मऊ। ग्रीन लैंड में बनाए गए आठ और मकानों पर सिटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में बुल्डोजर चलाकर ढहाया गया। अमर उजाला की तरफ से जनवरी माह में चलाए गए अभियान के दौरान नियोजन विभाग की तरफ से 65 लोगों को नोटिस जारी की गई थी। इसके बाद मामले की सुनवाई कर मकान को ढहाने का आदेश दिया।
बताते चले जनवरी 2020 माह में अमर उजाला ने ग्रीन लैड क्षेत्र में अतिक्रमण करने का अभियान चलाया गया था। इस दौरान 15 जनवरी से चलाए गए अभियान में तमसा नदी के तलहटी में बनाए गए मकानों और अतिक्रमण को फोकस कर खबर प्रकाशित की गई थी। इसको नियोजन विभाग ने गंभीरता लिया। इस दौरान विभाग की तरफ से 21 जनवरी को 65 लोगों को नोटिस जारी की गई थी। इस खबर को अमर उजाला ने पेज दो पर 22 जनवरी के अंक में तमसा के किनारे निर्माण करने वाले 65 लोगों को नोटिस शीर्षक से खबर प्रकाशित किया था। नोटिस जारी होने के बाद बकायदा सिटी मजिस्ट्रेट के कोर्ट में इस मामले की सुनाई हुई। इसके बाद 29 फरवरी से लेकर 5 मार्च के बीच नौ मकान गिराने का आदेश जारी किया गया। इस दौरान मकान के स्वामियों को खुद से मकान गिराने के लिए एक माह का समय दिया गया था। लेकिन संयोग से तभी से कोरोना संक्रमण काल शुरु हो गया। इसके चलते प्रशासन कार्रवाई नही कर सका था। जेई नियोजन समीउल्लाह ने बताया कि गिराए गए मकान एकलाख अहमद, गामा, फिराज, अजमल, गुलाम, सईद अहमद, वसीम अहमद का, इम्तेयाज अहमद के साथ इस्तेयाक अहमद का शामिल था। इसमें वसीम के मकान में अवैध तरीके से स्लाटर हाऊस चलाया जाता था। समीउल्लाह की मानें तो ढहाए गए मकानों की कीमत एक करोड़ से अधिक की रही होगी। सूत्रों की मानें तो अभी और मकान ढहाया जाने वाला है। विभाग ने अपनी कार्रवाई को गोपनीय रखा है।