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Mau News: कंबाइन मशीनों के लिए एक बार में 100 लीटर मिल रहा डीजल, 400 लीटर है टंकी की क्षमता

Fri, 03 Apr 2026 11:50 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 03 Apr 2026 11:50 PM IST
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Combine machines are getting 100 liters of diesel at a time, the tank capacity is 400 liters.
ट्रैक्टर ट्राली में डीजल को लेकर गैलन में डीजल लेने पहुंचे किसान
पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति भले सामान्य बताई जा रही हो, लेकिन गेहूं कटाई के सीजन में किसानों के लिए डीजल की कमी गंभीर समस्या बन गई है। सख्त नियमों के कारण जहां कालाबाजारी पर रोक लगी है, वहीं किसानों, ट्रैक्टर और कंबाइन मशीन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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तहसील क्षेत्र के पेट्रोल पंपों पर वाहन चालकों को तेल आसानी से मिल रहा है, लेकिन किसानों के लिए स्थिति अब भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। कंबाइन मशीनों को एक बार में अधिकतम 100 लीटर डीजल ही दिया जा रहा है, जबकि एक मशीन की टंकी की क्षमता लगभग 400 लीटर होती है।
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इससे मशीनों का संचालन बाधित हो रहा है और बार-बार पेट्रोल पंप का चक्कर लगाना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, गैलन (डब्बे) में डीजल देने पर भी कड़ी पाबंदी है। एक व्यक्ति को एक दिन में केवल एक बार और अधिकतम 20 लीटर डीजल ही दिया जा रहा है।
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इससे ट्रैक्टर चालकों को भी परेशानी हो रही है, क्योंकि खेतों में लगातार काम करने के लिए पर्याप्त डीजल नहीं मिल पा रहा है। वहीं पेट्रोल तो गैलन में एकदम मनाही है।
क्षेत्र के किसान वीर बहादुर सिंह, रमेश यादव पहलवान, अमित मिश्र, चंद्रिका यादव, दिवाकर राय और महातम चौहान का कहना है कि गेहूं कटाई का समय सीमित होता है।
ऐसे में डीजल की कमी के कारण बार-बार पेट्रोल पंप पर जाने से काम प्रभावित हो रहा है, जिससे फसल खराब होने का खतरा भी बढ़ गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस समय किसानों और मशीन संचालकों को विशेष छूट दी जाए।
उधर पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि उन्हें डीएसओ द्वारा सख्त निर्देश दिए गए हैं। पेट्रोल केवल वाहनों के टैंक में ही दिया जा रहा है, गैलन में पूरी तरह से बंद है, जबकि डीजल भी सीमित मात्रा में केवल 20 लीटर ही दिया जा रहा है। साथ ही तेल लेने वालों का पूरा विवरण भी रजिस्टर में दर्ज किया जा रहा है।

डीजल की बढ़ी मांग तो सख्त हो गया विभाग
वर्तमान में जिले के 130 पेट्रोल पंपों पर डीजल की उपलब्धता है। शुक्रवार को ही जिले में 1046 केएल (किलोलीटर) की उपलब्धता है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक डीजल 27 से 29 मार्च के बीच तीन दिन में अफवाह के चलते बिका। पहले दिन 478 केएल, दूसरे दिन 467 केएल, जबकि तीसरे दिन यानी 29 मार्च को 355 केएल डीजल बिका। इसके बाद 30 मार्च को यह सीधे 40 फीसदी घटकर 267 केएल और अगले दिन 10 फीसदी और घटकर 31 मार्च को 242 केएल पर आ गया। वहीं एक अप्रैल को यह 195 केएल और 2 अप्रैल को 210 केएल पर पहुंच गया।


डीजल की कालाबाजारी न हो, इसके लिए गैलन में किसानों के लिए एक दर तय की गई है। किसान डीजल खत्म होने के बाद दोबारा पेट्रोल पंप से इसे ले सकता है, इस पर कोई मनाही नहीं है। यदि कोई पेट्रोल पंप संचालक मना करता है तो उसकी शिकायत की जा सकती है।
-राघवेंद्र कुमार सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी, मऊ
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