शिक्षकों के विरोध पर प्रशासन के तेवर ढीले
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जिले में प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता एवं अध्यापकों की अनुपस्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने गत दिनों रतनपुरा एवं परदहां ब्लाक में मजिस्ट्रेट की तैनाती कर चेकिंग कराई थी। इसमें एक मई को जिलाधिकारी ने दोनों ब्लाकों के 110 अध्यापकों पर निलंबन की कार्रवाई की थी।
जिलाधिकारी के इस बड़ी कार्रवाई पर अगले दिन शिक्षकों ने कड़ा विरोध जताया। यही नहीं शिक्षकों ने बीएसए का घेराव किया। शिक्षकों के साथ ही जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने बीएसए का भी 10 दिन का वेतन काटा था। साथ ही दोनों ब्लाकों के शिक्षा अधिकारियों का भी 15 दिन का वेतन काटा गया था।
शिक्षकों के विरोध के बाद किन्हीं कारणों से 52 शिक्षकों का निलंबन किसी प्रकार वापस ले लिया गया। जिला प्रशासन का इस संबंध में कहना है कि साफ सफाई सहित हैंडपंप आदि की मामूली शिकायत मिलने पर अन्य शिक्षकों को सिर्फ कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्णय लिया गया है।
जबकि 58 शिक्षकों को निलंबित किया गया है। शिक्षक हैं कि इस पूरी प्रक्रिया का ठीकरा बीएसए पर मढ़ रहे हैं। जबकि विभाग अपना गला छुड़ा रहा है। लेकिन सूची क्यों नहीं सार्वजनिक कर रहा है इसे लेकर अभी भी ऊहापोह है।