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महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने को न्यायालय में शुरु किया गया फास्ट ट्रैक कोर्ट
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मऊ । महिलाओं से संबंधित आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए दीवानी कचहरी में उच्च न्यायालय के आदेश पर अधिनस्थ अदालत में सोमवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना की गई। उच्च न्यायालय के आदेश पर कोर्ट में सिविल जज जूनियर डिवीजन संतोष वर्मा को बतौर न्यायिक मजिस्ट्रेट के रूप में नियुक्त किया गया।
सोमवार को सिविल जज जूनियर डिविजन/ न्यायिक मजिस्ट्रेट संतोष वर्मा ने कार्यभार ग्रहण कर मामलो की सुनवाई करना शुरु किए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विनोद शर्मा ने जिला जज जितेंद्र कुमार सिन्हा से विचार विमर्श कर उक्त कोर्ट में छेड़छाड़, महिलाओं के उत्पीड़न के साथ ही महिला थाना से संबंधित मामलों की सुनवाई के क्षेत्राधिकार का आदेश जारी किया।
बताते चले जिले में पूर्व से ही महिलाओं से संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए तीन विशेष पाक्सो कोर्ट स्थापित है। जिसमें कुल लगभग 396 मामले लंबित है । इसमें विशेष न्यायालय पाक्सो कोर्ट नंबर 1 में 277, कोर्ट नंबर 2 में 68 तथा कोर्ट नंबर 3 में 51 मामले अगस्त माह तक लंबित रहें। इसीक्रम में महिलाओं के भरण पोषण संबंधित परिवार न्यायालय के तीन कोर्ट रन कर रही। इसमें लगभग 2163 मामले लंबित हैं। इसके अलावा महिला थाना से संबंधित 63 मामले जिसमें 52 एफआईआर के तथा 11 मामले परिवार से संबंधित हैं। इसके अलावा न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में लगभग 15 सौ से अधिक घरेलू हिंसा के मामले लंबित हैं । वही महिला उत्पीड़न, छेड़खानी के लगभग 7000 मामले विभिन्न न्यायालयों में लंबित हैं। अब अधीनस्थ न्यायालय में महिलाओं से संबंधित उत्पीड़न, छेड़खानी तथा अन्य मामलों की सुनवाई के लिए अलग से फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना कर दी गई है । जिससे महिलाओं के मामलों का निस्तारण तेजी आएगी।
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सोमवार को सिविल जज जूनियर डिविजन/ न्यायिक मजिस्ट्रेट संतोष वर्मा ने कार्यभार ग्रहण कर मामलो की सुनवाई करना शुरु किए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विनोद शर्मा ने जिला जज जितेंद्र कुमार सिन्हा से विचार विमर्श कर उक्त कोर्ट में छेड़छाड़, महिलाओं के उत्पीड़न के साथ ही महिला थाना से संबंधित मामलों की सुनवाई के क्षेत्राधिकार का आदेश जारी किया।
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बताते चले जिले में पूर्व से ही महिलाओं से संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए तीन विशेष पाक्सो कोर्ट स्थापित है। जिसमें कुल लगभग 396 मामले लंबित है । इसमें विशेष न्यायालय पाक्सो कोर्ट नंबर 1 में 277, कोर्ट नंबर 2 में 68 तथा कोर्ट नंबर 3 में 51 मामले अगस्त माह तक लंबित रहें। इसीक्रम में महिलाओं के भरण पोषण संबंधित परिवार न्यायालय के तीन कोर्ट रन कर रही। इसमें लगभग 2163 मामले लंबित हैं। इसके अलावा महिला थाना से संबंधित 63 मामले जिसमें 52 एफआईआर के तथा 11 मामले परिवार से संबंधित हैं। इसके अलावा न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में लगभग 15 सौ से अधिक घरेलू हिंसा के मामले लंबित हैं । वही महिला उत्पीड़न, छेड़खानी के लगभग 7000 मामले विभिन्न न्यायालयों में लंबित हैं। अब अधीनस्थ न्यायालय में महिलाओं से संबंधित उत्पीड़न, छेड़खानी तथा अन्य मामलों की सुनवाई के लिए अलग से फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना कर दी गई है । जिससे महिलाओं के मामलों का निस्तारण तेजी आएगी।
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