{"_id":"8ab55ba984bbf1970eebd77ab3c0c0ef","slug":"against-the-institution-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्राओं ने मधुबन-बेल्थरा रोड किया जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्राओं ने मधुबन-बेल्थरा रोड किया जाम
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Mon, 28 Dec 2015 12:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कंप्यूटर सिखाने के नाम पर अवैध ढंग से लिए गए धन को वापस करने की मांग लेकर छात्राओं ने रविवार को मधुबन बेल्थरा मार्ग पर कटघरा शंकर तिराहे पर चक्काजाम कर दिया। लगभग आधे घंटे तक जाम को तहसीलदार और कोतवाल ने समझा बुझाकर समाप्त करवाया।
मधुबन क्षेत्र के कटघरा शंकर स्थित एक मकान में स्मार्ट वैल्यू प्रोडक्ट्स एंड सर्विसेज लिमिटेड के नाम से संस्था संचालित है। छात्राओं के अनुसार इसमें कंप्यूटर से जुड़ी आईटी व एजुकेशन, हेल्थ आदि की शिक्षा देने की बात कही जाती है। लेकिन कंप्यूटर सिखाने के नाम पर मात्र खाना पूर्ति ही की जाती है।
इसके एवज में नौ हजार से लेकर ग्यारह हजार रुपये तक प्रत्येक छात्रा से लिया जा रहा। संस्था में प्रवेश लेने वाली राधिका, रीमा, प्रियंका, नीतू राव, संध्या, रीना, रूबी, पूनम आदि ने बताया कि संस्था के लोग पहले केवल सौ रुपये में फार्म भरवाकर शिक्षा देने की बात करते हैं।
विज्ञापन
प्रशिक्षित होने पर दो माह बाद हजारों रुपये कमाने का झांसा देते हैं। लेकिन जब कुछ दिन बीत जाता है तो नौ से ग्यारह हजार रुपये तक वसूले जाते हैं। जब वेतन की मांग की जाती है तो कहते हैं कि छात्र और छात्राओं का एडमीशन कराओ तो प्रति छात्र तुम्हें 500 रुपये बतौर कमीशन दिए जाएंगे।
छात्राओं का कहना था कि हमें पहले यह बात नहीं बताई गई। ऐसी स्थिति में हमारा धन वापस किया जाय। लेकिन संस्थान के लोग रुपये देने पर राजी नहीं हुए। इसकी शिकायत छात्राओं ने पुलिस से की। पुलिस ने संस्थान पर दो दिन पूर्व छापा मारकर चार लोगों को हिरासत में लिया। लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
इससे नाराज छात्राओं ने शनिवार को चक्काजाम कर दिया। तहसीलदार रामभेज व कोतवाल हवलदार सिंह यादव ने मौके पर जाकर छात्राओं को जाँच के बाद रुपया दिलाने का भरोसा दिलाया। तब जाकर चक्काजाम समाप्त हुआ। उधर तहसीलदार ने बताया कि जिस संस्था की ये लड़कियां है,ं वहां मौके पर जांच की गई तो आज भी क्लास चलता हुआ पाया गया। फिर भी जांच कर रहे हैं।
विज्ञापन
मधुबन क्षेत्र के कटघरा शंकर स्थित एक मकान में स्मार्ट वैल्यू प्रोडक्ट्स एंड सर्विसेज लिमिटेड के नाम से संस्था संचालित है। छात्राओं के अनुसार इसमें कंप्यूटर से जुड़ी आईटी व एजुकेशन, हेल्थ आदि की शिक्षा देने की बात कही जाती है। लेकिन कंप्यूटर सिखाने के नाम पर मात्र खाना पूर्ति ही की जाती है।
विज्ञापन
इसके एवज में नौ हजार से लेकर ग्यारह हजार रुपये तक प्रत्येक छात्रा से लिया जा रहा। संस्था में प्रवेश लेने वाली राधिका, रीमा, प्रियंका, नीतू राव, संध्या, रीना, रूबी, पूनम आदि ने बताया कि संस्था के लोग पहले केवल सौ रुपये में फार्म भरवाकर शिक्षा देने की बात करते हैं।
विज्ञापन
प्रशिक्षित होने पर दो माह बाद हजारों रुपये कमाने का झांसा देते हैं। लेकिन जब कुछ दिन बीत जाता है तो नौ से ग्यारह हजार रुपये तक वसूले जाते हैं। जब वेतन की मांग की जाती है तो कहते हैं कि छात्र और छात्राओं का एडमीशन कराओ तो प्रति छात्र तुम्हें 500 रुपये बतौर कमीशन दिए जाएंगे।
छात्राओं का कहना था कि हमें पहले यह बात नहीं बताई गई। ऐसी स्थिति में हमारा धन वापस किया जाय। लेकिन संस्थान के लोग रुपये देने पर राजी नहीं हुए। इसकी शिकायत छात्राओं ने पुलिस से की। पुलिस ने संस्थान पर दो दिन पूर्व छापा मारकर चार लोगों को हिरासत में लिया। लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
इससे नाराज छात्राओं ने शनिवार को चक्काजाम कर दिया। तहसीलदार रामभेज व कोतवाल हवलदार सिंह यादव ने मौके पर जाकर छात्राओं को जाँच के बाद रुपया दिलाने का भरोसा दिलाया। तब जाकर चक्काजाम समाप्त हुआ। उधर तहसीलदार ने बताया कि जिस संस्था की ये लड़कियां है,ं वहां मौके पर जांच की गई तो आज भी क्लास चलता हुआ पाया गया। फिर भी जांच कर रहे हैं।