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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Difficulty in alignment of teeth and irregular growth of jaws at an early age, this problem occurs in four out of ten.

Mau News: कम उम्र में ही दांतों के एलाइनमेंट में दिक्कत और जबड़ों की अनियमित वृद्धि, दस में चार में यह समस्या

Wed, 03 Jun 2026 12:26 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jun 2026 12:26 AM IST
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Difficulty in alignment of teeth and irregular growth of jaws at an early age, this problem occurs in four out of ten.
जिला अस्पताल के दंत विभाग की ओपीडी में मरीज को देखतीं चिकित्सक।संवाद
जिले में कम उम्र में दांतों के एलाइनमेंट में दिक्कत और जबड़ों की अनियमित वृद्धि के मामले बढ़ते जा रहे हैं। पहले बुजुर्गों में दांतों की समस्याएं अधिक देखने को मिलती थीं लेकिन अब बच्चे और युवा भी दंत रोगों से ग्रसित हो रहे हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने ओपीडी की पड़ताल में पाया कि हर दस में से चार मरीजों में यह समस्या देखने को मिल रही है। दंत चिकित्सकों के अनुसार, इसके पीछे बदलते खानपान में जंक फूड का अधिक सेवन, तंबाकू की लत तथा दांतों की सफाई पर ध्यान न देना प्रमुख कारण हैं।
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जिला अस्पताल के दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. सीपी आर्या ने बताया कि रोजाना 60 से अधिक मरीज जांच कराने पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकांश मरीज मसूड़ों में दर्द की समस्या लेकर आते हैं।
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उन्होंने बताया कि बीते दस दिनों में ही 700 से अधिक मरीज आए, जिनमें से 200 से अधिक में यह समस्या पाई गई। इनमें करीब 60 प्रतिशत मरीज बच्चे, किशोर और युवा थे।
उन्होंने बताया कि दांतों की सेहत का सीधा संबंध आहार से होता है। केक, पेस्ट्री, चॉकलेट, कैंडी, जंक फूड और सॉफ्ट ड्रिंक्स में मौजूद रिफाइंड शुगर दांतों में बैक्टीरिया को बढ़ावा देती है, जिससे कैविटी और सड़न होती है तथा दांतों की सतह कमजोर हो जाती है।
उन्होंने यह भी बताया कि युवाओं में कोल्ड ड्रिंक के अधिक सेवन से दांतों की ऊपरी परत (इनेमल) को नुकसान पहुंच रहा है। यदि समय रहते दंत रोगों का इलाज न कराया जाए तो यह गंभीर रूप भी ले सकता है।


तंबाकू के सेवन से कैंसर का खतरा
इंडियन डेंटल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. शैलजाकांत पांडेय ने बताया कि कम उम्र में दांतों के एलाइनमेंट में दिक्कत और जबड़ों की अनियमित वृद्धि के मामले बढ़ रहे हैं। ओपीडी में आने वाले हर दस में से चार मरीजों में यह समस्या देखी जा रही है। उन्होंने बताया कि सबसे अधिक मरीज कैविटी (दांतों में कीड़ा लगना) और पायरिया से पीड़ित पाए जा रहे हैं। सहादतपुरा में क्लीनिक संचालित करने वाले दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. असगर अली ने बताया कि युवाओं में तंबाकू और पान मसाला का सेवन दांतों और मुंह से संबंधित रोगों का प्रमुख कारण है। उन्होंने बताया कि प्री-कैंसरस अवस्था में ल्यूकोप्लाकिया (मुंह में सफेद धब्बे) और ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस (मुंह का कम खुलना, मिर्च या कड़वा खाने पर जलन) जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।



ग्रामीण क्षेत्रों में पायरिया और शहरी क्षेत्रों में कैविटी की समस्या अधिक

दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. सारिका सिंह और डॉ. प्रियंका त्रिपाठी ने बताया कि ओपीडी में आने वाले करीब 15 प्रतिशत युवा पायरिया की चपेट में पाए जाते हैं। इनमें अधिकतर की शिकायत रहती है कि रात में मुंह में लार कम बनती है और लंबे समय तक मुंह बंद रहने से समस्या बढ़ती है।

उन्होंने बताया कि रात में ब्रश न करने से भोजन के कण दांतों के बीच फंस जाते हैं, जिससे बैक्टीरिया पनपते हैं और एसिड छोड़ते हैं। इससे मसूड़े कमजोर हो जाते हैं। दिन में खाने-पीने और बोलने से लार बनने के कारण बैक्टीरिया का प्रभाव कुछ कम रहता है।


उन्होंने बताया कि सर्वे में पाया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पायरिया के मरीज अधिक हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में कैविटी की समस्या अधिक है। गांवों में ब्रश करने की आदत कम है, जबकि शहरों में फास्ट फूड का चलन अधिक है। कहा कि दिन में दो बार मुलायम ब्रश और फ्लोराइडयुक्त टूथपेस्ट से दांत साफ करें। माउथवॉश और फ्लॉस का उपयोग करें।

यह बीमारियां पाई गईं

दांतों में गंदगी जमा होना

पायरिया

मसूड़ों से बदबू आना

पस पड़ जाना

मसूड़ों से खून आना

मुंह से दुर्गंध

बच्चों में टॉफी-चॉकलेट अधिक खाने से दांत खराब होना
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