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Mau News: 2.96 करोड़ रुपये की साड़ी चोरी मामले में गैंगस्टर के परिजनों के बैंक खाते में जमा 83.90 लाख जब्त
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जिलाधिकारी के आदेश पर मऊ कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को गैंगस्टर होजैफा नसीम द्वारा आपराधिक तरीके से कमाए गए 83.90 लाख रुपये जब्त कर लिया। इसने अपने परिजनों के नाम से अलग अलग बैंकों में ये राशि जमा कराई थी।
बीते 5 दिसंबर को पुलिस ने चोर गिरोह के सरगना कासिमपुरा निवासी होजैफा नसीम, उसके पिता नसीम अहमद उर्फ कोठा, भाई हारिस और डोमनपुरा निवासी साहब अहमद, दक्षिण टोला थाना के नवापुरा निवासी मोहम्मद आमिर, हमीनपुरा पश्चिम निवासी मोहम्मद उमर के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट लगाया गया था। इनपर साड़ी की दुकान और गोदाम से 2.96 करोड़ रुपये की साड़ियां चोरी करने का आरोप सिद्ध हुआ था।
साड़ी की दुकान पर सेल्समैन का काम करने वाले हुजैफा को आठ हजार रुपये वेतन मिलता था, लेकिन वो बैंक से लाखों में लेनदेन करता था। थाना कोतवाली के न्याज मोहम्मदपुरा निवासी साड़ी दुकान मालिक अफजाल की तहरीर पर बीते 12 फरवरी को होजैफा नसीम के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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होजैफा सात साल से दुकान पर काम करता था। काफी समय से बिना जानकारी के दुकान और गोदामों से साड़ियां निकालकर अपने ठिकाने पर जमा करता था। 13 फरवरी को आरोपी होजैफा नसीम और साहब अहमद को पुलिस ने बंधा रोड से गिरफ्तार किया था।
उसकी निशानदेही पर दोस्त मोहम्मद आमिर के घर 34 बोरियों में रखी 3344 साड़ियां और साहव अहमद के घर में चार बोरे में रखी 275 साड़ियां बरामद हुई थी। इन साड़ियों की कीमत 20.64 लाख रुपये थी।
दुकान मालिक का आरोप था कि पांच व्यवसायिक फर्मों से गिरोह ने 2.96 करोड़ रुपये की साड़ियां चोरी करके बेच दी। जेल से जमानत पर छूटने के बाद मुकदमा वापस लेने के लिए दुकान मालिक को धमकी दी थी।
इस मामले में भी प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जो न्यायालय में विचाराधीन है। सरगना होजैफा नसीम चोरी की अवैध धनराशि को छुपाने और इकट्ठा करने के लिए कामरान असरफ के बैंक खाते चेकों पर फर्जी हस्ताक्षर कर फरवरी और मार्च 2025 में 30.84 लाख रुपये की अवैध निकासी की गई।
पता चलने पर कामरान असरफ ने एक सितंबर को तहरीर देकर आरोप लगाया कि सरकारी योजना का लाभ दिलाने का झांसा देकर उसका खाता बंधन बैंक में खुलवाया था।
संगठित रूप से साजिश कर उस खाते में चोरी की धनराशि जमा की और बाद में उसके चेक पर जालसाजी कर उपरोक्त धनराशि निकाल ली गई। इस मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस जांच में होजैफा द्वारा खुद के और परिजनों के बैंक खाता में 63.50 लाख रुपये की अवैध संपत्ति छिपाई जाने की पुष्टि हुई थी।
बड़ी बहन के नाम जमा कराया था सबसे अधिक रूपये
गैंगस्टर होजैफा ने अपनी बहन के नाम कोपागंज स्थित इंडसइंड बैंक में 31,64,265 रुपये एफडी, बचत खाता में 1,26,255 रुपये जमा कराया था। दूसरी बहन नाम सदर चौक स्थित बंधन बैंक में 17 लाख रुपये एफडी जमा किया था। इसी बैंक में तीसरी बहन के नाम से 13 लाख रुपये एफडी, इसी बैंक मे मां के नाम से 21 लाख रुपये एफडी जमा कराया था।
धनराशि को गैंगेस्टर ताहत जब्त किए जाने के लिए 29 दिसंबर को जिलाधिकारी द्वारा रिपोर्ट दी गयी थी। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जिलाधिकारी धनराशि राज्य सरकार के पक्ष में जब्त किया गया है।
