{"_id":"6ad91f2b1139e0e1de0eab03","slug":"board-exams-exam-centers-to-be-determined-based-on-online-attendance-and-academic-performance-mau-news-c-295-1-svns1028-153856-2026-10-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"बोर्ड परीक्षा : ऑनलाइन उपस्थिति और शैक्षणिक प्रदर्शन से तय होंगे केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बोर्ड परीक्षा : ऑनलाइन उपस्थिति और शैक्षणिक प्रदर्शन से तय होंगे केंद्र
विज्ञापन
माध्यमिक शिक्षा परिषद ने वर्ष 2027 की बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण की नई नीति जारी की है। इसके तहत अब विद्यालयों के बुनियादी ढांचे के साथ विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति और शैक्षणिक प्रदर्शन को भी केंद्र निर्धारण में महत्व दिया जाएगा।
जिले में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के कुल 71,656 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। जिले में 17 राजकीय, 67 सहायता प्राप्त और 422 मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय हैं।
वर्ष 2027 की बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल के 36,887 और इंटरमीडिएट के 34,789 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा पांच फरवरी से प्रस्तावित है। केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया जारी है। जिला समिति स्कूलों का भौतिक सत्यापन पूरा कर रिपोर्ट ऑनलाइन परिषद को भेज चुकी है।
विज्ञापन
नई नीति के अनुसार, विद्यालयों की रैंकिंग और रेटिंग में बायोमेट्रिक या ऑनलाइन माध्यम से दर्ज दैनिक उपस्थिति को प्रमुख आधार बनाया जाएगा। जिन विद्यालयों में लगातार 180 दिनों तक ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज हुई होगी, उन्हें केंद्र निर्धारण में प्राथमिकता दी जाएगी।
विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन और परीक्षा के अंकों को भी विद्यालय की रेटिंग में शामिल किया जाएगा। केंद्र निर्धारण में राजकीय और अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों को पहली वरीयता दी जाएगी।
इस तरह केंद्र चयन में बुनियादी सुविधाओं के साथ शैक्षिक गुणवत्ता को भी महत्व मिलेगा। जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद ने बताया कि ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने वाले विद्यालयों को केंद्र निर्धारण में प्राथमिकता मिलेगी।
विज्ञापन
जिले में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के कुल 71,656 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। जिले में 17 राजकीय, 67 सहायता प्राप्त और 422 मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय हैं।
विज्ञापन
वर्ष 2027 की बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल के 36,887 और इंटरमीडिएट के 34,789 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा पांच फरवरी से प्रस्तावित है। केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया जारी है। जिला समिति स्कूलों का भौतिक सत्यापन पूरा कर रिपोर्ट ऑनलाइन परिषद को भेज चुकी है।
विज्ञापन
नई नीति के अनुसार, विद्यालयों की रैंकिंग और रेटिंग में बायोमेट्रिक या ऑनलाइन माध्यम से दर्ज दैनिक उपस्थिति को प्रमुख आधार बनाया जाएगा। जिन विद्यालयों में लगातार 180 दिनों तक ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज हुई होगी, उन्हें केंद्र निर्धारण में प्राथमिकता दी जाएगी।
विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन और परीक्षा के अंकों को भी विद्यालय की रेटिंग में शामिल किया जाएगा। केंद्र निर्धारण में राजकीय और अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों को पहली वरीयता दी जाएगी।
इस तरह केंद्र चयन में बुनियादी सुविधाओं के साथ शैक्षिक गुणवत्ता को भी महत्व मिलेगा। जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद ने बताया कि ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने वाले विद्यालयों को केंद्र निर्धारण में प्राथमिकता मिलेगी।