फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Four machines were sent to examine the patients, one was found, three were missing

Mau News: मरीजों की जांच के लिए भेजी गई थीं चार मशीनें, एक मिली, तीन लापता

Wed, 05 Mar 2025 11:48 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 05 Mar 2025 11:48 PM IST
विज्ञापन
Four machines were sent to examine the patients, one was found, three were missing
मऊ। गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग को लेकर जिले सहित पूरे प्रदेश में बीते 20 फरवरी से अभियान चल रहा है। वहीं दूसरी तरफ जिला अस्पताल में संचालित एनसीडी क्लीनिक में मरीजों की जांच के लिए आई मशीन ही लापता है। वर्तमान में केवल उपकरणों की सफाई में प्रयोग होने वाली एक मशीन इंक्यूवेटर ही क्लीनिक में है, लेकिन वह भी कई सालों से इंस्ट्राल न होने से शोपीस बनी है। जबकि तीन मशीने लापता हैं। करीब नौ साल पहले आई इन मशीनों की जानकारी जिला अस्पताल प्रबंधन को नहीं है।
विज्ञापन

100 बेड के जिला अस्पताल परिसर में गैर संचारी बीमारियों (नॉन कम्यूनिकेबल डिजिज) के लिए 2016 से एनसीडी क्लीनिक का संचालन हो रहा है। क्लीनिक में सिर्फ शुगर के मरीजों की जांच की जा रही है, जबकि यहां ईसीजी, मोटापा, हाइपरटेंशन सहित दूसरी बीमारियों की जांच की सुविधा के लिए मशीनें उपलब्ध हैं। सीएमओ विभाग के अनुसार नौ साल पहले बायो कैमेस्ट्री एनेलाइजर, सेल काउंटर, इलेक्ट्राॅनिक आईवी आदि मशीन मरीजों की जांच के लिए भेजी गई थी। लेकिन बुधवार को अमर उजाला टीम जब एनसीडी क्लीनिक पहुंची तो उन्हें यहां केवल एक इंक्यूवेटर मशीन मिली।
विज्ञापन

यह मशीन भी कई साल इंस्ट्राल न होने से धूल से भरी थी। वहां मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि यह मशीन का प्रयोग उपकरणों की सफाई में होता है, लेकिन प्रयोग कई साल से नहीं हुआ है। वहीं अन्य तीन मशीनों के बारे में जानकारी न होने की बात कही। वहीं इस संंबंध में एनसीडी क्लीनिक के नोडल अधिकारी और डिप्टी सीएमओ डॉ. बीके यादव ने बताया कि जिस समय यह मशीनें भेजी गई थी, उस समय एनसीडी क्लीनिक का लैब न होने पर इसे जिला अस्पताल के पैथालॉजी में शिफ्ट किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

अगर यह मशीन यहां नहीं है तो इसकी जानकारी ली जाएगी। वहीं शोपीस बने इंक्यूबेटर मशीन के संबंध में उन्होंने कहा कि संबंधित एलटी से जानकारी ली जाएगी। वहीं जिला अस्पताल के पैथाेलाॅजिस्ट दारोगा सिंह ने इन तीन मशीनों के न होने की बात कही। वहीं जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. धनज्जय कुमार ने बताया कि चार मशीनों के बारे में जानकारी नहीं है। पैथाेलॉजी और एनसीडी क्लीनिक के जिम्मेदारों से जानकारी ली जाएगी।
नियम ताक पर, हलकान हो रहे रोजाना सैकड़ों एनसीडी क्लीनिक के मरीज
मऊ। नियमानुसार गैर संचारी बीमारियों की जांच एनसीडी क्लिनिक में होनी चाहिए। मरीज जब यहां जांच कराने पहुंचते तो कर्मचारी लैब और मशीन इंस्ट्राल न होने की बात कहकर लौटा देते हैं। इतना ही नहीं वर्षों से यहां कोई फिजीशियन न होने से भी मरीजों को दिक्कत होती। उधर, बंद पड़ी मशीनों की जानकारी अस्पताल प्रबंधन के साथ ही मुख्य चिकित्साधिकारी तक के संज्ञान में है, बावजूद इसको ठीक नहीं किया जा रहा है।

इन मशीनाें से होती है यह जांच
मऊ। बायो कैमेस्ट्री एनेलाइजर मशीन से ब्लड शुगर, ब्लड यूरिया, कोलेस्ट्राल, ट्राइग्रिसराइज, पीलिया सहित दूसरे रोगों की जांच होती है। जबकि सेल कांउटर मशीन से हीमोग्लोबिन, प्लेटलेट, टोटल कांउट सहित दूसरी जांचें होती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed