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जलस्तर में घटाव के बाद भी कटान तेज
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Thu, 18 Aug 2016 11:29 PM IST
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घाघरा का जल स्तर जैसे-जैसे तेजी से घट रहा है कटान भी तेज हो गई है। मुक्तिधाम के पास कटान जारी है। इससे प्रतिदिन बड़ा हिस्सा नदी में समा जा रहा है, उपाय नाकाफी साबित हो रहे हैं। सिंचाई विभाग की ओर से कटान रोकने की कवायद खानापूर्ति साबित हो रही है।
घाघरा के जलस्तर में घटाव होने के बाद भी नदी उग्र रुप धारण करती जा रही है। मुक्तिधाम के पास श्मशानघाट पर कटान का क्रम जारी रहने से तटवर्ती इलाके के लोगों की नींद उड़ गई है। नदी के घटते बढ़ते रहने से लोगों को अनिष्ट की चिंता सताने लगी है। गुरुवार को जलस्तर 69.80 मीटर रहा। गौरीशंकर घाट पर खतरे का निशान 69.90 मीटर आंका गया है।
नदी के लगातार कहर बरपाने से नगर के एतिहासिक धरोहरे मुक्तिधाम, दुर्गा मंदिर, शाही मस्जिद, हनुमान मंदिर, डीह बाबा का मंदिर, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला आदि धरोहरों पर खतरा मंडराने लगा है। उधर घोसी लोक सभा सांसद हरिनारायण राजभर ने कटान स्थल मुक्ति धाम का दौरा कर कटान का जायजा लिया। भीषण कटान देखकर सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार को दूरभाष पर कड़ी फटकार लगाई। कहा कि सिचाई विभाग कि उदासीनता व नाबर्ड से जारी 22 करोड़ की लागत से पिचिंग कार्य में लूटखसोट की गई है।
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रामपुर धनौली से मुक्तिधाम तक पिचिंग की बेहतर व्यवस्था की गई होती तो यह नौबत नहीं आती। कटान की समस्या को संसद मे उठाऊंगा। सांसद के साथ डॉ. एचएन सिंह पटेल,संतोष राय,रामअधीन पांडेय, विनय जायसवाल, पंकज गुप्ता, ऋषिराज मिश्रा, कल्पनाथ यादव आदि रहे।
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घाघरा के जलस्तर में घटाव होने के बाद भी नदी उग्र रुप धारण करती जा रही है। मुक्तिधाम के पास श्मशानघाट पर कटान का क्रम जारी रहने से तटवर्ती इलाके के लोगों की नींद उड़ गई है। नदी के घटते बढ़ते रहने से लोगों को अनिष्ट की चिंता सताने लगी है। गुरुवार को जलस्तर 69.80 मीटर रहा। गौरीशंकर घाट पर खतरे का निशान 69.90 मीटर आंका गया है।
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नदी के लगातार कहर बरपाने से नगर के एतिहासिक धरोहरे मुक्तिधाम, दुर्गा मंदिर, शाही मस्जिद, हनुमान मंदिर, डीह बाबा का मंदिर, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला आदि धरोहरों पर खतरा मंडराने लगा है। उधर घोसी लोक सभा सांसद हरिनारायण राजभर ने कटान स्थल मुक्ति धाम का दौरा कर कटान का जायजा लिया। भीषण कटान देखकर सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार को दूरभाष पर कड़ी फटकार लगाई। कहा कि सिचाई विभाग कि उदासीनता व नाबर्ड से जारी 22 करोड़ की लागत से पिचिंग कार्य में लूटखसोट की गई है।
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रामपुर धनौली से मुक्तिधाम तक पिचिंग की बेहतर व्यवस्था की गई होती तो यह नौबत नहीं आती। कटान की समस्या को संसद मे उठाऊंगा। सांसद के साथ डॉ. एचएन सिंह पटेल,संतोष राय,रामअधीन पांडेय, विनय जायसवाल, पंकज गुप्ता, ऋषिराज मिश्रा, कल्पनाथ यादव आदि रहे।