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Mau News: पुराने राजमार्ग को फोरलेन बनाने के लिए चौथी बार भेजी कार्ययोजना
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नगर के गाजीपुर तिराहा से भीटी जाने वाले रास्ते पर जाम के कारण लगी वाहनों की लंबी कतार। फाइल फोट
मऊ। इस बार लगातार चौथी बार लोक निर्माण विभाग ने शहर से गुजरने वाले पुराना राजमार्ग को फोरलेन बनाने की कार्ययोजना भेजी है, इस बार 300 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने की संभावना है। विभाग के मुख्यालय ने बीते महीने हुई बैठक में स्पष्ट कर दिया था कि, बीते साल की जिन कार्ययोजनाओं को मंजूरी नहीं मिल पाई थी, उन्हें इस बार सूची में शामिल कर लिया जाएगा।
मंजूरी मिलने पर आधा हिस्सा 150 करोड़ रुपये से प्रांतीय खंड और आधा हिस्सा 150 करोड़ रुपये से निर्माण खंड काम कराएगा। जिले के औद्योगिक क्षेत्र ताजोपुर से कोपागंज जाने वाला पुराने स्टेट हाईवे 10 लाख की आबादी के लिए मुसीबत बना है। मऊ शहर के बीच होने से हाईवे पर दिनभर वाहनों का दबाव रहता है। बलिया मोड़ से डुमराव मोड़ तक लगभग 7 किमी तक रोजाना जाम लगा रहता है।
इसी रास्ते पर जिला अस्पताल, कलेक्ट्रेट, दीवानी न्यायालय, सदर तहसील, अफसर कॉलोनी है। बीते चार साल में लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड की ओर से फोरलेन बनाने के लिए 3 बार प्रस्ताव भेजा चुका है, लेकिन शासन स्तर से मंजूरी नहीं मिल रही है। 17.6 किमी पुराने स्टेट हाईवे को फोरलेन बनाए जाने की मांग वर्ष 2018 से उठ रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रांतीय खंड द्वारा 250 करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया था। जबकि वित्तीय वर्ष 2023-24 में सड़क को 20 मीटर चौड़ा बनाने के लिए 234.29 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था। इस बार भी कार्ययोजना में शामिल किया गया है।
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पुराने हाईवे को 20 मीटर चौड़ा करने के साथ ही तमसा नदी पर एक नए पुल और मऊ इंदारा रेलवे लाइन पर बने फ्लाईओवर के समानांतर एक और फ्लाईओवर का निर्माण कराने की योजना है। तमसा नदी पर पुल के निर्माण पर 42 करोड़ रुपये, जबकि फ्लाईओवर निर्माण में 12.50 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
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मंजूरी मिलने पर आधा हिस्सा 150 करोड़ रुपये से प्रांतीय खंड और आधा हिस्सा 150 करोड़ रुपये से निर्माण खंड काम कराएगा। जिले के औद्योगिक क्षेत्र ताजोपुर से कोपागंज जाने वाला पुराने स्टेट हाईवे 10 लाख की आबादी के लिए मुसीबत बना है। मऊ शहर के बीच होने से हाईवे पर दिनभर वाहनों का दबाव रहता है। बलिया मोड़ से डुमराव मोड़ तक लगभग 7 किमी तक रोजाना जाम लगा रहता है।
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इसी रास्ते पर जिला अस्पताल, कलेक्ट्रेट, दीवानी न्यायालय, सदर तहसील, अफसर कॉलोनी है। बीते चार साल में लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड की ओर से फोरलेन बनाने के लिए 3 बार प्रस्ताव भेजा चुका है, लेकिन शासन स्तर से मंजूरी नहीं मिल रही है। 17.6 किमी पुराने स्टेट हाईवे को फोरलेन बनाए जाने की मांग वर्ष 2018 से उठ रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रांतीय खंड द्वारा 250 करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया था। जबकि वित्तीय वर्ष 2023-24 में सड़क को 20 मीटर चौड़ा बनाने के लिए 234.29 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था। इस बार भी कार्ययोजना में शामिल किया गया है।
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पुराने हाईवे को 20 मीटर चौड़ा करने के साथ ही तमसा नदी पर एक नए पुल और मऊ इंदारा रेलवे लाइन पर बने फ्लाईओवर के समानांतर एक और फ्लाईओवर का निर्माण कराने की योजना है। तमसा नदी पर पुल के निर्माण पर 42 करोड़ रुपये, जबकि फ्लाईओवर निर्माण में 12.50 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।