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सहकारी बैंक की दो करोड़ की क्रेडिट लिमिट पास
Mau
Updated Wed, 25 Jul 2012 12:00 PM IST
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मऊ। सहकारी बैंक के लिए शासन को भेजी गई क्रेडिट लिमिट के लिए दो करोड़ रुपये पास कर दिए गए हैं। इसके बाद अब जिले की 92 सहकारी समितियों पर उर्वरक भेजने के लिए विभाग ने कवायद तेज कर दिया है। उपलब्धता के मुताबिक समितियों पर खाद भी भेजे जाने लगी है। किसानों को दर-दर नहीं भटकना पड़ेगा।
जिले मेें सहकारी बैंक की क्रेडिट पास नहीं होने पर समितियों क ो उर्वरक देने पर रोक लगा दी गई थी। ऐसे में किसान खाद के लिए काफी परेशान हो गए थे। मजबूरन किसानों को प्राइवेट दुकानोें से खाद लेना पड़ रहा था। शासन को भेजे गए क्रे डिट लिमिट को मंजूरी मिल गई है। दो करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने के बाद खाद भी समितियों को मिलने लगी है। 18 हजार बोरी यूरिया की उपलब्धता सहकारिता के पास है। इसे सभी 92 सहकारी समितियों पर भेजा जाना है। जिला सहायक निबंधक आरपी सक्सेना का कहना है कि लिमिट पास नहीं होने की स्थिति मेें खाद समितियों पर नहीं थी। उर्वरक की उपलब्धता पूरी है। इसे समितियों पर पहुंचाया जा रहा है। वितरण पर भी पूरी नजर रखी जा रही है। प्रभारियों को सख्त हिदायत दी गई है उर्वरक वितरण में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए।
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जिले मेें सहकारी बैंक की क्रेडिट पास नहीं होने पर समितियों क ो उर्वरक देने पर रोक लगा दी गई थी। ऐसे में किसान खाद के लिए काफी परेशान हो गए थे। मजबूरन किसानों को प्राइवेट दुकानोें से खाद लेना पड़ रहा था। शासन को भेजे गए क्रे डिट लिमिट को मंजूरी मिल गई है। दो करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने के बाद खाद भी समितियों को मिलने लगी है। 18 हजार बोरी यूरिया की उपलब्धता सहकारिता के पास है। इसे सभी 92 सहकारी समितियों पर भेजा जाना है। जिला सहायक निबंधक आरपी सक्सेना का कहना है कि लिमिट पास नहीं होने की स्थिति मेें खाद समितियों पर नहीं थी। उर्वरक की उपलब्धता पूरी है। इसे समितियों पर पहुंचाया जा रहा है। वितरण पर भी पूरी नजर रखी जा रही है। प्रभारियों को सख्त हिदायत दी गई है उर्वरक वितरण में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए।
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