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Mau News: ओपीडी के समय दंतरोग विभाग में मरीजों के बजाए एमआर की भीड़
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जिला अस्पताल के दंत रोग विभाग में लाइन में लगे दवा प्रतिनिधियों की लाइन: सोर्स वीडियो
मऊ। जिला अस्पताल के दंत रोग विभाग का बुधवार का 21 सेकेंड का एक वीडियो सामने आया है। इसमें दंतरोग विभाग में भीड़ लगी मिली। लेकिन यह मरीजों की नहीं बल्कि अपनी दवाइयां लिखवाने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव की थी। जबकि अस्पताल में दवा प्रतिनिधियों को अंदर आने की अनुमति नहीं है।ओपीडी के समय में लगी इस भीड़ के बारे संबंधित डाक्टर का तर्क है कि एक ही दिन सभी मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के आने से ऐसी नौबत आई। उधर, सीएमएस का कहना है कि यह गलत है। कार्रवाई की जाएगी।
दूर से आए एक मरीज ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वह इलाज कराने पहुंचा था। डाक्टर के न मिलने पर वह दूसरी मंजिल पर चला गया। इस दौरान उसने दंत रोग विभाग में भीड़ देखी। वहां पहुंचा तो मरीजों के बजाए दवा प्रतिनिधियों की भीड़ देखकर उसने वीडियो बना लिया। यह वीडियो बुधवार का है।
दंत रोग विभाग की जिम्मेदारी डॉ. सीपी आर्य के पास है। डॉ. सीपी आर्य ने वीडियो के बारे में अनभिज्ञता जताई लेकिन उन्होंने कहा कि कल दवा प्रतिनिधि आए थे। महीने में एक दिन दवा प्रतिनिधियों को बुलाया था। मरीजों को बाहर की दवा नहीं लिखी जाती है।
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दोपहर 12 बजे गायब दिखे डाक्टर
मऊ। वीडियोे मिलने के बाद इस मामले को जानने के लिए टीम बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में सुबह 11.40 बजे पहुंची। यहां 11.43 मिनट पर डाॅक्टर अनिल कुमार के साथ उनके बगल में डाॅक्टर आर चौहान के बने कक्ष में तैनात नए डाक्टर भी गायब थे। इसी तरह से दंत रोग विभाग से कूछ दूरी पर बने नेत्र रोग विभाग में तैनात डॉक्टर एसएस चौबे भी चेंबर से गायब दिखे।
देर से आते हैं लेकिन समय से चले जाते हैं
बलिया जिले के हलडिब निवासी जयचंद्र ने बताया कि मऊ में बेहतर उपचार की उम्मीद में बृहस्पतिवार की सुबह आठ बजे से पहले अस्पताल पहुंच गया था। लेकिन यहां डाॅक्टर साहब लोग नौ बजे के बाद आए। उपचार तो मिला लेकिन समय से न बैठने के चलते मरीजों की लंबी भीड़ होने पर जांच कराने में दो बज गए। जब रिपोर्ट लेकर दिखाने पहुंचा तो डॉक्टर साहब गायब थे।
बंद हो गया था दवा काउंटर
गाजीपुर जिले के जखनिया निवासी शिवचंद ने बताया कि वायरल का मौसम है। बीमार होने पर वह उपचार के लिए पहुंचा था। इलाज तो मिला लेकिन जांच कराने में उसे काफी मशक्कत करनी पड़ी। नतीजा बारह बजे के बाद उसका उपचार हुआ तो जांच कराने में एक बज गया। जब जांच रिपोर्ट आने के बाद वह दवा काउंटर पर पहुंचा तो ओपीडी बंद होने से दवा काउंटर भी बंद हो चुका था।
जिला अस्पताल में दवा प्रतिनिधियों को अंदर आने की अनुमति नहीं है। इस मामले में डॉ.सीपी आर्य को दिशा निर्देश दिया गया है। मामले की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। डॉक्टरों के देर से आने के मामले को भी दिखवाया जाएगा। - डॉ. धनंजयय कुमार, सीएमएस।
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दूर से आए एक मरीज ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वह इलाज कराने पहुंचा था। डाक्टर के न मिलने पर वह दूसरी मंजिल पर चला गया। इस दौरान उसने दंत रोग विभाग में भीड़ देखी। वहां पहुंचा तो मरीजों के बजाए दवा प्रतिनिधियों की भीड़ देखकर उसने वीडियो बना लिया। यह वीडियो बुधवार का है।
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दंत रोग विभाग की जिम्मेदारी डॉ. सीपी आर्य के पास है। डॉ. सीपी आर्य ने वीडियो के बारे में अनभिज्ञता जताई लेकिन उन्होंने कहा कि कल दवा प्रतिनिधि आए थे। महीने में एक दिन दवा प्रतिनिधियों को बुलाया था। मरीजों को बाहर की दवा नहीं लिखी जाती है।
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दोपहर 12 बजे गायब दिखे डाक्टर
मऊ। वीडियोे मिलने के बाद इस मामले को जानने के लिए टीम बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में सुबह 11.40 बजे पहुंची। यहां 11.43 मिनट पर डाॅक्टर अनिल कुमार के साथ उनके बगल में डाॅक्टर आर चौहान के बने कक्ष में तैनात नए डाक्टर भी गायब थे। इसी तरह से दंत रोग विभाग से कूछ दूरी पर बने नेत्र रोग विभाग में तैनात डॉक्टर एसएस चौबे भी चेंबर से गायब दिखे।
देर से आते हैं लेकिन समय से चले जाते हैं
बलिया जिले के हलडिब निवासी जयचंद्र ने बताया कि मऊ में बेहतर उपचार की उम्मीद में बृहस्पतिवार की सुबह आठ बजे से पहले अस्पताल पहुंच गया था। लेकिन यहां डाॅक्टर साहब लोग नौ बजे के बाद आए। उपचार तो मिला लेकिन समय से न बैठने के चलते मरीजों की लंबी भीड़ होने पर जांच कराने में दो बज गए। जब रिपोर्ट लेकर दिखाने पहुंचा तो डॉक्टर साहब गायब थे।
बंद हो गया था दवा काउंटर
गाजीपुर जिले के जखनिया निवासी शिवचंद ने बताया कि वायरल का मौसम है। बीमार होने पर वह उपचार के लिए पहुंचा था। इलाज तो मिला लेकिन जांच कराने में उसे काफी मशक्कत करनी पड़ी। नतीजा बारह बजे के बाद उसका उपचार हुआ तो जांच कराने में एक बज गया। जब जांच रिपोर्ट आने के बाद वह दवा काउंटर पर पहुंचा तो ओपीडी बंद होने से दवा काउंटर भी बंद हो चुका था।
जिला अस्पताल में दवा प्रतिनिधियों को अंदर आने की अनुमति नहीं है। इस मामले में डॉ.सीपी आर्य को दिशा निर्देश दिया गया है। मामले की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। डॉक्टरों के देर से आने के मामले को भी दिखवाया जाएगा। - डॉ. धनंजयय कुमार, सीएमएस।