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खुदा की राह में दी कुर्बानी, मांगी अमन-चैन की दुआ
Mau
Updated Thu, 17 Oct 2013 05:39 AM IST
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मऊ। ईद-उल-अजहा की नमाज बुधवार को अदा की गई। अल्लाह की इबादत कर लोगों ने अमन और सलामती की दुआ मांगी। दिलों में पनप रही नफरतों को खत्म करने के लिए दोनों समुदाय के लोगों ने आपसी भाईचारे का मिसाल पेश किया है। सौहार्द और प्रेम का संदेश देकर एक दूसरे को सेवईयां खिलाई। खुदा की राह में कुर्बानी भी दी गई। शाही कटरा, ईदगाह और मस्जिदों में शीश झुकाकर मुसलिम समाज के लोगों ने दुआ की।
ईद-उल-अजहा (बकरीद) के पर्व को लेकर लोगों में काफी उत्साह रहा। इसके लिए कई दिनों से तैयारी चल रही थी। शाही कटरा, ईदगाह, मलिकताहिरपुरा, मस्जिद सिंधी कालोनी, मस्जिद रेलवे, छित्तनपुरा, अस्तूपुर सहित विभिन्न मस्जिदों में नमाज अदा की गई। मासूमों ने भी गले मिलकर खुशियाें का इजहार किया। मान्यता है कि बकरीद के दिन अपने किसी ‘अजीज’ की कुर्बानी दी जाती है। इसका अर्थ है कि अल्लाह का हुक्म सर आंखों पर। मुहम्मदाबाद गोहना, घोसी, मधुबन, दोहरीघाट, रतनपुरा, रानीपुर, अमिला, करहां प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के विभिन्न मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा की गई। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिल बधाई दी। इस दौरान सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त थे।
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ईद-उल-अजहा (बकरीद) के पर्व को लेकर लोगों में काफी उत्साह रहा। इसके लिए कई दिनों से तैयारी चल रही थी। शाही कटरा, ईदगाह, मलिकताहिरपुरा, मस्जिद सिंधी कालोनी, मस्जिद रेलवे, छित्तनपुरा, अस्तूपुर सहित विभिन्न मस्जिदों में नमाज अदा की गई। मासूमों ने भी गले मिलकर खुशियाें का इजहार किया। मान्यता है कि बकरीद के दिन अपने किसी ‘अजीज’ की कुर्बानी दी जाती है। इसका अर्थ है कि अल्लाह का हुक्म सर आंखों पर। मुहम्मदाबाद गोहना, घोसी, मधुबन, दोहरीघाट, रतनपुरा, रानीपुर, अमिला, करहां प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के विभिन्न मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा की गई। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिल बधाई दी। इस दौरान सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त थे।
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