- अनूप कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक, मऊ
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बीते 5 दिसंबर को पुलिस ने चोर गिरोह के सरगना कासिमपुरा निवासी होजैफा नसीम, उसके पिता नसीम अहमद उर्फ कोठा, भाई हारिस और डोमनपुरा निवासी साहब अहमद, दक्षिण टोला थाना के नवापुरा निवासी मोहम्मद आमिर, हमीनपुरा पश्चिम निवासी मोहम्मद उमर के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट लगाया गया था। इनपर साड़ी की दुकान और गोदाम से 2.96 करोड़ रुपये की साड़ियां चोरी करने का आरोप सिद्ध हुआ था।
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साड़ी की दुकान पर सेल्समैन का काम करने वाले हुजैफा को आठ हजार रुपये वेतन मिलता था, लेकिन वो बैंक से लाखों में लेनदेन करता था। थाना कोतवाली के न्याज मोहम्मदपुरा निवासी साड़ी दुकान मालिक अफजाल की तहरीर पर बीते 12 फरवरी को होजैफा नसीम के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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होजैफा सात साल से दुकान पर काम करता था। काफी समय से बिना जानकारी के दुकान और गोदामों से साड़ियां निकालकर अपने ठिकाने पर जमा करता था। 13 फरवरी को आरोपी होजैफा नसीम और साहब अहमद को पुलिस ने बंधा रोड से गिरफ्तार किया था।
उसकी निशानदेही पर दोस्त मोहम्मद आमिर के घर 34 बोरियों में रखी 3344 साड़ियां और साहव अहमद के घर में चार बोरे में रखी 275 साड़ियां बरामद हुई थी। इन साड़ियों की कीमत 20.64 लाख रुपये थी।
दुकान मालिक का आरोप था कि पांच व्यवसायिक फर्मों से गिरोह ने 2.96 करोड़ रुपये की साड़ियां चोरी करके बेच दी। जेल से जमानत पर छूटने के बाद मुकदमा वापस लेने के लिए दुकान मालिक को धमकी दी थी।
इस मामले में भी प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जो न्यायालय में विचाराधीन है। सरगना होजैफा नसीम चोरी की अवैध धनराशि को छुपाने और इकट्ठा करने के लिए कामरान असरफ के बैंक खाते चेकों पर फर्जी हस्ताक्षर कर फरवरी और मार्च 2025 में 30.84 लाख रुपये की अवैध निकासी की गई।
पता चलने पर कामरान असरफ ने एक सितंबर को तहरीर देकर आरोप लगाया कि सरकारी योजना का लाभ दिलाने का झांसा देकर उसका खाता बंधन बैंक में खुलवाया था।
संगठित रूप से साजिश कर उस खाते में चोरी की धनराशि जमा की और बाद में उसके चेक पर जालसाजी कर उपरोक्त धनराशि निकाल ली गई। इस मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस जांच में होजैफा द्वारा खुद के और परिजनों के बैंक खाता में 63.50 लाख रुपये की अवैध संपत्ति छिपाई जाने की पुष्टि हुई थी।
बड़ी बहन के नाम जमा कराया था सबसे अधिक रूपये
गैंगस्टर होजैफा ने अपनी बहन के नाम कोपागंज स्थित इंडसइंड बैंक में 31,64,265 रुपये एफडी, बचत खाता में 1,26,255 रुपये जमा कराया था। दूसरी बहन नाम सदर चौक स्थित बंधन बैंक में 17 लाख रुपये एफडी जमा किया था। इसी बैंक में तीसरी बहन के नाम से 13 लाख रुपये एफडी, इसी बैंक मे मां के नाम से 21 लाख रुपये एफडी जमा कराया था।
धनराशि को गैंगेस्टर ताहत जब्त किए जाने के लिए 29 दिसंबर को जिलाधिकारी द्वारा रिपोर्ट दी गयी थी। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जिलाधिकारी धनराशि राज्य सरकार के पक्ष में जब्त किया गया है।
- अनूप कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक, मऊ