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बारिश से खिले किसानों के चेहरे
ब्यूरो, अमर उजाला/ मऊ
Updated Sun, 25 Sep 2016 12:06 AM IST
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बारिश से खिले किसानों के चेहरे
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जिले के शनिवार को विभिन्न इलाकों में हुई मूसलाधार बारिश से जहां किसानों के चेहरे खिल गए वहीं फूट रही धान की फसल के लिए सोना साबित हुई। लगातार हुई बारिश होते देख किसानों के चेहरे पर चमक आ गई। तड़के से हो रही बारिश से अधिकांश सरकारी स्कूलों में रेनी डे घोषित हो गया। बच्चों को भीगकर स्कूल जाते देखा गया। वहीं गोरखपुर-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग सहित ग्रामीण इलाकों के अधिकांश गड्ढे में तब्दील सड़कों पर जलजमाव होने से लोगों को यात्रा करना मुश्किल हो रहा था। नगरपालिका प्रशासन के जल निकासी व्यवस्था की भी पोल खुल खुल गई।
शनिवार को तड़के से रुक-रुक बारिश होती रही। पूर्वाह्न लगभग 11 बजे से मध्याह्न बाद तक मूसलाधार बारिश होती रही। मौसम में आए बदलाव से किसान खुशी से झूम उठे। विशेषज्ञों की मानें तो यह बारिश धान की फसल के लिए काफी लाभदायक साबित होगी। धान की फसल फूट रही है, ऐसे में खेत में ज्यादा पानी की जरूरत होती है। भारी बारिश के बाद किसान खेत की मेड़ बांधते देखे गए।
बारिश के दौरान आकाश में हो रही तेज गड़गड़ाहट से लोग दहल जा रहे थे। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी विकेश कुमार पटेल का कहना है कि यह बारिश धान की फसल के लिए लाभकारी है। इसी पानी से फूट रही धान की फसल में बालियां लटक जाएगी। अब धान के फसल के सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ेगी। अगेती रबी की बुआई के लिए भी नमी बनी रहेगी। उधर घंटों बारिश होने से सड़कें जलमग्न हो गईं।
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गड्ढे में तब्दील वाराणसी-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग सहित जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की प्रमुख सड़कों पर यात्रा करना मुश्किल हो गया है। शहर के निचले मुहल्लों में जलजमाव रहने से लोगों के दिनचर्या पर भी इसका असर पड़ा। अत्यधिक जलवृष्टि के कारण कई सरकारी एवं गैरसरकारी कार्यालयों के परिसर में पानी भर गया। बारिश से सरकारी व गैर सरकारी कार्यालयों में कर्मचारी देर से पहुंचे।
अधिकांश सरकारी स्कूलों में छुट्टी हो गई। वहीं बारिश के बाद नगर के निजामुद्दीनपुरा, मुंशीपुरा, भीटी, रघुनाथपुरा, ब्रह्मस्थान, भीटी, पठानटोला सहित कई मोहल्लों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से जलजमाव हो गया था।
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शनिवार को तड़के से रुक-रुक बारिश होती रही। पूर्वाह्न लगभग 11 बजे से मध्याह्न बाद तक मूसलाधार बारिश होती रही। मौसम में आए बदलाव से किसान खुशी से झूम उठे। विशेषज्ञों की मानें तो यह बारिश धान की फसल के लिए काफी लाभदायक साबित होगी। धान की फसल फूट रही है, ऐसे में खेत में ज्यादा पानी की जरूरत होती है। भारी बारिश के बाद किसान खेत की मेड़ बांधते देखे गए।
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बारिश के दौरान आकाश में हो रही तेज गड़गड़ाहट से लोग दहल जा रहे थे। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी विकेश कुमार पटेल का कहना है कि यह बारिश धान की फसल के लिए लाभकारी है। इसी पानी से फूट रही धान की फसल में बालियां लटक जाएगी। अब धान के फसल के सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ेगी। अगेती रबी की बुआई के लिए भी नमी बनी रहेगी। उधर घंटों बारिश होने से सड़कें जलमग्न हो गईं।
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गड्ढे में तब्दील वाराणसी-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग सहित जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की प्रमुख सड़कों पर यात्रा करना मुश्किल हो गया है। शहर के निचले मुहल्लों में जलजमाव रहने से लोगों के दिनचर्या पर भी इसका असर पड़ा। अत्यधिक जलवृष्टि के कारण कई सरकारी एवं गैरसरकारी कार्यालयों के परिसर में पानी भर गया। बारिश से सरकारी व गैर सरकारी कार्यालयों में कर्मचारी देर से पहुंचे।
अधिकांश सरकारी स्कूलों में छुट्टी हो गई। वहीं बारिश के बाद नगर के निजामुद्दीनपुरा, मुंशीपुरा, भीटी, रघुनाथपुरा, ब्रह्मस्थान, भीटी, पठानटोला सहित कई मोहल्लों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से जलजमाव हो गया था।