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Mau News: शाम होते ही शहर और हाईवे के किनारे 30 फीसदी पेट्रोल पंपों पर नहीं मिल रहा तेल
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शाम होते ही जिले के 104 में से करीब 30 फीसदी पेट्रोल पंपों पर तेल की बिक्री बंद हो जा रही है। लंबी दूरी पर जाने वाले लोगों को तत्काल पेट्रोल-डीजल नहीं मिलने से परेशानी हो रही है।
रविवार की शाम सात बजे कई पंपों पर ईंधन उपलब्ध नहीं है का बोर्ड लगा दिया गया था। इनमें मझवारा, कोपागंज, मुहम्मदाबाद गोहना, चिरैयाकोट, दोहरीघाट, घोसी, मधुबन और शहर सहित आसपास के पंप शामिल थे।
शिकायत के बाद डीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों और जिलापूर्ति विभाग को पत्र भेजा। कहा था कि संज्ञान में आया है कि कुछ पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा ‘ईंधन उपलब्ध नहीं है’ का बोर्ड लगाकर ग्राहकों को वापस लौटाया जा रहा है।
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इस स्थिति में ईंधन की जमाखोरी और कालाबाजारी की संभावना हो सकती है। सभी पंपों का आकस्मिक निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति जानने के निर्देश दिए गए थे।
टीम ने दो दिन तक पंपों के स्टॉक रजिस्टर, भूमिगत टैंकों की वास्तविक उपलब्धता और रोजाना बिक्री के आंकड़ों का मिलान किया। जानबूझकर अभाव पैदा करने वाले संचालकों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
डीएम के आदेश पर दो दिन तक टीम ने पंपों पर पहुंचकर स्टॉक की जांच की, जहां सब कुछ सही पाया गया। जिन पंपों पर ईंधन समाप्त होने का बोर्ड लगा था, वहां वास्तव में स्टॉक समाप्त था। संचालकों ने बताया था कि टैंकर कुछ घंटे में पहुंचने वाला है।
विभाग और संचालकों द्वारा दी गई रिपोर्ट के अनुसार 22 मई को 7.53 लाख लीटर डीजल और 6.03 लाख लीटर पेट्रोल का स्टॉक था। उस दिन 3.18 लाख लीटर डीजल और 2.60 लाख लीटर पेट्रोल की बिक्री हुई थी।
23 मई को 8.39 लाख लीटर डीजल और 6.95 लाख लीटर पेट्रोल का स्टॉक था। इसमें से 2.41 लाख लीटर डीजल और 1.85 लाख लीटर पेट्रोल की बिक्री हुई थी।
24 मई को डीजल का स्टॉक 8.93 लाख लीटर और पेट्रोल का स्टॉक 7.77 लाख लीटर था। इसमें से 2.61 लाख लीटर डीजल और 1.73 लाख लीटर पेट्रोल की बिक्री हुई थी।
एंबुलेंस और आपात स्थिति के लिए सभी पंपों पर 500 लीटर तक तेल रखने के निर्देश
ईंधन की समस्या को देखते हुए आपात स्थिति से निपटने के लिए विभाग ने अलग व्यवस्था की है। जिले के सभी पंप संचालकों से स्टॉक में 500 से 1000 लीटर पेट्रोल हमेशा उपलब्ध रखने को कहा गया है, ताकि उस इलाके से गुजर रही एंबुलेंस, पुलिस की पीआरवी गाड़ी जैसे वाहनों को समय पर ईंधन मिल सके।
जिले में 104 पंप हैं। यह निश्चित नहीं है कि सभी पर ईंधन उपलब्ध हो। लेकिन बीते दो माह में कभी भी जिले में पूरी तरह से स्टॉक समाप्त नहीं हुआ है। कहीं-कहीं टैंकर रास्ते में होने के कारण बिक्री की सीमा निर्धारित कर सभी को तेल देने का तरीका अपनाया गया है, जिससे किसी को गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी न हो। - राघवेंद्र कुमार सिंह, जिलापूर्ति अधिकारी, मऊ
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रविवार की शाम सात बजे कई पंपों पर ईंधन उपलब्ध नहीं है का बोर्ड लगा दिया गया था। इनमें मझवारा, कोपागंज, मुहम्मदाबाद गोहना, चिरैयाकोट, दोहरीघाट, घोसी, मधुबन और शहर सहित आसपास के पंप शामिल थे।
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शिकायत के बाद डीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों और जिलापूर्ति विभाग को पत्र भेजा। कहा था कि संज्ञान में आया है कि कुछ पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा ‘ईंधन उपलब्ध नहीं है’ का बोर्ड लगाकर ग्राहकों को वापस लौटाया जा रहा है।
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इस स्थिति में ईंधन की जमाखोरी और कालाबाजारी की संभावना हो सकती है। सभी पंपों का आकस्मिक निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति जानने के निर्देश दिए गए थे।
टीम ने दो दिन तक पंपों के स्टॉक रजिस्टर, भूमिगत टैंकों की वास्तविक उपलब्धता और रोजाना बिक्री के आंकड़ों का मिलान किया। जानबूझकर अभाव पैदा करने वाले संचालकों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
डीएम के आदेश पर दो दिन तक टीम ने पंपों पर पहुंचकर स्टॉक की जांच की, जहां सब कुछ सही पाया गया। जिन पंपों पर ईंधन समाप्त होने का बोर्ड लगा था, वहां वास्तव में स्टॉक समाप्त था। संचालकों ने बताया था कि टैंकर कुछ घंटे में पहुंचने वाला है।
विभाग और संचालकों द्वारा दी गई रिपोर्ट के अनुसार 22 मई को 7.53 लाख लीटर डीजल और 6.03 लाख लीटर पेट्रोल का स्टॉक था। उस दिन 3.18 लाख लीटर डीजल और 2.60 लाख लीटर पेट्रोल की बिक्री हुई थी।
23 मई को 8.39 लाख लीटर डीजल और 6.95 लाख लीटर पेट्रोल का स्टॉक था। इसमें से 2.41 लाख लीटर डीजल और 1.85 लाख लीटर पेट्रोल की बिक्री हुई थी।
24 मई को डीजल का स्टॉक 8.93 लाख लीटर और पेट्रोल का स्टॉक 7.77 लाख लीटर था। इसमें से 2.61 लाख लीटर डीजल और 1.73 लाख लीटर पेट्रोल की बिक्री हुई थी।
एंबुलेंस और आपात स्थिति के लिए सभी पंपों पर 500 लीटर तक तेल रखने के निर्देश
ईंधन की समस्या को देखते हुए आपात स्थिति से निपटने के लिए विभाग ने अलग व्यवस्था की है। जिले के सभी पंप संचालकों से स्टॉक में 500 से 1000 लीटर पेट्रोल हमेशा उपलब्ध रखने को कहा गया है, ताकि उस इलाके से गुजर रही एंबुलेंस, पुलिस की पीआरवी गाड़ी जैसे वाहनों को समय पर ईंधन मिल सके।
जिले में 104 पंप हैं। यह निश्चित नहीं है कि सभी पर ईंधन उपलब्ध हो। लेकिन बीते दो माह में कभी भी जिले में पूरी तरह से स्टॉक समाप्त नहीं हुआ है। कहीं-कहीं टैंकर रास्ते में होने के कारण बिक्री की सीमा निर्धारित कर सभी को तेल देने का तरीका अपनाया गया है, जिससे किसी को गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी न हो। - राघवेंद्र कुमार सिंह, जिलापूर्ति अधिकारी, मऊ