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मतगणना पर बवाल, लाठीचार्ज
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Tue, 03 Nov 2015 12:10 AM IST
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना में आखिरी क्षणों में धांधली की शिकायत को लेकर दोहरीघाट ब्लाक के गोंठा एवं फतहपुर मंडाव ब्लाक के मर्यादपुर में जमकर हंगामा हुआ।
यहां पर दूसरे नंबर के प्रत्याशियों को जीताने का आरोप लगाकर प्रत्याशी एवं उसके समर्थकों ने जमकर बवाल किया। जाम भी लगाया। मौके पर पहुंची पुलिस ने भीड़ को तितरबितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। लाठी भांजकर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा।
मधुबन संवाददाता के अनुसार विकास खंड फ़तेहपुर मंडाव के वार्ड संख्या 4 मर्यादपुर से चुनाव परिणाम को लेकर दो गुटों में जबरदस्त खींचातानी चली। चुनाव परिणाम में पहले जगपाती देवी पत्नी स्व. बिन्देश्वरी तिवारी की जीत का दावा किया गया था।
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लेकिन बाद में एक सपा नेता के दबाव में सपा समर्थित प्रत्याशी को जीताने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। नाराज जगपाती देवी के समर्थकों ने सभी कर्मचारियों अधिकारियों को मतगणना स्थल में ही बंधक बना लिया और री काउंटिंग के लिए कालेज के मेनगेट पर जाम लगा दिया।
उसके बाद सुबह आठ बजे उनके समर्थकों ने मधुबन-मऊ शहीद मार्ग जाम कर दिया। लगभग साढ़े दस बजे एडीएम समीर वर्मा दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। सुरक्षा बल ने अवरोध उत्पन्न करने वालों को मौके से खदेड़ा। पुलिस अपने साथ जगपाती की बेटी ममता पांडेय को भी साथ ले गई।
इसके बाद मामला किसी प्रकार शांत हुआ। जगपाती के समर्थकों की माने तो अंतिम चक्र की मतगणना में जगपाती देवी 130 मतों से अपने निकटतम प्रतिद्वद्वी नेहाल को हरा चुकी थीं। जगपाती को कुल 3415 मत और नेहाल को 3285 मत प्राप्त हुए थे। जगपाती देवी ने आरोप लगाया कि लेकिन सत्ता के दबाव में उन्हें 109 मतों से हरा दिया गया।
सुबह इसकी खबर फैलते ही उनके सैकड़ों समर्थक मतदान स्थल पर आकर मेन गेट को घेरकर सभी अधिकारियों को बंधक बना लिया। वह पुनर्गणना की मांग को लेकर अधिकारियों के पास फरियाद लगाती रही। लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी। साढ़े नौ बजे क्षेत्रीय विधायक मौके पर पहुंचे।
विधायक ने पहुंचते ही एसडीएम और आरओ को फटाकर लगाई। इधर मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों ने और पुलिस ने सड़क पर न्याय की उम्मीद लगाए बैठी महिलाओं और पुरुषों पर लाठियां बरसानी शुरू कर दी। चारों तरफ अफरा तफरी के बीच लोग मौके से भागे।
कुसुम्हा संवाददाता के अनुसार मतगणना में गोंठा जिला पंचायत क्षेत्र से रविवार की रात मतगणना में हेराफेरी का आरोप लगाया जा रहा। मेवाती का आरोप है कि उन्हें रात में 535 वोटों से जीता हुआ दिखाया गया था, लेकिन सुबह सोमवार को पता चला कि वह 40 वोटों से ममता से हार चुके हैं।
इसी बात को लेकर उनके समर्थकों ने गोंठा के समीप हाईवे जाम कर दिया। पांच घंटे तक चले जाम में यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त होने पर प्रशासनिक अमला दल बल के साथ पहुंचा।
पुलिस ने कई बार आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठियां भांजकर जाम समाप्त कराया। बाद में यहां पर मेवाती देवी के जीत की घोषणा जांचोपरांत हुई।
इस संबंध में जिलाधिकारी वैभव कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि प्रशासन पर लगाया गया आरोप बेबुनियाद है। कहीं भी धांधली नहीं हुई है। बीच में अफवाह के चलते इस प्रकार की गलतफहमी से लोगों में आक्रोश भड़क रहा।
जाचोंपरांत एवं ब्लाकवार जिला मुख्यालय पर मतों की गणना की सूची आने में विलंब के चलते इस प्रकार की गलतफहमी पैदा हुई है। सभी प्रत्याशियों के चुनाव परिणाम की निष्पक्षता के साथ घोषणा की गई है।
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यहां पर दूसरे नंबर के प्रत्याशियों को जीताने का आरोप लगाकर प्रत्याशी एवं उसके समर्थकों ने जमकर बवाल किया। जाम भी लगाया। मौके पर पहुंची पुलिस ने भीड़ को तितरबितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। लाठी भांजकर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा।
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मधुबन संवाददाता के अनुसार विकास खंड फ़तेहपुर मंडाव के वार्ड संख्या 4 मर्यादपुर से चुनाव परिणाम को लेकर दो गुटों में जबरदस्त खींचातानी चली। चुनाव परिणाम में पहले जगपाती देवी पत्नी स्व. बिन्देश्वरी तिवारी की जीत का दावा किया गया था।
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लेकिन बाद में एक सपा नेता के दबाव में सपा समर्थित प्रत्याशी को जीताने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। नाराज जगपाती देवी के समर्थकों ने सभी कर्मचारियों अधिकारियों को मतगणना स्थल में ही बंधक बना लिया और री काउंटिंग के लिए कालेज के मेनगेट पर जाम लगा दिया।
उसके बाद सुबह आठ बजे उनके समर्थकों ने मधुबन-मऊ शहीद मार्ग जाम कर दिया। लगभग साढ़े दस बजे एडीएम समीर वर्मा दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। सुरक्षा बल ने अवरोध उत्पन्न करने वालों को मौके से खदेड़ा। पुलिस अपने साथ जगपाती की बेटी ममता पांडेय को भी साथ ले गई।
इसके बाद मामला किसी प्रकार शांत हुआ। जगपाती के समर्थकों की माने तो अंतिम चक्र की मतगणना में जगपाती देवी 130 मतों से अपने निकटतम प्रतिद्वद्वी नेहाल को हरा चुकी थीं। जगपाती को कुल 3415 मत और नेहाल को 3285 मत प्राप्त हुए थे। जगपाती देवी ने आरोप लगाया कि लेकिन सत्ता के दबाव में उन्हें 109 मतों से हरा दिया गया।
सुबह इसकी खबर फैलते ही उनके सैकड़ों समर्थक मतदान स्थल पर आकर मेन गेट को घेरकर सभी अधिकारियों को बंधक बना लिया। वह पुनर्गणना की मांग को लेकर अधिकारियों के पास फरियाद लगाती रही। लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी। साढ़े नौ बजे क्षेत्रीय विधायक मौके पर पहुंचे।
विधायक ने पहुंचते ही एसडीएम और आरओ को फटाकर लगाई। इधर मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों ने और पुलिस ने सड़क पर न्याय की उम्मीद लगाए बैठी महिलाओं और पुरुषों पर लाठियां बरसानी शुरू कर दी। चारों तरफ अफरा तफरी के बीच लोग मौके से भागे।
कुसुम्हा संवाददाता के अनुसार मतगणना में गोंठा जिला पंचायत क्षेत्र से रविवार की रात मतगणना में हेराफेरी का आरोप लगाया जा रहा। मेवाती का आरोप है कि उन्हें रात में 535 वोटों से जीता हुआ दिखाया गया था, लेकिन सुबह सोमवार को पता चला कि वह 40 वोटों से ममता से हार चुके हैं।
इसी बात को लेकर उनके समर्थकों ने गोंठा के समीप हाईवे जाम कर दिया। पांच घंटे तक चले जाम में यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त होने पर प्रशासनिक अमला दल बल के साथ पहुंचा।
पुलिस ने कई बार आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठियां भांजकर जाम समाप्त कराया। बाद में यहां पर मेवाती देवी के जीत की घोषणा जांचोपरांत हुई।
इस संबंध में जिलाधिकारी वैभव कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि प्रशासन पर लगाया गया आरोप बेबुनियाद है। कहीं भी धांधली नहीं हुई है। बीच में अफवाह के चलते इस प्रकार की गलतफहमी से लोगों में आक्रोश भड़क रहा।
जाचोंपरांत एवं ब्लाकवार जिला मुख्यालय पर मतों की गणना की सूची आने में विलंब के चलते इस प्रकार की गलतफहमी पैदा हुई है। सभी प्रत्याशियों के चुनाव परिणाम की निष्पक्षता के साथ घोषणा की गई है।