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Mau News: थलईपुर और रतनपुरा रेलवे क्राॅसिंग पर ओवरब्रिज बनाने की मांग
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मऊ / हलधरपुर। जिले में जाम से जूझ रहे दो रेलवे क्राॅसिंग पर आरओबी बनाने की स्वीकृति मिलने के बाद लोगों की उम्मीदें जगी। इंदारा फेफना रेलखंड पर स्थित रेलवे क्राॅसिंग थलईपुर और रतनपुरा क्राॅसिंग मऊ-बलिया के मुख्य मार्ग पर हैं। जिस पर 24 घंटे में 15 से अधिक ट्रेनों के गुजरने पर फाटक बंद होता है। जिससे यहां जाम लगा रहता है। कई बार दो ट्रेनों के गुजरने से फाटक 20 से 25 मिनट तक बंद रहता है। जाम समाप्त होने में लगभग 15 मिनट का समय लग जाता है, इससे लोगों की परेशानी दोगुनी हो जाती है। क्षेत्रीय लोगों ने जनप्रतिनिधियों और रेलवे के उच्चाधिकारियों को पत्र देकर दोनों रेलवे क्राॅसिंग पर ओवरब्रिज बनाने की मांग की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। मऊ-बलिया मार्ग पर जिले की सीमा में आठ किलोमीटर में थलईपुर और रतनपुरा बाजार में रेलवे क्राॅसिंग है। इस मार्ग से मऊ से बलिया, बिहार और बलिया के लोग मऊ, आजमगढ़ और लखनऊ आते जाते हैं। सबसे अधिक समस्या रतनपुरा रेलवे क्राॅसिंग पर होती है। रतनपुरा, क्षेत्र का प्रमुख बाजार होने के साथ ब्लॉक मुख्यालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी है। ब्लॉक कार्यालय पर 77 गांवों के लोग अपनी अपनी समस्याएं लेकर और इलाज के लिए अस्पताल पर पहुंचते हैं। गंभीर घायलों को रेफर करने के बाद जिला अस्पताल ले जाते समय एंबुलेंस भी जाम में फंस जाती है। लोगों की मांग और जाम की समस्या को देखते हुए जनप्रतिनिधियों के प्रयास से शहर के बीचोबीच बालनिकेतन रेलवे क्राॅसिंग और इंदारा रेलवे क्राॅसिंग पर ओवरब्रिज बनाने के लिए आठ माह पहले ही बजट मिल गया था। बालनिकेतन क्राॅसिंग पर काम शुरू हो गया है, इससे जाम की समस्या का समाधान के साथ साथ जिले के विकास को पंख लगेंगे। इसके बनने से नगर पालिका क्षेत्र के पांच किलोमीटर के दायरे में पांच ओवरब्रिज हो जाएंगे।
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प्रतिक्रिया-
1- ब्लॉक मुख्यालय, अस्पताल, बाजार व स्कूल जाने वाले बच्चे जाम में घंटों फंसे रहते हैं। क्राॅसिंग खुलने के इंतजार में बच्चों को स्कूल पहुंचने में देर होती है। वाहन चालकों के पहले निकलने की होड़ में वाहन आड़े तिरछे खड़े कर देते हैं जिससे स्थिति और भयावह हो जाती है। - शिवजी सिंह पूर्व प्रधान, सेमराजपुर
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2- रतनपुरा रेलवे क्रॉसिंग पर जाम लगना आम बात हो गई है। घंटों जाम लगने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। दोनों तरफ तीन तीन किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। जाम समाप्त होने में 30 मिनट का समय लग जाता है।- भगवान सिंह, निवासी हलधरपुर
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3- मऊ-बलिया राष्ट्रीय राजमार्ग जिले का पहला मार्ग है जिसपर आठ किलोमीटर की दूरी में दो रेलवे क्राॅसिंग है। इंदारा फेफना रेलमार्ग पर दोहरीकरण के चलते बीते छह माह में दोनों रेलवे क्राॅसिंग 12-12 घंटों के लिए कई बार बंद किया गया। जिससे लोगों को अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी या किसी दूसरे रास्ते से गंतव्य तक पहुंचे।- नागेंद्र राय - पूर्व प्रधान, थलईपुर
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4- थलईपुर रेलवे क्राॅसिंग पर कई घटनाएं हो चुकी हैं। फाटक बंद करते समय आगे निकलने की होड़ में जनवरी 2024 में बाइक ट्रेन से टकरा गई थी। जिससे ट्रेन आधे घंटे तक विलंब हो गई। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए यहां ओवरब्रिज की आवश्यकता है।
- माधवेश पांडेय, निवासी पिपरसाथ
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1- ब्लॉक मुख्यालय, अस्पताल, बाजार व स्कूल जाने वाले बच्चे जाम में घंटों फंसे रहते हैं। क्राॅसिंग खुलने के इंतजार में बच्चों को स्कूल पहुंचने में देर होती है। वाहन चालकों के पहले निकलने की होड़ में वाहन आड़े तिरछे खड़े कर देते हैं जिससे स्थिति और भयावह हो जाती है। - शिवजी सिंह पूर्व प्रधान, सेमराजपुर
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2- रतनपुरा रेलवे क्रॉसिंग पर जाम लगना आम बात हो गई है। घंटों जाम लगने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। दोनों तरफ तीन तीन किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। जाम समाप्त होने में 30 मिनट का समय लग जाता है।- भगवान सिंह, निवासी हलधरपुर
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3- मऊ-बलिया राष्ट्रीय राजमार्ग जिले का पहला मार्ग है जिसपर आठ किलोमीटर की दूरी में दो रेलवे क्राॅसिंग है। इंदारा फेफना रेलमार्ग पर दोहरीकरण के चलते बीते छह माह में दोनों रेलवे क्राॅसिंग 12-12 घंटों के लिए कई बार बंद किया गया। जिससे लोगों को अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी या किसी दूसरे रास्ते से गंतव्य तक पहुंचे।- नागेंद्र राय - पूर्व प्रधान, थलईपुर
4- थलईपुर रेलवे क्राॅसिंग पर कई घटनाएं हो चुकी हैं। फाटक बंद करते समय आगे निकलने की होड़ में जनवरी 2024 में बाइक ट्रेन से टकरा गई थी। जिससे ट्रेन आधे घंटे तक विलंब हो गई। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए यहां ओवरब्रिज की आवश्यकता है।
- माधवेश पांडेय, निवासी पिपरसाथ