{"_id":"673b8ac8540a96e602033694","slug":"cmo-should-take-action-on-low-attendance-of-health-superintendents-and-bpm-mau-news-c-295-1-mau1001-120528-2024-11-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mau News: स्वास्थ्य अधीक्षकों और बीपीएम की कम उपस्थिति पर सीएमओ करें कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mau News: स्वास्थ्य अधीक्षकों और बीपीएम की कम उपस्थिति पर सीएमओ करें कार्रवाई
विज्ञापन
आशा कलस्टर मीटिंग की समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य अधीक्षकों और बीपीएम की उपस्थिति 50 प्रतिशत मिलने पर सीडीओ प्रशांत नागर ने नाराजगी जताई। साथ ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी को उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिया।
मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) प्रशांत नागर की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति के निकाय की बैठक सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। एसएनसीयू में क्षमता के सापेक्ष शिशुओं की कम भर्ती पर भी सीडीओ ने समस्त स्वास्थ्य अधीक्षकों को इसमें वृद्धि करने के निर्देश दिए। एनआरसी में भी अपेक्षा के अनुरूप शिशुओं की भर्ती कम होने पर उन्होंने इसमें सुधार करने को कहा। पीआईसीयू में भर्ती की समीक्षा के दौरान उन्होंने झांसी में हुई दुर्घटना के मद्देनजर समस्त तैयारी रखने को कहा। जिससे किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। इस दौरान यूपी हेल्थ डैशबोर्ड में सितंबर और अक्तूबर में संचालित संचारी रोग नियंत्रण अभियान में जनपद का पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर उन्होंने समस्त अधिकारियों को बधाई दी। संस्थागत प्रसव की समीक्षा के दौरान विकासखंड घोसी में 73.88, मुहम्मदाबाद गोहना में 77.53, बडरांव में 82.48 प्रतिशत संस्थागत प्रसव होने पर मुख्य विकास अधिकारी ने समस्त स्वास्थ्य अधीक्षकों को इसमें सुधार लाने का निर्देश दिया। टीबी मुक्त ग्राम पंचायत में पूरे प्रदेश में नौवां स्थान प्राप्त करने पर भी उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बधाई दी।
शिविर लगाएं, बैंक में पर्याप्त हो रक्त
ब्लड बैंक की उपलब्धता की समीक्षा के दौरान क्षमता के अनुरूप ब्लड की उपलब्धता नहीं होने पर उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को कैंप लगाकर ब्लड बैंक में ब्लड की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। आयुष्मान भारत के तहत गोल्डन कार्ड बनाए जाने की प्रगति धीमी पाए जाने पर उन्होंने इसमें तेजी लाने का निर्देश दिया। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने निर्माण कार्यों की वित्तीय, भौतिक प्रगति, 102 एवं 108 एंबुलेंस सेवा, हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर, नेशनल ट्यूबरक्लोसिस एलिमिनेशन प्रोग्राम, नेशनल लेप्रोसी इरेडिकेशन प्रोगाम, पीपीपी परियोजना, जननी सुरक्षा योजना आदि की भी समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राहुल सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार उपाध्याय, जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग से जुड़े समस्त अधिकारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) प्रशांत नागर की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति के निकाय की बैठक सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। एसएनसीयू में क्षमता के सापेक्ष शिशुओं की कम भर्ती पर भी सीडीओ ने समस्त स्वास्थ्य अधीक्षकों को इसमें वृद्धि करने के निर्देश दिए। एनआरसी में भी अपेक्षा के अनुरूप शिशुओं की भर्ती कम होने पर उन्होंने इसमें सुधार करने को कहा। पीआईसीयू में भर्ती की समीक्षा के दौरान उन्होंने झांसी में हुई दुर्घटना के मद्देनजर समस्त तैयारी रखने को कहा। जिससे किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। इस दौरान यूपी हेल्थ डैशबोर्ड में सितंबर और अक्तूबर में संचालित संचारी रोग नियंत्रण अभियान में जनपद का पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर उन्होंने समस्त अधिकारियों को बधाई दी। संस्थागत प्रसव की समीक्षा के दौरान विकासखंड घोसी में 73.88, मुहम्मदाबाद गोहना में 77.53, बडरांव में 82.48 प्रतिशत संस्थागत प्रसव होने पर मुख्य विकास अधिकारी ने समस्त स्वास्थ्य अधीक्षकों को इसमें सुधार लाने का निर्देश दिया। टीबी मुक्त ग्राम पंचायत में पूरे प्रदेश में नौवां स्थान प्राप्त करने पर भी उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बधाई दी।
विज्ञापन
शिविर लगाएं, बैंक में पर्याप्त हो रक्त
ब्लड बैंक की उपलब्धता की समीक्षा के दौरान क्षमता के अनुरूप ब्लड की उपलब्धता नहीं होने पर उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को कैंप लगाकर ब्लड बैंक में ब्लड की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। आयुष्मान भारत के तहत गोल्डन कार्ड बनाए जाने की प्रगति धीमी पाए जाने पर उन्होंने इसमें तेजी लाने का निर्देश दिया। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने निर्माण कार्यों की वित्तीय, भौतिक प्रगति, 102 एवं 108 एंबुलेंस सेवा, हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर, नेशनल ट्यूबरक्लोसिस एलिमिनेशन प्रोग्राम, नेशनल लेप्रोसी इरेडिकेशन प्रोगाम, पीपीपी परियोजना, जननी सुरक्षा योजना आदि की भी समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राहुल सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार उपाध्याय, जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग से जुड़े समस्त अधिकारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन