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आधार कार्ड के बिना नहीं लगेगा एंटी रैबीज इंजेक्शन
Wed, 29 May 2019 10:47 PM IST
पवन सिंह
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Published by: पवन सिंह
Updated Wed, 29 May 2019 10:47 PM IST
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इंजेक्शन
- फोटो : डेमो फोटो
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कुत्ता, बंदर या जंगली सूअर के अलावा जानवर के काटने पर लगने वाला रैबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए आधार जरूरी हो गया है। सरकारी अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने के लिए अब आधार कार्ड लेकर जाना होगा। स्वास्थ्य विभाग ने रैबिज की धांधली पर रोक लगाने के लिए यह कदम उठाया है। जिला अस्पताल सहित सीएचसी-पीएचसी पर आधार कार्ड दिखाने के बाद ही मरीजों को एंटी रैबिज इंजेक्शन लगाया जा रहा। हालांकि विभाग की इस नए नियम की जानकारी जिन मरीजों को नहीं है उन्हें लौटना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल और जिले के 9 सीएचसी और 38 पीएचसी पर रोजाना बड़ी संख्या में एंटी रैबिज के इंजेक्शन लगवाने लोग पहुंचते हैं। सबसे ज्यादा खपत जिला अस्पताल में है। यहां प्रतिदिन 100 से ज्यादा लोगों को एंटी रैबिज का इंजेक्शन लगता है। जबकि सीएचसी-पीएचसी पर यह संख्या 50 से 60 के बीच है। बीते कुछ सालों से इंजेक्शन की खपत दोगुनी होने से जिला अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में इसका स्टॉक खत्म हो रहा था। इससे आए दिन अस्पतालों में मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों के बीच विवाद होता था।
खपत पर नजर रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव ने 12 अप्रैल से जिले के सभी सीएमओ और सीएचसी और पीएचसी प्रभारियों को एंटी रैबीज वैक्सीन और एंटीस्नेक वैक्सीन के इंजेक्शन की अस्पतालों में हो रहे दुरुपयोग को रोकने के लिए के कड़े निर्देश जारी किए। महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने सीएमओ को भेजे पत्र में एंटी रैबिज के लिए मरीज को आधार कार्ड और मोबाइल नंबर की अनिवार्यताएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं। अब वैक्सीन के आने वाले मरीजों का आधार कार्ड के साथ मोबाइल नंबर भी दर्ज किया जा रहा।
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जिला अस्पताल और जिले के 9 सीएचसी और 38 पीएचसी पर रोजाना बड़ी संख्या में एंटी रैबिज के इंजेक्शन लगवाने लोग पहुंचते हैं। सबसे ज्यादा खपत जिला अस्पताल में है। यहां प्रतिदिन 100 से ज्यादा लोगों को एंटी रैबिज का इंजेक्शन लगता है। जबकि सीएचसी-पीएचसी पर यह संख्या 50 से 60 के बीच है। बीते कुछ सालों से इंजेक्शन की खपत दोगुनी होने से जिला अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में इसका स्टॉक खत्म हो रहा था। इससे आए दिन अस्पतालों में मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों के बीच विवाद होता था।
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खपत पर नजर रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव ने 12 अप्रैल से जिले के सभी सीएमओ और सीएचसी और पीएचसी प्रभारियों को एंटी रैबीज वैक्सीन और एंटीस्नेक वैक्सीन के इंजेक्शन की अस्पतालों में हो रहे दुरुपयोग को रोकने के लिए के कड़े निर्देश जारी किए। महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने सीएमओ को भेजे पत्र में एंटी रैबिज के लिए मरीज को आधार कार्ड और मोबाइल नंबर की अनिवार्यताएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं। अब वैक्सीन के आने वाले मरीजों का आधार कार्ड के साथ मोबाइल नंबर भी दर्ज किया जा रहा।
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