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युवक की पुलिस कस्टडी में मौत मामले की होगी मजिस्ट्रीयल जांच

Tue, 10 Sep 2019 12:06 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 10 Sep 2019 12:06 AM IST
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Death of youth in police custody will be a magisterial inquiry into the case
मऊ। जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने सोमवार को आनन फानन प्रेस वार्ता का आयोजन करके पुलिस कस्टडी में युवक की मौत के मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी दी। डीएम ने बताया कि घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। दस घटना की जांच एसडीएम घोसी निरंकार सिंह को दी गई। उनसे मामले की जांच करके एक सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा गया है।
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उधर पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने बताया कि ओंकेश को बैटरी चुराने के आरोप में लोग पीट रहे थे। पुलिस उसे जनता से बचाकर कोतवाली ले गई। हाजीपुर निवासी अच्छेलाल की तहरीर पर उसके विरुद्ध आठ सितंबर को चोरी की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। आठ सितंबर की ही रात में उसकी हालत बिगड़ गई तो उसे सीएचसी घोसी ले जाया गया जहां पौने तीन बजे उसकी मौत हो गई। एसपी ने बताया कि ओंकेश को हिरासत में लेने के पहले उसका डाक्टरी परीक्षण कराना चाहिए था। लेकिन कोतवाली प्रभारी नीरज पाठक ने ऐसा नहीं किया इसलिए उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया है। परिजनों और रिश्तेदारों द्वारा सीओ पर आरोप लगाने का हवाला देते हुए पूछे गए एक सवाल के जवाब में एसपी ने कहा कि सीओ श्वेता की भूमिका की भी जांच कराई जाएगी। एएसपी एसके श्रीवास्तव सीओ और कोतवाल की भूमिका की जांच करेंगे। एसपी ने बताया कि युवक की मौत के वास्तविक कारणों का पता तो पीएम रिपोर्ट मिलने के बाद ही पता चल सकेगी। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जरा रही है और जो भी इस घटना में दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
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पिता और चाचा का इकलौता वारिश था ओंकेश
ओंकेेश की मौत से उसकी पत्नी संगीत उर्फ सुधा के साथ उसके माता,पिता रामधारी यादव 70 का रोते रोते बुरा हाल था।मृतक अपने माता पिता का इकलौता पुत्र था।साथ ही वह अपने चाचा सेवानिवृत्त सिंचाई कर्मी रिखई यादव का भी वारिस था।तीनों पुत्र किशन,लकी,इशू की पथराई आँखें पूछ रही थीं कि आखिर उसके पापा को पुलिस ने क्यों मार डाला। भाई की पुलिस कस्टडी में हुई मौत की मनहूस खबर सुनकर बहन मंशा का तो रोते रोते बुरा हाल रहा।परिवार के साथ गांव के लोग सीओ,घोसी पुलिस के साथ हाजी पुर निवासी एक व्यक्ति को इस घटना के लिए जिम्मेदार बता रहे थे।
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बड़ा सवाल: 24 घंटे के भीतर क्यों नहीं किया चालान
घोसी कोतवाली पुलिस ने मृतक के साथ मानिक पुर जमीन हाजीपुर निवासी योगेश के विरुद्ध तिलई खुर्द निवासी रघुनाथ यादव की तहरीर पर 8 सितंबर की रात 11बजे बैट्री चोरी का मुकदमा दर्ज किया था।लोग आरोप लगा रहे थे कि जब शनिवार को सीओ ने पिढ़वल मोड़ पहुंच कर अपने सामने ओंकेश के साथ योगेश को कोतवाली बुला कर गिरफ्तार कराया था तो तुरन्त मुकदमा दर्ज कर चालान क्यों नहीं किया गया। जाम स्थल पर मृतक ओंकेश यादव के जुड़वां दोनों बच्चों की पथराई आंखें पूछ रही थीं कि पापा कहां है।

प्रशासन का पुतला फूंका
घोसी कोतवाली के तिलई खुर्द नेवादा गांव निवासी ओंकार की पुलिस कस्टडी में मौत से नाराज लोगों ने जिला पंचायत सदस्य अवधेश बागी व आदिल के नेतृत्व में जाम स्थल पर प्रशासन का पुतला फूंक कर विरोध जताया। डीएम, एसपी के समझाने, सीओ और कोतवाल के विरुद्ध कार्यवाही करने के आश्वासन पर शाम साढ़े पांच बजे समाप्त हुआ। जाम के चलते दोनों तरफ वाहनों की लम्बी लाइनें लग गयीं थीं।
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