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जर्जर अस्पताल का भवन बना खतरनाक

Thu, 18 Aug 2022 11:06 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 18 Aug 2022 11:06 PM IST
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dilapidated hospital building became dangerous
रानीपुर। ब्लाक के खुरहट पीएचसी में इलाल कराने आ रहे मरीज दहशत के बीच इलाज करवाने को मजबूर हैं। दरअसल तीन दशक से अस्पताल का भवन मरम्मत के अभाव में जर्जर हो चुका है। ऐसे में अधिकांश मरीज निजी अस्पतालों में जाने को विवश हैं। जबकि जिम्मेदार सब जानकर भी अनजान बने हैं। खुरहट पंचायत में 1985 में अमारी, खुरहट, हाजीपुर, कसारी, धर्मसिपुर, एकडंगा, भौरेपुर, सोनिसा, रामपुर बखरिया, चक्रदेवा सहित 20 से अधिक गांवों के ग्रामीणों के उपचार के लिए चार बेड का प्राथमिक अस्पताल बनाया गया। रोजाना यहां 30 से 35 मरीजों ओपीडी है। करीब 38 वर्ष पुराने इस भवन की मरम्मत एक बार भी न होने से यह जर्जर हाल में पहुंच चुका है। हल्की बारिश में भी हर कमरे टपकते हैं। अस्पताल का आकस्मिक कक्ष, लैब, वार्ड ढह चुके हैं। जंगली जानवर इसे अपनी पनाहगाह बनाए हैं। अस्पताल में छह पद सृजित है। जिसमे प्रभारी चिकित्साधिकारी, चिकित्साधिकारी, फार्मासिस्ट, वार्ड ब्याय, एनएमए, एलए हैं। मौजूदा समय में स्वास्थ केंद्र के प्रभारी ब्लाक क्षेत्र के ही काझा खुर्द स्वास्थ केंद्र पर अटैच है। अस्पताल एक चिकित्सक, फार्मासिस्ट और वार्ड ब्वाय के भरोसे चल रहा है। ग्रामीण अशोक, विनोद, गौतम, कौशल, शंकर ने बताया कि जर्जर भवन के चलते कई मरीज तो यहां इलाज कराने से कतराते हैं। मजबूरी ही उन्हें यहां लाती है। अन्यथा लोग निजी अस्पताल का रुख करते हैं। स्वास्थ केंद्र के चिकित्साधिकारी कमलेश गुप्ता ने बताया कि इस संबंध में विभागीय उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
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