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24 घंटे से गुल रही सैकड़ों गांवों की बिजली
ब्यूरो/अमर उजाला,मऊ
Updated Sat, 10 Dec 2016 11:15 PM IST
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electricity price increases
- फोटो : Demo Pic
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सेमरी जमालपुर विद्युत उपकेंद्र में आई तकनीकी खामी के चलते कस्बा सहित क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में पिछले 24 घंटे से बिजली की आपूर्ति ठप पड़ी है। इससे लोगों को रात अंधेरे में काटनी पड़ रही है। आपूर्ति ठप होने से क्षेत्रवासियों के टीवी सेट के साथ मोबाइल आदि शो पीस बनकर रह गए। साथ ही किसानों की खेती किसानी भी प्रभावित है। समाचार लिखे जाने तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी।
मधुबन कस्बे को छोड़कर समूचे क्षेत्र को सेमरी जमालपुर से ही बिजली मिलती है। सेमरी स्थित सब स्टेशन से मधुबन के रौजा, दुबारी और बेलौली सब स्टेशन को सप्लाई दी जाती है। जहां से इस क्षेत्र के सैकड़ों गांवों को बिजली मुहैया कराई जाती है। बिजली कर्मचारियों की माने तो वर्तमान समय में बिजली का शेड्यूल अपराह्न तीन बजे से रात दस बजे और तड़के तीन बजे से सुबह दस तक चल रहा है। लेकिन बिजली जर्जर तारों थके कारण लो वोल्टेज के अलावा अधिकतम गुल ही रहती है। शुुक्रवार को बिजली दस बजे गई तो शनिवार के दोपहर तक बिजली नहीं आई। दिन में बिजली नहीं मिलने से उपभोक्ता उसी तरह परेशान रहे। भरपूर बिजली न मिलने से खेतों की सिंचाई का कार्य बाधित हो रहा है। किसान इस कड़ाके की ठंड में जान हथेली पर रखकर रातों में गेहूं की सिंचाई कर रहे है। बावजूद इसके बिजली के नहीं आने से किसान व आम आदमी के बिजली से चलने वाला सारा काम बाधित है। इस बाबत एसडीओ राजेश कुमार ने बताया कि हमारी तरफ से तकनीकी गड़बड़ी नहीं थी, जो कमी थी उसको ठीक करके उनको समय से बता दिया गया था, लेकिन सेमरी विद्युत उपकेंद्र के कर्मचारियों ने तकनीकी खराबी बताकर बिजली कटौती की थी।
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मधुबन कस्बे को छोड़कर समूचे क्षेत्र को सेमरी जमालपुर से ही बिजली मिलती है। सेमरी स्थित सब स्टेशन से मधुबन के रौजा, दुबारी और बेलौली सब स्टेशन को सप्लाई दी जाती है। जहां से इस क्षेत्र के सैकड़ों गांवों को बिजली मुहैया कराई जाती है। बिजली कर्मचारियों की माने तो वर्तमान समय में बिजली का शेड्यूल अपराह्न तीन बजे से रात दस बजे और तड़के तीन बजे से सुबह दस तक चल रहा है। लेकिन बिजली जर्जर तारों थके कारण लो वोल्टेज के अलावा अधिकतम गुल ही रहती है। शुुक्रवार को बिजली दस बजे गई तो शनिवार के दोपहर तक बिजली नहीं आई। दिन में बिजली नहीं मिलने से उपभोक्ता उसी तरह परेशान रहे। भरपूर बिजली न मिलने से खेतों की सिंचाई का कार्य बाधित हो रहा है। किसान इस कड़ाके की ठंड में जान हथेली पर रखकर रातों में गेहूं की सिंचाई कर रहे है। बावजूद इसके बिजली के नहीं आने से किसान व आम आदमी के बिजली से चलने वाला सारा काम बाधित है। इस बाबत एसडीओ राजेश कुमार ने बताया कि हमारी तरफ से तकनीकी गड़बड़ी नहीं थी, जो कमी थी उसको ठीक करके उनको समय से बता दिया गया था, लेकिन सेमरी विद्युत उपकेंद्र के कर्मचारियों ने तकनीकी खराबी बताकर बिजली कटौती की थी।
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