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Mau News: कहीं 30 तो कहीं 40 फीट पर बन रहा नाला, गुणवत्ता पर उठे सवाल
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नगर पंचायत घोसी में सीडीएनएस द्वारा बनाया जा रहा नाला।संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
मऊ। आदर्श नगर पंचायत घोसी में जल निकासी की समस्या के समाधान के लिए करीब 31 करोड़ 40 लाख 24 हजार रुपये की लागत से कराए जा रहे सीवरेज एवं कवर्ड आरसीसी नाला निर्माण को लेकर अनियमितता का मामला प्रकाश में आया है।
निर्माण में मानकों की अनदेखी और पुराने नाले के स्थान पर निर्माण नहीं कराए जाने को लेकर सभासदों ने सवाल उठाया है।
नगर पंचायत की ओर से जनवरी 2025 में शासन को भेजे गए प्रस्ताव के बाद स्वीकृत इस परियोजना के तहत नगर के उत्तरी छोर से दक्षिणी छोर तक राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर करीब छह किलोमीटर लंबे आरसीसी नाले का निर्माण कराया जाना है।
निर्माण कार्य जून 2026 में शुरू हुआ। लोगों का आरोप है कि नाला निर्माण में कहीं 30 तो कहीं 40 फीट की दूरी रखी जा रही है। कई स्थानों पर पुराने नाले को तोड़कर उसी स्थान पर नया नाला बनाने के बजाय अलग स्थान पर निर्माण कराया जा रहा है।
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वहीं कुछ स्थानों पर नाला टेढ़ा-तिरछा बनाए जाने से निर्माण की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों पर भी सवाल उठने लगा है।
मनोनीत सभासद रुपेंद्र भारती, सभासद आफताब अहमद का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से हो रहे नाला निर्माण तकनीकी डिजाइन के अनुरूप होना जरूरी है। लेकिन मानक को ताक पर रखकर निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराया जाए। जांच रिपोर्ट के अनुसार जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
इस बाबतईओ अनिल कुमार का कहना है कि नाले का निर्माण सीडीएनएस कार्यदायी संस्था द्वारा कराया जा रहा है। निर्माण को लेकर कई लोगों ने मौखिक शिकायत की थी। शिकायतों के आधार पर मौके का निरीक्षण कराया गया है। निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
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मऊ। आदर्श नगर पंचायत घोसी में जल निकासी की समस्या के समाधान के लिए करीब 31 करोड़ 40 लाख 24 हजार रुपये की लागत से कराए जा रहे सीवरेज एवं कवर्ड आरसीसी नाला निर्माण को लेकर अनियमितता का मामला प्रकाश में आया है।
निर्माण में मानकों की अनदेखी और पुराने नाले के स्थान पर निर्माण नहीं कराए जाने को लेकर सभासदों ने सवाल उठाया है।
नगर पंचायत की ओर से जनवरी 2025 में शासन को भेजे गए प्रस्ताव के बाद स्वीकृत इस परियोजना के तहत नगर के उत्तरी छोर से दक्षिणी छोर तक राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर करीब छह किलोमीटर लंबे आरसीसी नाले का निर्माण कराया जाना है।
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निर्माण कार्य जून 2026 में शुरू हुआ। लोगों का आरोप है कि नाला निर्माण में कहीं 30 तो कहीं 40 फीट की दूरी रखी जा रही है। कई स्थानों पर पुराने नाले को तोड़कर उसी स्थान पर नया नाला बनाने के बजाय अलग स्थान पर निर्माण कराया जा रहा है।
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वहीं कुछ स्थानों पर नाला टेढ़ा-तिरछा बनाए जाने से निर्माण की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों पर भी सवाल उठने लगा है।
मनोनीत सभासद रुपेंद्र भारती, सभासद आफताब अहमद का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से हो रहे नाला निर्माण तकनीकी डिजाइन के अनुरूप होना जरूरी है। लेकिन मानक को ताक पर रखकर निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराया जाए। जांच रिपोर्ट के अनुसार जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
इस बाबतईओ अनिल कुमार का कहना है कि नाले का निर्माण सीडीएनएस कार्यदायी संस्था द्वारा कराया जा रहा है। निर्माण को लेकर कई लोगों ने मौखिक शिकायत की थी। शिकायतों के आधार पर मौके का निरीक्षण कराया गया है। निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।