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Yashwant Singh: पूर्व एमएलसी यशवंत सिंह घोसी से चुनाव लड़ने की कर रहे थे तैयारी, भाजपा ने वापस लिया निष्कासन
Mon, 29 Apr 2024 12:30 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Mon, 29 Apr 2024 12:30 PM IST
सार
पूर्व एमएलसी यशवंत सिंह का निष्कासन समाप्त कर दिया गया है। भारतीय जनता पार्टी में उनकी फिर से वापसी हो गई है। एमएलसी चुनाव में पार्टी ने अनुशासनहीनता में निष्कासन किया था।
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पूर्व एमएलसी यशवंत सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पूर्वांचल के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाने वाले विधान परिषद सदस्य यशवंत की पुनः भारतीय जनता पार्टी में वापसी हो गई है। सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने पत्र जारी कर उनके निष्कासन की समाप्ती की घोषणा की है। इसके पीछे प्रदेश अध्यक्ष ने सम्यक विचार के बाद लिया गया निर्णय का तर्क दिया गया है। लेकिन घोसी लोकसभा चुनाव के एक माह पहले निष्कासन समाप्त करना एक बड़ी राजनैतिक कूटनीति का चर्चा है।
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यशवंत सिंह इससे पहले विधानसभा तथा विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद यशवंत सिंह ने योगी आदित्यनाथ के लिए अपनी सीट खाली कर दी थी। यशवंत सिंह को विगत एमएलसी के दौरान अनुशासनहीनता को लेकर पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। सोमवार को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने इनका निष्कासन खत्म कर दिया। इस बात की पुष्टि भाजपा जिलाध्यक्ष नूपुर अग्रवाल ने की। बताया कि प्रदेश नेतृत्व से निर्देश प्राप्त हुआ कि अब यशवंत सिंह पुनः भाजपा में सम्मिलित हो गए हैं।
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एक तीर से साधा कई निशाना, चुनाव में दिखेगा नजर
पूर्व एमएलसी यशवंत सिंह चुनाव से पहले निष्कासन रद्द करना बड़ी रणनीति है, वरना पार्टी ने एमएलसी चुनाव में अनुशासनहीनता में यशवंत सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया था। इसके पीछे कयास है कि इस कदम से पार्टी लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी में वापसी कर सर्वणों की नाराजगी काफी हद तक दूर करने में सफल होगी। वहीं राजनीति गलियारों में चर्चा थी कि पार्टी से बाहर चल यशवंत सिंह किसी दूसरे राजनैतिक पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर सकते थे।लेकिन पार्टी में वापसी ने इस सभी कयासों पर लगाम लगा दिया है। जिसका लोकसभा में पार्टी को असर दिखेगा।
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