलों में फीस के लिए कोई नियम लागू करे, जिससे प्रति वर्ष प्रवेश के नाम पर शुल्क देने से अभिभावक बच सकें। प्राइवेट स्कूलों द्वारा हर समय अभिभावकों का शोषण किया जाता है।
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अभिभावक सूर्यप्रताप सिंह ने कहा कि सरकार लगातार सरकारी स्कूल बंद कर रही है, जिसके कारण प्राइवेट स्कूल अपनी मनमानी कर रहे हैं।
अभिभावक देवनाथ सिंह ने कहा कि अगर शिक्षा महंगी होगी तो निचले तबके के बच्चे शिक्षा कैसे ग्रहण करेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा पर सबका समान अधिकार है, ऐसे में सरकार को इसके लिए कुछ करना चाहिए।
अभिभावक रामबचन मौर्य और नंदलाल गुप्ता ने कहा कि सरकार के साथ-साथ अभिभावकों को भी फीस के विरोध में मुखर होने की जरूरत है।
संवाद कार्यक्रम में अभिभावक रामप्रवेश गोंड और धनंजय सिंह ने कहा कि इसमें अभिभावकों की भी गलती है। वे सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों को न भेजकर प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने के लिए भेजते हैं, जिसका प्राइवेट स्कूल फायदा उठाते हैं।
वहीं, अभिभावक दीपू गुप्ता और राकेश सिंह ने संवाद कार्यक्रम के माध्यम से केंद्र और प्रदेश सरकार से फीस वृद्धि और मनमाने रेट पर किताबों की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की।
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अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में अभिभावक भगवान सिंह ने कहा कि स्कूलों की मनमानी बहुत बढ़ गई है। निश्चित दुकानों पर स्कूलों की मिलीभगत से किताब, कॉपी, ड्रेस के नाम पर बाजार से ज्यादा दाम वसूले जा रहे हैं।
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वहीं, अभिभावक राजेश कुमार सिंह ने कहा कि सरकार स्कूलों में फीस के लिए कोई नियम लागू करे, जिससे प्रति वर्ष प्रवेश के नाम पर शुल्क देने से अभिभावक बच सकें। प्राइवेट स्कूलों द्वारा हर समय अभिभावकों का शोषण किया जाता है।
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अभिभावक सूर्यप्रताप सिंह ने कहा कि सरकार लगातार सरकारी स्कूल बंद कर रही है, जिसके कारण प्राइवेट स्कूल अपनी मनमानी कर रहे हैं।
अभिभावक देवनाथ सिंह ने कहा कि अगर शिक्षा महंगी होगी तो निचले तबके के बच्चे शिक्षा कैसे ग्रहण करेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा पर सबका समान अधिकार है, ऐसे में सरकार को इसके लिए कुछ करना चाहिए।
अभिभावक रामबचन मौर्य और नंदलाल गुप्ता ने कहा कि सरकार के साथ-साथ अभिभावकों को भी फीस के विरोध में मुखर होने की जरूरत है।
संवाद कार्यक्रम में अभिभावक रामप्रवेश गोंड और धनंजय सिंह ने कहा कि इसमें अभिभावकों की भी गलती है। वे सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों को न भेजकर प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने के लिए भेजते हैं, जिसका प्राइवेट स्कूल फायदा उठाते हैं।
वहीं, अभिभावक दीपू गुप्ता और राकेश सिंह ने संवाद कार्यक्रम के माध्यम से केंद्र और प्रदेश सरकार से फीस वृद्धि और मनमाने रेट पर किताबों की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की।