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बच्चों के विवाद में अधेड़ की हत्या
Mau
Updated Fri, 29 Mar 2013 05:31 AM IST
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रतनपुरा/हलधरपुर। ठैंचा गांव में बुधवार को खून की होली खेली गई। मोहन राजभर का बच्चों के विवाद में हस्तक्षेप करना महंगा पड़ा। शिकायत पर पहुंचे परिजनों ने लाठी-डंडे से पीटकर मोहन की हत्या कर दी। इस दौरान दो पक्षों में हुई मारपीट में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल भी हो गए। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। मोहन के पुत्र की तहरीर पर गांव के ही सात लोगों को नामजद किया गया है। भूमि विवाद को लेकर पुरानी रंजिश भी कारण माना जा रहा है।
मोहन राजभर पुत्र चित्तू राजभर ठैंचा चट्टी पर मिठाई की दुकान बंद कर घर आ रहा था। रास्ते में गांव के कुछ बच्चे तू-तू मैं-मैं कर रहे थे। वह उन्हें शांत कराने का प्रयास करने लगा। इसी दौरान उसकी कुछ बच्चों से तकझक हो गई। नाराज बच्चे घर पहुंचकर परिजनों से शिकायत की। परिजन लाठी-डंडे से लैस होकर मोहन के घर पर पहुंचे। दोनों पक्षों में पहले कहासुनी हुई फिर मामला मारपीट तक पहुंच गया और जमकर ईंट-पत्थर चलने लगे। हमलावरों ने मोहन (45), उसके पुत्र शेषनाथ राजभर, भतीजा शर्मा पुत्र लेढ़ा, सुनील पुत्र रामप्रवेश, पत्नी रीना, माता गोनिया आदि को पीटकर घायल कर दिया। दर्जनों की संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने गंभीर रूप से घायल मोहन राजभर को जिला अस्पताल ले जा रहे थे कि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। सूचना पर क्षेत्राधिकारी वंशीधर मिश्रा सहित थानाध्यक्ष पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। साथ ही घायलों को दवा इलाज भी कराया। शेषनाथ की तहरीर पर कमला, गुलाब, रामअवध, नौमी, रामबली, संजय, मुन्ना सहित सात के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। बताया जाता है कि हत्यारोपियों में एक का संबंध एक जनप्रतिनिधि माफिया से है। इसके चलते गांव में आए दिन तनाव की स्थिति बन जाती है।
बेटे की शादी के पहले ही उठी अर्थी
मोहन राजभर के एकलौते पुत्र शेषनाथ की शादी पंद्रह नवंबर को गाजीपुर जिले में तय थी। पिता ने बड़े अरमान के साथ बेटे को दूल्हा बनते देखने का सपना संजोया था लेकिन शादी के पहले ही पिता की अर्थी उठ गई। मोहन की चार पुत्रियां भी हैं।
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शोक में ठैंचा बाजार बंद
मिठाई व्यवसायी की हत्या के विरोध में दुकानदारों ने गुरुवार को बाजार बंद रखी। बाजार में ऐहतियात के तौर पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। बाजार में सन्नाटा पसरा रहा।
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मोहन राजभर पुत्र चित्तू राजभर ठैंचा चट्टी पर मिठाई की दुकान बंद कर घर आ रहा था। रास्ते में गांव के कुछ बच्चे तू-तू मैं-मैं कर रहे थे। वह उन्हें शांत कराने का प्रयास करने लगा। इसी दौरान उसकी कुछ बच्चों से तकझक हो गई। नाराज बच्चे घर पहुंचकर परिजनों से शिकायत की। परिजन लाठी-डंडे से लैस होकर मोहन के घर पर पहुंचे। दोनों पक्षों में पहले कहासुनी हुई फिर मामला मारपीट तक पहुंच गया और जमकर ईंट-पत्थर चलने लगे। हमलावरों ने मोहन (45), उसके पुत्र शेषनाथ राजभर, भतीजा शर्मा पुत्र लेढ़ा, सुनील पुत्र रामप्रवेश, पत्नी रीना, माता गोनिया आदि को पीटकर घायल कर दिया। दर्जनों की संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने गंभीर रूप से घायल मोहन राजभर को जिला अस्पताल ले जा रहे थे कि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। सूचना पर क्षेत्राधिकारी वंशीधर मिश्रा सहित थानाध्यक्ष पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। साथ ही घायलों को दवा इलाज भी कराया। शेषनाथ की तहरीर पर कमला, गुलाब, रामअवध, नौमी, रामबली, संजय, मुन्ना सहित सात के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। बताया जाता है कि हत्यारोपियों में एक का संबंध एक जनप्रतिनिधि माफिया से है। इसके चलते गांव में आए दिन तनाव की स्थिति बन जाती है।
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बेटे की शादी के पहले ही उठी अर्थी
मोहन राजभर के एकलौते पुत्र शेषनाथ की शादी पंद्रह नवंबर को गाजीपुर जिले में तय थी। पिता ने बड़े अरमान के साथ बेटे को दूल्हा बनते देखने का सपना संजोया था लेकिन शादी के पहले ही पिता की अर्थी उठ गई। मोहन की चार पुत्रियां भी हैं।
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शोक में ठैंचा बाजार बंद
मिठाई व्यवसायी की हत्या के विरोध में दुकानदारों ने गुरुवार को बाजार बंद रखी। बाजार में ऐहतियात के तौर पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। बाजार में सन्नाटा पसरा रहा।