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Mau News: बाढ़ और बिजली का भारी बिल बना मुसीबत, स्वास्थ्य सुविधाएं भी नहीं
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मधुबन के विनटोलिया में अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीण
मधुबन तहसील क्षेत्र के बिंदटोलिया गांव में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से संवाद कार्यक्रम का आयोजन मंगलवार को हुआ। इसमें जनप्रतिनिधियों के साथ ग्रामीणों ने सरयू नदी की विभीषिका के साथ बिजली के भारी भरकम बिल और स्वास्थ्य सुविधाओं की खामियों पर विचार रखें।
साथ ही अब तक तेरह कटान पीड़ितों को नियमानुसार जमीन आवंटित न करने का मुद्दा भी इस संवाद में ग्रामीणों ने उठाया। संवाद कार्यक्रम में पूर्व ब्लॉक प्रमुख चंद्रमणी यादव ने कहा कि विकास की बात कहने वाली सरकार में विकास कोसों दूर है।
इसका बड़ा उदाहरण जिले का बिंदटोलिया गांव है, जहां हर कटान में ग्रामीण अपने आशियाने को खोते जा रहे है, लेकिन ठोस उपाय अब तक नहीं हो सका है। करोड़ों का ठोकर बनाने की योजना तो तैयार की गई लेकिन इसे जहां सबसे ज्यादा कटान है, वहां ही इसे नहीं बनाया गया।
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इस बार की बाढ़ में गांव की नई बस्ती के कई ग्रामीणों ने अपना मकान गंवा दिया। वहीं रामप्रताप यादव ने कहा कि बाढ़ के चलते खुद के मकान को खोने के बाद अब बिजली का भारी भरकम बिल से परेशानी हो रही है।
वहीं दुबारी ग्राम पंचायत के प्रधान सपन कनौजिया ने कहा कि गांव बाढ़ग्रस्त क्षेत्र है, यहां सुविधाओं को लेकर विशेष फोकस करने की जरूरत जिम्मेदारों को है। इसी तरह से गांव के शिक्षक मुन्ना यादव ने कहा कि अब भी तेरह कटान पीड़ित जनता इंटर कॉलेज में रहने को मजबूर हैं।
जल्द से जल्द मधुबन तहसील प्रशासन को जमीन आवंटित कराने की जरूरत है, लेकिन इसको जिम्मेदार उदासीन हैं। बृजेश साहनी, महातम यादव, रमेश यादव, विनोद यादव ने गांव में कटानरोधी योजनाओं के विस्तार के साथ बेहतर उपचार के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दुबारी में डॉक्टर की तैनाती की मांग की।
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साथ ही अब तक तेरह कटान पीड़ितों को नियमानुसार जमीन आवंटित न करने का मुद्दा भी इस संवाद में ग्रामीणों ने उठाया। संवाद कार्यक्रम में पूर्व ब्लॉक प्रमुख चंद्रमणी यादव ने कहा कि विकास की बात कहने वाली सरकार में विकास कोसों दूर है।
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इसका बड़ा उदाहरण जिले का बिंदटोलिया गांव है, जहां हर कटान में ग्रामीण अपने आशियाने को खोते जा रहे है, लेकिन ठोस उपाय अब तक नहीं हो सका है। करोड़ों का ठोकर बनाने की योजना तो तैयार की गई लेकिन इसे जहां सबसे ज्यादा कटान है, वहां ही इसे नहीं बनाया गया।
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इस बार की बाढ़ में गांव की नई बस्ती के कई ग्रामीणों ने अपना मकान गंवा दिया। वहीं रामप्रताप यादव ने कहा कि बाढ़ के चलते खुद के मकान को खोने के बाद अब बिजली का भारी भरकम बिल से परेशानी हो रही है।
वहीं दुबारी ग्राम पंचायत के प्रधान सपन कनौजिया ने कहा कि गांव बाढ़ग्रस्त क्षेत्र है, यहां सुविधाओं को लेकर विशेष फोकस करने की जरूरत जिम्मेदारों को है। इसी तरह से गांव के शिक्षक मुन्ना यादव ने कहा कि अब भी तेरह कटान पीड़ित जनता इंटर कॉलेज में रहने को मजबूर हैं।
जल्द से जल्द मधुबन तहसील प्रशासन को जमीन आवंटित कराने की जरूरत है, लेकिन इसको जिम्मेदार उदासीन हैं। बृजेश साहनी, महातम यादव, रमेश यादव, विनोद यादव ने गांव में कटानरोधी योजनाओं के विस्तार के साथ बेहतर उपचार के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दुबारी में डॉक्टर की तैनाती की मांग की।