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Mau News: एक परिवार की दो महिलाओं सहित 5 को सात-सात साल की सजा
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मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक अशोक कुमार ने गैर इरादतन हत्या और बलवा के मामले में नामजद एक परिवार की दो महिलाओं सहित 5 को दोषी पाते हुए 7-7 वर्ष की सजा के साथ ही कुल 11-11 हजार रुपये अर्थदंड की सजा का निर्णय सुनाया। अर्थदंड न देने पर 6-6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, अर्थदंड जमा हो जाने पर मृतक के पिता रामप्रवेश यादव को 90 प्रतिशत धनराशि देने का आदेश दिया। मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार, अराजी तौफिर मठिया रणवीरपुर गांव निवासी रामप्रवेश यादव पुत्र रामू यादव की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। वादी का कथन है कि 27 अप्रैल 2016 को उसके गांव के ही आरोपीगण बेचू यादव और फेंकू यादव पुत्रगण शिवनाथ यादव, अरविंद कुमार यादव पुत्र फेंकू यादव, सुशीला देवी पत्नी बेचू यादव तथा आशा देवी पत्नी फेंकू यादव ने एक राय होकर लाठी, डंडा और ईंट पत्थर से उसे तथा गुलैची देवी, रामसोच और मोनू उर्फ उदय को मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाया। इलाज के दौरान मोनू उर्फ उदय की मौत हो गई।
पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए प्रभारी डीजीसी फौजदारी अजय कुमार सिंह ने कुल 9 गवाहों को पेश कर अभियोजन का पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उन्हें झूठा फसाया गया है।
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एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण बेचू यादव, फेकू यादव, अरविंद कुमार यादव, सुशीला देवी और आशा देवी को गैर इरादतन हत्या, विधि विरुद्ध जमाव, बलवा ,मारपीट व धमकी देने के मामले में दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद सभी को गैर इरादतन हत्या के मामले में 7-7 वर्ष की सजा के साथ ही 10-10 हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया।
वहीं, विधि विरुद्ध जमाव और बलवा के मामले में क्रमशः 2-2 वर्ष और 3-3 वर्ष की सजा के साथ ही पांच-पांच सौ रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। वहीं, धमकी देने के मामले में एक-एक वर्ष की सजा तथा मारपीट के मामले में 6-6 माह के कारावास की सजा का निर्णय सुनाया।
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अभियोजन के अनुसार, अराजी तौफिर मठिया रणवीरपुर गांव निवासी रामप्रवेश यादव पुत्र रामू यादव की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। वादी का कथन है कि 27 अप्रैल 2016 को उसके गांव के ही आरोपीगण बेचू यादव और फेंकू यादव पुत्रगण शिवनाथ यादव, अरविंद कुमार यादव पुत्र फेंकू यादव, सुशीला देवी पत्नी बेचू यादव तथा आशा देवी पत्नी फेंकू यादव ने एक राय होकर लाठी, डंडा और ईंट पत्थर से उसे तथा गुलैची देवी, रामसोच और मोनू उर्फ उदय को मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाया। इलाज के दौरान मोनू उर्फ उदय की मौत हो गई।
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पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए प्रभारी डीजीसी फौजदारी अजय कुमार सिंह ने कुल 9 गवाहों को पेश कर अभियोजन का पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उन्हें झूठा फसाया गया है।
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एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण बेचू यादव, फेकू यादव, अरविंद कुमार यादव, सुशीला देवी और आशा देवी को गैर इरादतन हत्या, विधि विरुद्ध जमाव, बलवा ,मारपीट व धमकी देने के मामले में दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद सभी को गैर इरादतन हत्या के मामले में 7-7 वर्ष की सजा के साथ ही 10-10 हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया।
वहीं, विधि विरुद्ध जमाव और बलवा के मामले में क्रमशः 2-2 वर्ष और 3-3 वर्ष की सजा के साथ ही पांच-पांच सौ रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। वहीं, धमकी देने के मामले में एक-एक वर्ष की सजा तथा मारपीट के मामले में 6-6 माह के कारावास की सजा का निर्णय सुनाया।