फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Dirt Jam taps into the city grew, people upset

जाम नालों से बढ़ी नगर में गंदगी, लोग परेशान

Wed, 20 Apr 2016 12:05 AM IST
BEARU, AMAR UJALA, MAU
BEARU, AMAR UJALA, MAU Updated Wed, 20 Apr 2016 12:05 AM IST
विज्ञापन
Dirt Jam taps into the city grew, people upset
शहर में गंदगी से जाम हुआ नाला
तीन लाख की आबादी वाले शहर में जलनिकासी बड़ी समस्या है। शहर में कूड़े कचरे का ठीक ढंग से निस्तारण नहीं होने से यहां की नाले-नालियां जाम हो गई हैं। हर साल बारिश के मौसम में कई मुहल्लों में पानी भर जाता है। इस समय भी हाल यह है कि कई मुहल्लों में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से जलजमाव है। इस बार भी पालिका का दावा है कि बारिश से पहले नालियों को साफ कर दिया जाएगा। लेकिन हर साल बारिश के दिनों में निकासी की समस्या का हल अब तक पालिका के पास नहीं है। 
विज्ञापन


 

 


नगरपालिका की आबादी लगभग तीन लाख है। जिसका पूरा अपशिष्ट तमसा नदी में बह कर जाता है। लेकिन हाल यह है कि न तो तमसा की सफाई पर ध्यान दिया जा रहा। न ही शहर में नालों की सफाई और गंदगी निस्तारण पर पालिका का ध्यान है। शहर की नालों की सफाई में लगभग एक महीने से ज्यादा का समय लगता है।  लेकिन नगरपालिका प्रशासन की ओर से नाले-नालियों की सफाई का कार्य शुरू न कराए जाने से जल निकासी की समस्या गहराती जा रही है।

विज्ञापन


 

नगर के इमिलिया, निजामुद्दीनपुरा सहित कई मोहल्लों में नालों का निर्माण तक नहीं कराया गया है। जहां पर सबसे ज्यादा जलजमाव होता है। वहीं निजामुद्दीनपुरा, मुंशीपुरा, दर्जन राय मुहल्ला, महरनिया दुक्षिण टोला, बंधा रोड सहित दर्जनों मोहल्लों में सार्वजनिक नालियां जाम हैं। जाम नालियों में  स्लाटर हाउस का खून व मलबा गिरने से मोहल्लेवासियों को दुर्गंध के बीच एक-एक पल बिताना भारी पड़ रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन


 

उप्र उद्योग व्यापार मंडल के जिला मंत्री सुरेश कल्यानिया, पूर्व सभासद छोटेलाल गांधी, पंकज शर्मा, सुरेंद्र प्रसाद का कहना है कि नालों तथा सार्वजनिक नालियों के जाम होने से दुर्गंध उठ रही है। इससे आना जाना मुश्किल हो रहा है। इसी तरह निजामुद्दीनपुरा के विनोद कुमार पांडेय, कमलेश प्रसाद, श्रवण कुमार का कहना है कि नाले का निर्माण न होने से छोटी नालियां जाम हो जाती हैं। बरसात में तो नारकीय जीवन जीना पड़ता है।

 


इस बाबत पालिकाध्यक्ष शाहीना अरशद जमाल का कहना है कि जल निकासी के लिए नालों का निर्माण कार्य चल रहा है। बरसात के पूर्व नालों तथा सार्वजनिक नालियों की सफाई करा दी जाएगी।  सफाईकर्मियों की कमी से समस्या आ रही है। 


 


जाम नालों से संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा हो सकता है। डा.ए के गुप्ता ने बताया कि पानी और कूड़ा जहां पर जमा होता है। वहां गंदगी के साथ साथ तमात तरह की बीमारियां भी जन्म लेतीं हैँं। मलेरिया, टायफाइड, जुखाम, आदि रोगों का खतरा बढ़ जाता है।इनका निदान होना चाहिए और नालों की बराबर साफ सफाई अनिवार्य है। इसके सफाई पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed